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mptransportnewsमध्यप्रदेश पुलिस परिवहन शोध संस्थान द्वारा वाहन बीमा संबंधी एडवाइजरी जारी

burhanpurbreakingnews बुरहानपुर में SIR के काम में लापरवाही बरतने पर एक्शन

mptransportnewsबुरहानपुर/ 22 नवम्बर, 2025/- पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों में वाहन बीमा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे जुड़ी आर्थिक एवं कानूनी जटिलताओं में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यह सलाह नागरिकों की सुरक्षा और हितों को केंद्र में रखकर तैयार की गई है।

वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

बिना बीमा वाहन चलाने के कानूनी और वित्तीय दुष्परिणाम

पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि

1. किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988)

2. बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

5. किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बीमित वाहन की जानकारी मांग किए जाने पर वाहन स्वामी चालक जानकारी उपलब्ध करायेगा। सड़क दुघर्टना घटित होने की दशा में यदि कोई पुलिस अधिकारी उपस्थित नहीं है, तो घटना की जानकारी निकटतम पुलिस थाने को यथासंभव शीघ्र तथा हर दशा में घटना के पश्चात चौबीस घंटे के अंदर देगा।

मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वाहन बीमा समय पर अवश्य करवाएँ। दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा ही आपको कानूनी, आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करता है।

मध्यप्रदेश पुलिस का संदेश है कि आपकी हर यात्रा सुरक्षित रहे।

वाहन बीमा सिर्फ कानूनी दायित्व ही नहीं अपितु सुरक्षित यात्रा की अनिवार्य शर्त व सामाजिक जिम्मेदारी भी है। समय-समय पर बीमा का नवीनीकरण और अद्यतन दस्तावेज रखना ज़रूरी है।

burhanpurnewsएसआईआर कार्य में प्रगति नहीं मिलने पर 5 नोडल अधिकारी, 5 बीएलओ सुपरवाईजर एवं 7 बीएलओ को कारण बताओ सूचना पत्र जारी

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वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

बिना बीमा वाहन चलाने के कानूनी और वित्तीय दुष्परिणाम

पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि

1. किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988)

2. बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

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वाहन बीमा सिर्फ कानूनी दायित्व ही नहीं अपितु सुरक्षित यात्रा की अनिवार्य शर्त व सामाजिक जिम्मेदारी भी है। समय-समय पर बीमा का नवीनीकरण और अद्यतन दस्तावेज रखना ज़रूरी है।

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वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

बिना बीमा वाहन चलाने के कानूनी और वित्तीय दुष्परिणाम

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1. किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988)

2. बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

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मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वाहन बीमा समय पर अवश्य करवाएँ। दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा ही आपको कानूनी, आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करता है।

मध्यप्रदेश पुलिस का संदेश है कि आपकी हर यात्रा सुरक्षित रहे।

वाहन बीमा सिर्फ कानूनी दायित्व ही नहीं अपितु सुरक्षित यात्रा की अनिवार्य शर्त व सामाजिक जिम्मेदारी भी है। समय-समय पर बीमा का नवीनीकरण और अद्यतन दस्तावेज रखना ज़रूरी है।

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वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

बिना बीमा वाहन चलाने के कानूनी और वित्तीय दुष्परिणाम

पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि

1. किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988)

2. बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

5. किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बीमित वाहन की जानकारी मांग किए जाने पर वाहन स्वामी चालक जानकारी उपलब्ध करायेगा। सड़क दुघर्टना घटित होने की दशा में यदि कोई पुलिस अधिकारी उपस्थित नहीं है, तो घटना की जानकारी निकटतम पुलिस थाने को यथासंभव शीघ्र तथा हर दशा में घटना के पश्चात चौबीस घंटे के अंदर देगा।

मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वाहन बीमा समय पर अवश्य करवाएँ। दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा ही आपको कानूनी, आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करता है।

मध्यप्रदेश पुलिस का संदेश है कि आपकी हर यात्रा सुरक्षित रहे।

वाहन बीमा सिर्फ कानूनी दायित्व ही नहीं अपितु सुरक्षित यात्रा की अनिवार्य शर्त व सामाजिक जिम्मेदारी भी है। समय-समय पर बीमा का नवीनीकरण और अद्यतन दस्तावेज रखना ज़रूरी है।

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वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

बिना बीमा वाहन चलाने के कानूनी और वित्तीय दुष्परिणाम

पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि

1. किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988)

2. बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

5. किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बीमित वाहन की जानकारी मांग किए जाने पर वाहन स्वामी चालक जानकारी उपलब्ध करायेगा। सड़क दुघर्टना घटित होने की दशा में यदि कोई पुलिस अधिकारी उपस्थित नहीं है, तो घटना की जानकारी निकटतम पुलिस थाने को यथासंभव शीघ्र तथा हर दशा में घटना के पश्चात चौबीस घंटे के अंदर देगा।

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वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

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3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

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mptransportnewsबुरहानपुर/ 22 नवम्बर, 2025/- पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों में वाहन बीमा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे जुड़ी आर्थिक एवं कानूनी जटिलताओं में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यह सलाह नागरिकों की सुरक्षा और हितों को केंद्र में रखकर तैयार की गई है।

वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

बिना बीमा वाहन चलाने के कानूनी और वित्तीय दुष्परिणाम

पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि

1. किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988)

2. बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

5. किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बीमित वाहन की जानकारी मांग किए जाने पर वाहन स्वामी चालक जानकारी उपलब्ध करायेगा। सड़क दुघर्टना घटित होने की दशा में यदि कोई पुलिस अधिकारी उपस्थित नहीं है, तो घटना की जानकारी निकटतम पुलिस थाने को यथासंभव शीघ्र तथा हर दशा में घटना के पश्चात चौबीस घंटे के अंदर देगा।

मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वाहन बीमा समय पर अवश्य करवाएँ। दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा ही आपको कानूनी, आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करता है।

मध्यप्रदेश पुलिस का संदेश है कि आपकी हर यात्रा सुरक्षित रहे।

वाहन बीमा सिर्फ कानूनी दायित्व ही नहीं अपितु सुरक्षित यात्रा की अनिवार्य शर्त व सामाजिक जिम्मेदारी भी है। समय-समय पर बीमा का नवीनीकरण और अद्यतन दस्तावेज रखना ज़रूरी है।

burhanpurnewsएसआईआर कार्य में प्रगति नहीं मिलने पर 5 नोडल अधिकारी, 5 बीएलओ सुपरवाईजर एवं 7 बीएलओ को कारण बताओ सूचना पत्र जारी

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mptransportnewsबुरहानपुर/ 22 नवम्बर, 2025/- पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों में वाहन बीमा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। हाल के वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे जुड़ी आर्थिक एवं कानूनी जटिलताओं में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए यह सलाह नागरिकों की सुरक्षा और हितों को केंद्र में रखकर तैयार की गई है।

वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

बिना बीमा वाहन चलाने के कानूनी और वित्तीय दुष्परिणाम

पुलिस परिवहन शोध संस्थान ने एडवाइजरी में स्पष्ट किया है कि

1. किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988)

2. बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

5. किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बीमित वाहन की जानकारी मांग किए जाने पर वाहन स्वामी चालक जानकारी उपलब्ध करायेगा। सड़क दुघर्टना घटित होने की दशा में यदि कोई पुलिस अधिकारी उपस्थित नहीं है, तो घटना की जानकारी निकटतम पुलिस थाने को यथासंभव शीघ्र तथा हर दशा में घटना के पश्चात चौबीस घंटे के अंदर देगा।

मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वाहन बीमा समय पर अवश्य करवाएँ। दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा ही आपको कानूनी, आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करता है।

मध्यप्रदेश पुलिस का संदेश है कि आपकी हर यात्रा सुरक्षित रहे।

वाहन बीमा सिर्फ कानूनी दायित्व ही नहीं अपितु सुरक्षित यात्रा की अनिवार्य शर्त व सामाजिक जिम्मेदारी भी है। समय-समय पर बीमा का नवीनीकरण और अद्यतन दस्तावेज रखना ज़रूरी है।

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वाहन बीमा क्यों अनिवार्य है-
1. मानसिक शांति- बीमित वाहन के साथ यात्रा अधिक सुरक्षित और निश्चिंत होती है। आकस्मिक घटना की स्थिति में बीमा एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

2. दुर्घटना में आर्थिक सुरक्षा- सड़क दुर्घटना होने पर वाहन मरम्मत, अस्पताल उपचार और अन्य खर्च अत्यधिक हो सकते हैं। बीमा इन भारी खर्चों का बोझ कम करता है तथा वाहन स्वामी को आर्थिक संकट से बचाता है।

3. थर्ड पार्टी दायित्वों की भरपाई- दुर्घटना में किसी व्यक्ति को चोट लगने, मृत्यु होने अथवा संपत्ति नुकसान की स्थिति में थर्ड पार्टी बीमा बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में संपूर्ण आर्थिक दायित्व बीमा कंपनी वहन करती है, जिससे वाहन स्वामी पर अतिरिक्त भार नहीं पड़ता।

4. अपने वाहन की (Own Damage) सुरक्षा- सड़क दुर्घटना, आग, प्राकृतिक आपदा, तोड़फोड़ या वाहन चोरी जैसे मामलों में बीमा लाखों रुपये के संभावित नुकसान से बचाव करता है। यह वाहन स्वामी के लिए एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था है।

5. कैशलेस मरम्मत सुविधा नेटवर्क- गैरेज में बिना नगद भुगतान के मरम्मत की सुविधा बीमित वाहन को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदान करती है।

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1. किसी भी मोटरयान को सार्वजनिक स्थान पर प्रयोग करने के लिए वाहन का कम से कम थर्ड पार्टी पक्षकार का बीमा होना आवश्यक है। (धारा 146 मोटरयान अधिनियम 1988)

2. बिना वैध बीमा के वाहन चलाने या चलवाने पर मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 196 के तहत दोपहिया वाहन 1000 रुपये, हल्का यान 3000 रुपये, भारी मध्यम यान पर 5000 रूपये के जुर्माने के अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है।

3. सड़क दुर्घटना होने पर यदि वाहन का बीमा है तो पीड़ित की ओर से दावा होने पर बीमा कंपनी उत्तरदायी होगी। यदि बीमा नहीं है तो दावे की राशि के लिए वाहन स्वामी उत्तरदायी होता है।

4. सड़क दुर्घटना होने पर बीमा संबंधित समस्त जानकारी पीड़ित की ओर से पक्षकार के द्वारा मांगे जाने पर वाहन चालक/स्वामी तत्काल उन्हें उपलब्ध कराएगा।

5. किसी पुलिस अधिकारी द्वारा बीमित वाहन की जानकारी मांग किए जाने पर वाहन स्वामी चालक जानकारी उपलब्ध करायेगा। सड़क दुघर्टना घटित होने की दशा में यदि कोई पुलिस अधिकारी उपस्थित नहीं है, तो घटना की जानकारी निकटतम पुलिस थाने को यथासंभव शीघ्र तथा हर दशा में घटना के पश्चात चौबीस घंटे के अंदर देगा।

मध्यप्रदेश पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वाहन बीमा समय पर अवश्य करवाएँ। दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में बीमा ही आपको कानूनी, आर्थिक और मानसिक सुरक्षा प्रदान करता है।

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