प्रतिदिन 4 क्विंटल उत्पादन और 45 लाख रुपये का सालाना मुनाफा, 15-20 लोगों को दिया रोजगार
Success Storyबुरहानपुर:कभी किसी होटल में मामूली काम करने के साथ छोटे स्तर पर केला चिप्स बनाकर बेचने वाले बुरहानपुर निवासी योगेश महाजन आज जिले के साथ-साथ पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल बन चुके हैं। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) ने उनके छोटे से कारोबार को नया जीवन और पंख देने का काम किया है। कभी सीमित संसाधनों में संघर्ष करने वाले योगेश का व्यवसाय आज ‘मारूती केला चिप्स’ के नाम से देश के कई बड़े राज्यों में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
उद्यानिकी विभाग की सलाह ने बदली किस्मत
योगेश बताते हैं कि वर्ष 2009 में उन्होंने बहुत छोटे पैमाने पर केला चिप्स बनाने की शुरुआत की थी। सीमित पूंजी के कारण व्यापार का विस्तार मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारी उनकी दुकान पर चिप्स खरीदने पहुंचे। अधिकारियों ने उनके काम की गुणवत्ता को देखा और उन्हें ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ के प्रावधानों और सब्सिडी की जानकारी दी। योजना से प्रेरित होकर योगेश ने आर्थिक सहयोग के लिए आवेदन किया, जो उनकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन फैसला साबित हुआ।
आधुनिक मशीनों से प्रतिदिन 4 क्विंटल उत्पादन
पीएमएफएमई योजना के तहत मिले लोन और वित्तीय अनुदान से योगेश ने आधुनिक चिप्स मेकिंग मशीनरी और उपकरण खरीदे। इससे उनकी उत्पादन क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई। आज वे ‘मारूती केला चिप्स’ ब्रांड के तहत विभिन्न स्वादों (फ्लेवर्स) में रोजाना लगभग 4 क्विंटल केला चिप्स तैयार करते हैं। उनके प्रॉडक्ट्स की सप्लाई मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब तक होती है।
45 लाख सालाना मुनाफा और 20 लोगों को रोजगार
आज योगेश महाजन अपने इस व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 45 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी यूनिट में स्थानीय 15 से 20 लोगों को रोजगार भी दे रखा है। योगेश की यह सफलता दर्शाती है कि कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं के समन्वय से एक छोटा सा स्थानीय व्यवसाय भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी ऊंचाइयों को छू सकता है।




