burhanpurlatestnewsबुरहानपुर:- मध्य प्रदेश लेखक संघ एवं कराओके सिंगिंग क्लब बुरहानपुर के संयुक्त तत्वाधान 23 नवंबर रविवार डॉ. रमेशचंद्र शर्मा ‘धुआंधार’ के निवास स्थान पर काव्य एवं गीत संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ ।
संगोष्ठी का शुभारंभ वरिष्ठ गीतकार ठाकुर वीरेंद्र सिंह चित्रकार द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ । नवोदित कवि दीपक सलूजा ने-‘ वक्त है वक्त का करना लिहाज करना सीख लो, वक्त के लिए कई सवाल लिए बैठा हूं ‘ कविता प्रस्तुत की गई। संतोष परिहार द्वारा बदलते वक्त को लेकर व्यंग्य कविता-‘ उल्टी बह रही बयारें देखो कितनी जल्दी-जल्दी’ कविता का पाठ किया गया। गज़लकार संदीप शर्मा ‘निर्मल’ द्वारा ने -‘ मैं जो ठुकरा दिया तो बिखर जाऊंगा’ गज़ल पेश की गई। शायर मोहित शर्मा ने-‘ उसे ही याद करके हर घड़ी आंसू बहता था, तुम्हारे जी रवैया पर मैं मिलकर मुस्कुराता था ‘ गज़ल प्रस्तुत की, कवयित्री भावना सोनी द्वारा -‘ किसी ने मुझसे पूछा कैसे हो आप, हमने कहा मुस्कुराते बहुत है मगर आंखें नम है ‘ कविता एवं गीतकार ठाकुर वीरेंद्र सिंह चित्रकार ने-‘ बात तो करो, थोड़ा बात तो करो, ऐसे रूठा ना करो कोई बात तो करो ‘ गीत द्वारा संगोष्ठी को नई ऊंचाइयों प्रदान की गई। हास्य कवि डॉ. रमेशचन्द्र शर्मा ‘धुआंधार’ द्वारा व्यंग श्रणिकाएं प्रस्तुत कर की गई ।
दूसरा सत्र गीत गायन को समर्पित गीत गाता चल समूह के गायक पराग शुक्ल, अनिल देवरे, अभिजीत देशपांडे, सुनील सलूजा, हेमंत खेडेकर,रोहित लोधे, मालती गुज़र, उदिता देशपांडे द्वारा गीत प्रस्तुत किए गए।
संगोष्ठी की अध्यक्षता ठाकुर वीरेंद्र सिंह चित्रकार ने की, काव्य सत्र का संचालन डॉ. रमेशचन्द्र शर्मा ‘धुआंधार’
एवं गीत संगोष्ठी का संचालन पराग शुक्ल ने किया। उपस्थित कवि गीतकार एवं सुधी श्रोताओं का आभार नंद किशोर जांगड़े में व्यक्त किया ।



