bhopalnewsभोपाल/बुरहानपुर। मध्यप्रदेश सरकार ने पारदर्शिता और सुशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की पहली पूर्णतः ऑनलाइन और मेरिट-आधारित नियुक्ति प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूर्ण किया। बुधवार को भोपाल स्थित विधानसभा सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवचयनित कार्यकर्ताओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया, विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी), अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई तथा प्रमुख सचिव जी.वी. रश्मि सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने सभी नवनियुक्त कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कर्तव्यनिष्ठ रहने, सेवा-भाव से कार्य करने और कुपोषण उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि आंगनवाड़ी बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला है और यहां मिलने वाले संस्कार उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का निर्धारण करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह पहली बार है जब राज्य में आंगनवाड़ी नियुक्तियाँ किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप के बिना, केवल ऑनलाइन और पारदर्शी प्रणाली के आधार पर की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सबसे निचली पायदान पर सेवाएं देने वाली बहनों को राज्य की सर्वोच्च विधायी संस्था विधानसभा में नियुक्ति पत्र देना एक ऐतिहासिक क्षण है। सभी बहनें प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य करें। जैसे यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण को शिक्षा और संस्कार दिए, वैसे ही आंगनवाड़ी बच्चों को संस्कार और प्रारंभिक शिक्षा देनी चाहिए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी के माध्यम से बाल विकास, पोषण और महिला कल्याण के क्षेत्र में प्रदेश ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने नवचयनित कार्यकर्ताओं को प्रदेश की अगली पीढ़ी के भविष्य निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने विधानसभा की कार्यवाही का भी अवलोकन किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है और अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने सभी नवनियुक्त कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कर्तव्यनिष्ठ रहने, सेवा-भाव से कार्य करने और कुपोषण उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि आंगनवाड़ी बच्चों के जीवन की पहली पाठशाला है और यहां मिलने वाले संस्कार उनके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का निर्धारण करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह पहली बार है जब राज्य में आंगनवाड़ी नियुक्तियाँ किसी भी प्रकार के मानवीय हस्तक्षेप के बिना, केवल ऑनलाइन और पारदर्शी प्रणाली के आधार पर की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सबसे निचली पायदान पर सेवाएं देने वाली बहनों को राज्य की सर्वोच्च विधायी संस्था विधानसभा में नियुक्ति पत्र देना एक ऐतिहासिक क्षण है। सभी बहनें प्रदेश को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य करें। जैसे यशोदा मैया ने भगवान कृष्ण को शिक्षा और संस्कार दिए, वैसे ही आंगनवाड़ी बच्चों को संस्कार और प्रारंभिक शिक्षा देनी चाहिए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी के माध्यम से बाल विकास, पोषण और महिला कल्याण के क्षेत्र में प्रदेश ने हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने नवचयनित कार्यकर्ताओं को प्रदेश की अगली पीढ़ी के भविष्य निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं ने विधानसभा की कार्यवाही का भी अवलोकन किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है और अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
प्रदेश में 19,250 रिक्त पदों के विरुद्ध प्राप्त हुए लगभग 4 लाख आवेदन। इनमें से 12,075 पदों पर चयन प्रक्रिया पूर्ण कर नियुक्ति पत्र जारी। देश में पहली बार पूर्ण ऑनलाइन एवं पारदर्शी प्रणाली।दस्तावेज गुम होने या हस्तक्षेप की संभावना समाप्त। चयन शत-प्रतिशत मेरिट आधारित।दावादृआपत्ति और अपील की सुव्यवस्थित प्रक्रिया। नवनियुक्त कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह लगभग 14 करोड़ रुपए का मानदेय वितरित होगा। कार्यक्रम के अंत में नवनियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री एवं जनप्रतिनिधियों को अभिनंदन पत्र भेंट कर आभार व्यक्त किया।



