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Homeopathy Doctor Demand : होम्यो पैथिक डॉक्टरों ने मप्र सरकार से की सीमित दायरे में एलोपैथी चिकित्सा करने की मांग

-महाराष्ट्र की तर्ज पर होम्योपैथिक डॉक्टरों को मॉडर्न मेडिसीन का कोर्स कराने की मांग
-प्रदेशभऱ के होम्योपैथी चिकित्सकों ने सीएम, स्वास्थ्य मंत्री आयुष मंत्री को ज्ञापन देकर की मांग

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Homeopathy Doctor Demandबुरहानपुर (health ‘reporter) मप्र में होम्योपैथी चिकित्सा विकास महासंघ के बैनर तले होम्योपैथी चिकित्सकों ने पूरे प्रदेश के जिला मुख्यालय पर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री cmmohanyadav डॉ मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री डॉ राजेंद्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार के नाम ज्ञापन देकर होम्योपैथी चिकित्सकों को maharashtra state  महाराष्ट्र की तर्ज पर शासन व्दारा 6 महीने का एडिशनल मेडिसीन या ट्रेनिंग कोर्स करवा कर मॉडर्न मेडिसीन की अनुमति देने की मांग की है ।
दरअसल मप्र में डॉ मोहन सरकार व्दारा रीवा में झोलाछाप डॉक्टर की इलाज में लापरवाही से एक मरीज की मौत के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन को झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्यवाही का फरमान जारी किया है आयुष डॉक्टर भी अपने क्लीनिकों में जरूरत अनुसार एलोपैथी की दवाई अपने मरीजों को लिखते है लेकिन सरकार के इस फरमान के बाद आयुष डॉक्टर भी सकते में आ गए है

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इस कार्यवाही से बचने के लिए प्रदेशभर में आयुष डॉक्टरों व्दारा इस तरह की मांग शुरू कर दी गई है बुरहानपुर में भी होम्योपैथी चिकित्सा विकास महासंघ की जिला ईकाई ने कलेक्टर भव्या मित्तल से मुलाकात कर उन्हें सीएम मोहन यादव, स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार के नाम ज्ञापन दिया
ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदेश में 25 से 30 हजार पंजीकृत होम्योपैथिक डॉक्टर है जो कि 5 साल मेडिकल कॉलेज से अध्यनरत होम्योपैथी डॉक्टर है प्रदेश में अभी ऐसे कई क्षेत्र ऐसे है जहां चिकित्सा सेवा सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं है कारण ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्र में समय पर प्राथमिक उपचार का ना मिल पाना इन्ही समस्या को दूर करने के लिए प्रदेश के हर छोटे से छोटे क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू रूप से चलते के लिए मप्र के होम्योपैथिक डॉक्टरों को 6 महीने का एडिशनल कोर्स देकर सीमित मात्रा में मॉडर्न मेडिसीन लिखने की परमिशन दी जाए
ज्ञापन में बताया गया केंद्र सरकार व्दारा पारित नेशनल मेडिकल कमिशन बिल 2019 के पाईंट नंबर 52(2.3), 53 राज्य सरकार को यह है अधिकार प्राप्त है वह अपनी चिकित्सा सुविधाए बेहतर करने के लिए आयुष चिकित्सकों को भी सर्टिफिकेट या एडिशनल कोर्स कराने के लिए कानून ला सकती है ज्ञापन में यह उल्लेख किया गया है कि महाराष्ट्र में भी होम्योपैथी चिकित्सको को यही सर्टिफिकेट कोर्स कई सालों से लागू है जिससे महाराष्ट्र में हजारों की संख्या में होम्योपैथिकचिकित्सक जो अपनी पैथी के साथ साथ सिमित दायरे में एलोपैथिक चिकित्सा कर मरीजों को स्वस्थय कर रहे है जिससे वहां के स्वास्थ्य व्यवस्था में भी सुधार आया है ज्ञापन के साथ महाराष्ट्र की अनुमति का दस्तावेज भी दिया गया है

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ज्ञापन में आगे कहा गया है अगर मप्र में यह कोर्स शुरू होता है जिससे प्रदेश का वित्तीय खर्च भी ना के बराबर होगा क्योंकि यह कोर्स आयुष चिकित्सालय में प्रारंभ किया जा सकता है जिसे सरकार का समय और पैसा दोनो बच जाएंगे
संघ ने सीएम मोहन यादव से अनुरोध करते हुए कहा यह कोर्स मप्र में लागू होता है तो प्रदेश के ग्रामीण गरीबों को प्राथमिक चिकित्सा सुविधा समय पर उपलब्ध होगी और साथ ही प्रदेश में बेरोजगार होम्योपैथिक चिकित्सकों को भी रोजगार मिलेगा इससे महाराष्ट्र की तरह मप्र की चिकित्सा सुविधा बेहतर होगी समय पर प्राथमिक उपचार हर क्षेत्र में मिल पाएगा जिससे हमारा प्रदेश स्वस्थ्य और खूशहाल होगा

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