Tuesday, May 26, 2026
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burhanpurbusiness केले के रेशे से महिलाएं बना रही राखी, मजबूत कर रहीं खुशियों की डोर

 

बुरहानपुर जिला अस्पताल की यह खबर भी जरूर पढे 
खबर क्या है ?
burhanpurbusinessमध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्लैगशीप कार्यक्रम एक जिला एक उत्पाद वरदान साबित हो रही है जिले में केले की फसल सर्वाधिक होती है लिहाजा एक जिला एक उत्पाद में केले को शामिल किया गया है योजना में शामिल होने के बाद जिला प्रशासन ने केले के बाय प्रोडक्ट बनाने में पर जोर दिया ताकि केला किसानों को केला बेचने के बाद केले के वेस्टेज के भी दाम मिल सकें साथ ही केले के बाय प्रोडक्ट बनाने के लिए स्व सहायता समूह की महिलाओं को जोडकर उनके व्दारा केले के विभिन्न बाय प्रॉडक्ट बनाकर अपनी आजीविका चलाई जा रही है

केले के रेशे से राखी बनाने की शुरूआत

जिले में स्व सहायता समूह ने अबतक केले के रेशे से घर के सजावटी सामान टोपी पर्स व अन्य सामान बनाए थे लेकिन इस साल से इन महिलाओं ने पहली बार केले के रेशे से ईको फ्रेंडली राखियां बनाना शुरू किया इसके लिेए मप्र डे ग्रामीण आजीविका मिशन के व्दारा राखी बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया पहले ही साल केले के रेशे से तैयार की जाने वाली ईको फ्रेंडली राखी की काफी मांग है स्थानीय बाजार के साथ साथ ऑन लाईन प्लेटफार्म पर भी केले के रेशे से बनी राखी की मांग आ रही है जिसकी पूर्ति की जा रही है

केले के रेशे से बनी राखियों से बनी बुरहानपुर की पहचान

केले के रेशे से बनी राखियां इन दिनों जिले में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इससे आत्मनिर्भर बन रही वही यह राखियां देश विदेश तक अपनी पहचान बन चुकी है । केले के रेशे से बनी राखियां न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि ये महिलाओं को आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रही हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी, एमपी सीएम मोहन यादव व सरहद पर तैनात सैनिकों को राखिया भेजने की तैयारी

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस बार यह राखियां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जवानों जो देश की सेवा के लिए देश की सीमाओं पर रक्षा कर रहे हैं उन तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है
केले के रेशे से राखियां बनाने का काम, महिलाओं के लिए एक नया व्यवसाय बन गया है

हाथ से बनी राखियों का मार्केट में जबरदस्त डिमांड है.

स्व सहायता समूह की अध्यक्ष अनसूया चौहान का कहना है कि बुरहानपुर जिले की ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाई गई है, इन राखियों को भारत देश की सेवा के वीर जवानों को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को रक्षाबंधन पर पहुंचाई जाएगी.

यह भी पढिए :बुरहानपुर नगर निगम का बगीचा बना पार्किंग

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केले के रेशे से राखी बनाने की शुरूआत

जिले में स्व सहायता समूह ने अबतक केले के रेशे से घर के सजावटी सामान टोपी पर्स व अन्य सामान बनाए थे लेकिन इस साल से इन महिलाओं ने पहली बार केले के रेशे से ईको फ्रेंडली राखियां बनाना शुरू किया इसके लिेए मप्र डे ग्रामीण आजीविका मिशन के व्दारा राखी बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया पहले ही साल केले के रेशे से तैयार की जाने वाली ईको फ्रेंडली राखी की काफी मांग है स्थानीय बाजार के साथ साथ ऑन लाईन प्लेटफार्म पर भी केले के रेशे से बनी राखी की मांग आ रही है जिसकी पूर्ति की जा रही है

केले के रेशे से बनी राखियों से बनी बुरहानपुर की पहचान

केले के रेशे से बनी राखियां इन दिनों जिले में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इससे आत्मनिर्भर बन रही वही यह राखियां देश विदेश तक अपनी पहचान बन चुकी है । केले के रेशे से बनी राखियां न केवल पर्यावरण के अनुकूल हैं, बल्कि ये महिलाओं को आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रही हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी, एमपी सीएम मोहन यादव व सरहद पर तैनात सैनिकों को राखिया भेजने की तैयारी

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस बार यह राखियां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जवानों जो देश की सेवा के लिए देश की सीमाओं पर रक्षा कर रहे हैं उन तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है
केले के रेशे से राखियां बनाने का काम, महिलाओं के लिए एक नया व्यवसाय बन गया है

हाथ से बनी राखियों का मार्केट में जबरदस्त डिमांड है.

