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डेढ़ दशक से काम न मिलने से नाराज हैं प्रदेश के ग्राम पटेल; मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी, प्रदेश अध्यक्ष राजेश पटेल ने दी हुंकार
Madhya Pradesh Gram Patel Newsबुरहानपुर:मध्य प्रदेश में राजस्व, ग्रामीण विकास और पुलिस विभाग द्वारा हर गांव में नियुक्त किए जाने वाले ग्राम पटेलों से पिछले डेढ़ दशक से कोई भी शासकीय कार्य नहीं लिए जा रहे हैं, जिससे प्रदेशभर के ग्राम पटेलों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी नाराजगी के चलते मध्य प्रदेश के ग्राम पटेलों ने न्याय की आस में जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर हाईकोर्ट की शरण ली है। इसी सिलसिले में बुरहानपुर जिले के ग्राम पटेल कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी देते हुए प्रशासन को अपनी मांगों से अवगत कराया।
हाईकोर्ट में दायर की गई हैं महत्वपूर्ण याचिकाएं
ग्राम पटेल संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि ग्राम पटेलों के वारिसों की नियुक्ति को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। वहीं, इंदौर खंडपीठ में महाराष्ट्र राज्य की तर्ज पर ग्राम पटेलों को उचित मानदेय भुगतान देने की मांग को लेकर याचिका दायर है। इसके अलावा, ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में ग्राम पटेलों को उनके अधिकार और कर्तव्य कराए जाने को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसी आदेश की प्रति और जानकारी देने के लिए बुरहानपुर जिले के 250 से अधिक ग्राम पटेलों के प्रतिनिधि कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
सरकार को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
बुरहानपुर पहुंचे मप्र ग्राम पटेल संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पटेल ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर संज्ञान नहीं लिया और प्रशासनिक स्तर पर कार्य बहाल नहीं किए, तो वे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर शासन की योजनाओं और कानून व्यवस्था में पटेलों की भूमिका बेहद अहम रही है, लेकिन लंबे समय से उनकी अनदेखी की जा रही है, जिसे अब और सहन नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने पटेलों की बात को गंभीरता से सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान बुरहानपुर जिले के तमाम ग्राम पटेल और संघ के अन्य प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




