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Burhanpur Milk Adulteration Newsदूध के बढ़ते दामों के बीच शुद्धता गायब: बुरहानपुर में उपभोक्ता अधिकार संगठन ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

“पैसे पूरे, फिर मिलावट क्यों?” – बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर मंडराया खतरा, खाद्य सुरक्षा विभाग से सख्त कार्रवाई की अपील

Burhanpur Milk Adulteration Newsबुरहानपुर: एक तरफ जहां आम जनता पर दूध के लगातार बढ़ते दामों की मार पड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ दूध की शुद्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुरहानपुर जिले के बाजारों में दूध के पाउच, डिब्बे और बोतलें धड़ल्ले से बिक रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं को पूरे पैसे चुकाने के बावजूद शुद्ध दूध नसीब नहीं हो रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर उपभोक्ता अधिकार संगठन ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार तिवारी के निर्देश पर जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रीतम महाजन ने शासन और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है।

“पैसे पूरे, फिर दूध में मिलावट क्यों?”

मामले पर चिंता जताते हुए प्रीतम महाजन ने कहा कि पशुपालक तो अपनी ओर से शुद्ध दूध निकालकर डेयरी तक पहुंचाते हैं, लेकिन डेयरी स्तर पर इसमें पानी मिलाना, गाढ़ापन बढ़ाने के लिए रसायन का उपयोग करना और अन्य मिलावट करना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उपभोक्ता बाजार में दूध की पूरी कीमत दे रहा है, तो उसे शुद्ध दूध मिलना उसका मौलिक अधिकार है। आज स्थिति यह हो गई है कि लोग पैसे देकर बीमारियों को घर ला रहे हैं।

बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा

हर घर में सुबह की शुरुआत दूध से होती है। बच्चों के पोषण से लेकर बुजुर्गों की सेहत तक, हर परिवार में दूध का उपयोग सबसे अधिक होता है। ऐसे में मिलावटी और केमिकल युक्त दूध का सेवन गंभीर बीमारियों को न्योता दे रहा है। संगठन का कहना है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है और खाद्य सुरक्षा विभाग मौन बैठा है। विभाग को कागजी कार्रवाई छोड़कर जमीनी स्तर पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

उपभोक्ता अधिकार संगठन की प्रमुख मांगें:

  1. उच्च स्तरीय जांच: वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले की सभी डेयरियों, पैकेजिंग इकाइयों और सप्लाई चेन की निष्पक्ष व अचानक जांच की जाए।

  2. लैब क्वालिटी टेस्ट: खुले में बिक रहे दूध, पाउच, डिब्बों और बोतलों के रैंडम सैंपल लेकर तुरंत सरकारी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएं।

  3. दोषियों पर सख्त कार्रवाई: मिलावटखोरी के इस काले कारोबार में शामिल डेयरी संचालकों और विक्रेताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बंद हो सके।

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