स्व सहायता समूह की अध्यक्ष अनसूया चौहान का कहना है कि बुरहानपुर जिले की ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाई गई है, इन राखियों को भारत देश की सेवा के वीर जवानों को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को रक्षाबंधन पर पहुंचाई जाएगी.

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जिले में स्व सहायता समूह ने अबतक केले के रेशे से घर के सजावटी सामान टोपी पर्स व अन्य सामान बनाए थे लेकिन इस साल से इन महिलाओं ने पहली बार केले के रेशे से ईको फ्रेंडली राखियां बनाना शुरू किया इसके लिेए मप्र डे ग्रामीण आजीविका मिशन के व्दारा राखी बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया पहले ही साल केले के रेशे से तैयार की जाने वाली ईको फ्रेंडली राखी की काफी मांग है स्थानीय बाजार के साथ साथ ऑन लाईन प्लेटफार्म पर भी केले के रेशे से बनी राखी की मांग आ रही है जिसकी पूर्ति की जा रही है

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जिले में स्व सहायता समूह ने अबतक केले के रेशे से घर के सजावटी सामान टोपी पर्स व अन्य सामान बनाए थे लेकिन इस साल से इन महिलाओं ने पहली बार केले के रेशे से ईको फ्रेंडली राखियां बनाना शुरू किया इसके लिेए मप्र डे ग्रामीण आजीविका मिशन के व्दारा राखी बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया पहले ही साल केले के रेशे से तैयार की जाने वाली ईको फ्रेंडली राखी की काफी मांग है स्थानीय बाजार के साथ साथ ऑन लाईन प्लेटफार्म पर भी केले के रेशे से बनी राखी की मांग आ रही है जिसकी पूर्ति की जा रही है

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जिले में स्व सहायता समूह ने अबतक केले के रेशे से घर के सजावटी सामान टोपी पर्स व अन्य सामान बनाए थे लेकिन इस साल से इन महिलाओं ने पहली बार केले के रेशे से ईको फ्रेंडली राखियां बनाना शुरू किया इसके लिेए मप्र डे ग्रामीण आजीविका मिशन के व्दारा राखी बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया पहले ही साल केले के रेशे से तैयार की जाने वाली ईको फ्रेंडली राखी की काफी मांग है स्थानीय बाजार के साथ साथ ऑन लाईन प्लेटफार्म पर भी केले के रेशे से बनी राखी की मांग आ रही है जिसकी पूर्ति की जा रही है

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हाथ से बनी राखियों का मार्केट में जबरदस्त डिमांड है.

स्व सहायता समूह की अध्यक्ष अनसूया चौहान का कहना है कि बुरहानपुर जिले की ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाई गई है, इन राखियों को भारत देश की सेवा के वीर जवानों को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को रक्षाबंधन पर पहुंचाई जाएगी.

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जिले में स्व सहायता समूह ने अबतक केले के रेशे से घर के सजावटी सामान टोपी पर्स व अन्य सामान बनाए थे लेकिन इस साल से इन महिलाओं ने पहली बार केले के रेशे से ईको फ्रेंडली राखियां बनाना शुरू किया इसके लिेए मप्र डे ग्रामीण आजीविका मिशन के व्दारा राखी बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया पहले ही साल केले के रेशे से तैयार की जाने वाली ईको फ्रेंडली राखी की काफी मांग है स्थानीय बाजार के साथ साथ ऑन लाईन प्लेटफार्म पर भी केले के रेशे से बनी राखी की मांग आ रही है जिसकी पूर्ति की जा रही है

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पीएम नरेंद्र मोदी, एमपी सीएम मोहन यादव व सरहद पर तैनात सैनिकों को राखिया भेजने की तैयारी

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस बार यह राखियां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भारतीय जवानों जो देश की सेवा के लिए देश की सीमाओं पर रक्षा कर रहे हैं उन तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है
केले के रेशे से राखियां बनाने का काम, महिलाओं के लिए एक नया व्यवसाय बन गया है

हाथ से बनी राखियों का मार्केट में जबरदस्त डिमांड है.

स्व सहायता समूह की अध्यक्ष अनसूया चौहान का कहना है कि बुरहानपुर जिले की ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाई गई है, इन राखियों को भारत देश की सेवा के वीर जवानों को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को रक्षाबंधन पर पहुंचाई जाएगी.

यह भी पढिए :बुरहानपुर नगर निगम का बगीचा बना पार्किंग

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