Thursday, July 30, 2026
Burhānpur
light rain
28.4 ° C
28.4 °
28.4 °
83 %
6kmh
100 %
Thu
28 °
Fri
26 °
Sat
28 °
Sun
30 °
Mon
30 °

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest Articles

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisement -

Latest Articles

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles

mpbreakingnewsमध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव 11 जुलाई को इंदौर में

“नेक्‍स्‍ट होराइजन : बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर होगा कॉन्क्लेव

mpbreakingnewsभोपाल : सोमवार, जुलाई 7, 2025,प्रदेश में रीयल एस्टेट की गतिविधियों के विस्तार के लिये नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 11 जुलाई को इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में “मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव” का आयोजन किया जा रहा है। “नेक्‍स्‍ट होराइजन: बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ टुमारो” थीम पर आधारित यह कॉन्क्लेव राज्य के शहरी विकास और निवेश के लिये नए क्षितिज खोलने का माध्यम बनेगा। ‘उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025’ के अंतर्गत इस आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की नगरीय अधोसंरचना को भविष्योन्मुखी बनाना, सतत विकास को गति देना और व्यापक निवेश आकर्षित करना है।

मध्यप्रदेश में निवेश इसलिये

मध्यप्रदेश देश के केन्द्र में रणनीतिक भौगोलिक स्थिति के कारण महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसलिये यहां से आसानी से देश भर से लॉजिस्टिक संपर्क किया जा सकता है। प्रदेश में तेज गति से होता शहरीकरण, विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे शहरों में सशक्त इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है। राज्य में सस्ती भूमि और श्रम, सरल प्रशासनिक प्रक्रियाएं हैं और उद्योगों के लिए अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश में केन्द सरकार की प्रधानमंत्री गति-शक्ति, अमृत 2.0 और स्मार्ट-सिटी जैसी योजनाओं से प्रदेश में समावेशी विकास हो रहा है।

निवेश और विकास के प्रमुख क्षेत्र

प्रदेश में विकास और निवेश शहरी परिवहन (मेट्रो, ई-बस, मल्टीमॉडल हब), किफायती आवास, स्लम पुनर्विकास, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, जलापूर्ति, सीवेज नेटवर्क, झील संरक्षण, डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस, भवन स्वीकृति प्रणाली और स्वच्छ ऊर्जा, हरित भवन, रिन्यूएबल इनफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। निवेशक इन क्षेत्रों में निवेश कर भविष्य में होने वाले लाभ के सहभागी हो सकते हैं।

प्रमुख आगामी अधोसंरचना विकास परियोजनाएँ

मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना, स्मार्ट सिटी के तहत इंटिग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर्स, इंडस्ट्रियल टॉउनशिप्स, न्यू टॉउन डेवलपमेंट प्लान, नगरीय निकायों में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और स्ट्रीट वेंडिंग जोन, शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों का सुदृढ़ीकरण जैसी परियोजनाएं चल रही हैं और कुछ भविष्य के लिए प्रस्तावित हैं।

निवेश को साकार करने हेतु सुदृढ़ इको-सिस्टम

मध्यप्रदेश उद्योग विकास निगम उद्योगों को वन-स्टॉप सुविधा उपलब्ध करा रहा है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर भी संबंधित सेवाएं रियल-टाइम ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेश प्रोत्साहन के दृष्टिकोण से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। निवेशकों के लिए स्पेशल पॉलिसी इंसेंटिव्स भी प्रारंभ किये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश के अलावा विदेश के निवेशकों से भी सघन सम्पर्क स्थापित किये गये हैं। उक्त के दृष्टिगत अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय डेवलपर्स के साथ करार होने की बड़ी संभावनाएं भी हैं।

मध्यप्रदेश ग्रोथ कॉन्क्लेव राज्य को नगरीय पुनर्निर्माण और वैश्विक निवेश के पथ पर अग्रसर करेगा। यह आयोजन न केवल भौतिक अवसंरचना बल्कि डिजिटल, सामाजिक और आर्थिक विकास का भी सशक्त मंच बनेगा। प्रदेश सरकार इस अवसर को नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ने के एक निर्णायक कदम के रूप में देख रही है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -

Latest Articles