burhanpurbuisnessnewsसीसीआई खरीदेगा बुरहानपुर के किसानों की कपास-अर्चना चिटनिस
congressviralvedioबुरहानपुर (पॉलिटिकल रिपोर्टर) मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में SIR के लिए प्रशिक्षण देने आए कांग्रेस पार्टी के पर्यवेक्षकों को अल्पसंख्यक कांग्रेस के डॉक्टर फरीद काज़ी ने SIR प्रक्रिया पर शहर कांग्रेस कमेटी की निष्क्रिय भूमिका पर खूब खरी-खोटी सुनाई जिसका यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है जिस पर बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजहर उल हक ने कांग्रेस को घेरा है, आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है
दरअसल मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में कांग्रेस की एक आंतरिक बैठक में जो कुछ हुआ वह आप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, SIR लिए आए पर्यवेक्षकों के सामने ही कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक नेता फरीद काज़ी ने शहर कांग्रेस कमेटी की जमकर खबर ली और उन्हें खूब खरी खोटी सुनाई उन्होंने कहा कि 12 राज्यों में SIR की प्रक्रिया चल रही है वही मध्य प्रदेश और खासकर हमारे बुरहानपुर में भी और सभी लोग इसके लिए फिक्रमंद भी है और समाज के धर्म गुरुओं ने भी समाज के पढ़े लिखे युवाओं और फिक्रमंद लोगों से अपील की है कि वह इस प्रक्रिया में सहयोग प्रदान करें लेकिन शहर कांग्रेस कमेटी ने अब तक इस पर कुछ भी काम नहीं किया और ना ही इसमें होने वाली दिक्कतों को लेकर कोई प्रशिक्षण आयोजित करवाया है कांग्रेस पार्टी के ऐसे अल्पसंख्यक नेता जिन्हें कोई पद की लालसा नहीं है वह इस काम के लिए लगे हुए हैं और लोगों का सहयोग भी कर रहे हैं शहर में कई ऐसे अल्पसंख्यक वार्ड है जहां से कांग्रेस को भर भर के मतदान किया जाता है लेकिन बावजूद इसके शहर कांग्रेस कमेटी ने अब तक ना ही कोई बैठक ली और ना ही इसके लिए प्रशिक्षण आयोजित किया और लोगों की मदद की यह प्रक्रिया और प्रशिक्षण शहर कांग्रेस कमेटी ने बहुत पहले ही शुरू कर देना थी ताकि लोगों के सामने आज दिक्कत खड़ी नहीं होती इसी को लेकर मैं आंतरिक बैठक में अपनी बात रखी आक्रोश व्यक्ति किया
वही इस पूरे मामले पर बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजहर उल हक प्रतिक्रिया देते हुए की हमारे धर्मगुरुओ मैं भी इसके लिए एक सिस्टम बनाया है लेकिन कांग्रेस पार्टी इस सारी प्रक्रिया में नदारत रही कांग्रेस के फरीद काज़ी ने बहुत सही मामला उठाया है और कांग्रेस को आईना भी दिखाया है अगर कांग्रेस मुसलमानों को हमेशा से ही अपनी वोट बैंक समझते आ रही है तो उन्हें इस प्रक्रिया में होने वाली दिक्कतों के लिए प्रशिक्षण आयोजित जरूर करना था



