Wednesday, August 12, 2026
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Good News : बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं में किया कमाल

– अतिथि शिक्षको की नियुक्ति में देरी, किताबों की कमी, उर्दू माध्यम में प्रश्न पत्र का सही अनुवाद के बाद भी बुनकर गरीब की बेटियो किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
Good News बुरहानपुर। देशभर में 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षाओं में 65 लाख स्टूडेंट फेल Students Fail  हुए है, मप्र दूसरा सबसे बडा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा स्टूडेंट बोर्ड परीक्षाओं में फेल हुए है, इस बीच बुरहानपुर की अब्दुल कादिर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में किताबों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती में देरी और लोकसभा चुनाव के चलते समय से पहले सालाना परीक्षा होने के बावजूद यहां पढने वाली बुनकर गरीब परिवारों की बेटियों ने उत्कृष्ट परिणाम दिया है। गौरतलब है इस उर्दू स्कूल की पहचान पहले बोर्ड परीक्षाओं में खऱाब परिणाम के लिए हुआ करती थी लेकिन स्कूल की नई प्राचार्या नफीसा अंसारी की अगुवाई में शिक्षकों ने टीम वर्क और बोर्ड कक्षाओं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए एक मिशन मोड में काम किया जिसमें शिक्षक शत प्रतिशत सफल रहे शिक्षकों का भी मानना है छात्राओं ने जो समस्याए बताई सरकार उन्हे हल कर दे तो इस स्कूल की छात्राए निश्चित ही प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान लाएगी

यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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– अतिथि शिक्षको की नियुक्ति में देरी, किताबों की कमी, उर्दू माध्यम में प्रश्न पत्र का सही अनुवाद के बाद भी बुनकर गरीब की बेटियो किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
Good News बुरहानपुर। देशभर में 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षाओं में 65 लाख स्टूडेंट फेल Students Fail  हुए है, मप्र दूसरा सबसे बडा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा स्टूडेंट बोर्ड परीक्षाओं में फेल हुए है, इस बीच बुरहानपुर की अब्दुल कादिर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में किताबों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती में देरी और लोकसभा चुनाव के चलते समय से पहले सालाना परीक्षा होने के बावजूद यहां पढने वाली बुनकर गरीब परिवारों की बेटियों ने उत्कृष्ट परिणाम दिया है। गौरतलब है इस उर्दू स्कूल की पहचान पहले बोर्ड परीक्षाओं में खऱाब परिणाम के लिए हुआ करती थी लेकिन स्कूल की नई प्राचार्या नफीसा अंसारी की अगुवाई में शिक्षकों ने टीम वर्क और बोर्ड कक्षाओं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए एक मिशन मोड में काम किया जिसमें शिक्षक शत प्रतिशत सफल रहे शिक्षकों का भी मानना है छात्राओं ने जो समस्याए बताई सरकार उन्हे हल कर दे तो इस स्कूल की छात्राए निश्चित ही प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान लाएगी

यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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Good News बुरहानपुर। देशभर में 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षाओं में 65 लाख स्टूडेंट फेल Students Fail  हुए है, मप्र दूसरा सबसे बडा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा स्टूडेंट बोर्ड परीक्षाओं में फेल हुए है, इस बीच बुरहानपुर की अब्दुल कादिर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में किताबों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती में देरी और लोकसभा चुनाव के चलते समय से पहले सालाना परीक्षा होने के बावजूद यहां पढने वाली बुनकर गरीब परिवारों की बेटियों ने उत्कृष्ट परिणाम दिया है। गौरतलब है इस उर्दू स्कूल की पहचान पहले बोर्ड परीक्षाओं में खऱाब परिणाम के लिए हुआ करती थी लेकिन स्कूल की नई प्राचार्या नफीसा अंसारी की अगुवाई में शिक्षकों ने टीम वर्क और बोर्ड कक्षाओं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए एक मिशन मोड में काम किया जिसमें शिक्षक शत प्रतिशत सफल रहे शिक्षकों का भी मानना है छात्राओं ने जो समस्याए बताई सरकार उन्हे हल कर दे तो इस स्कूल की छात्राए निश्चित ही प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान लाएगी

यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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Good News बुरहानपुर। देशभर में 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षाओं में 65 लाख स्टूडेंट फेल Students Fail  हुए है, मप्र दूसरा सबसे बडा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा स्टूडेंट बोर्ड परीक्षाओं में फेल हुए है, इस बीच बुरहानपुर की अब्दुल कादिर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में किताबों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती में देरी और लोकसभा चुनाव के चलते समय से पहले सालाना परीक्षा होने के बावजूद यहां पढने वाली बुनकर गरीब परिवारों की बेटियों ने उत्कृष्ट परिणाम दिया है। गौरतलब है इस उर्दू स्कूल की पहचान पहले बोर्ड परीक्षाओं में खऱाब परिणाम के लिए हुआ करती थी लेकिन स्कूल की नई प्राचार्या नफीसा अंसारी की अगुवाई में शिक्षकों ने टीम वर्क और बोर्ड कक्षाओं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए एक मिशन मोड में काम किया जिसमें शिक्षक शत प्रतिशत सफल रहे शिक्षकों का भी मानना है छात्राओं ने जो समस्याए बताई सरकार उन्हे हल कर दे तो इस स्कूल की छात्राए निश्चित ही प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान लाएगी

यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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– अतिथि शिक्षको की नियुक्ति में देरी, किताबों की कमी, उर्दू माध्यम में प्रश्न पत्र का सही अनुवाद के बाद भी बुनकर गरीब की बेटियो किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
Good News बुरहानपुर। देशभर में 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षाओं में 65 लाख स्टूडेंट फेल Students Fail  हुए है, मप्र दूसरा सबसे बडा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा स्टूडेंट बोर्ड परीक्षाओं में फेल हुए है, इस बीच बुरहानपुर की अब्दुल कादिर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में किताबों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती में देरी और लोकसभा चुनाव के चलते समय से पहले सालाना परीक्षा होने के बावजूद यहां पढने वाली बुनकर गरीब परिवारों की बेटियों ने उत्कृष्ट परिणाम दिया है। गौरतलब है इस उर्दू स्कूल की पहचान पहले बोर्ड परीक्षाओं में खऱाब परिणाम के लिए हुआ करती थी लेकिन स्कूल की नई प्राचार्या नफीसा अंसारी की अगुवाई में शिक्षकों ने टीम वर्क और बोर्ड कक्षाओं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए एक मिशन मोड में काम किया जिसमें शिक्षक शत प्रतिशत सफल रहे शिक्षकों का भी मानना है छात्राओं ने जो समस्याए बताई सरकार उन्हे हल कर दे तो इस स्कूल की छात्राए निश्चित ही प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान लाएगी

यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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Good News : बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने बोर्ड परीक्षाओं में किया कमाल

– अतिथि शिक्षको की नियुक्ति में देरी, किताबों की कमी, उर्दू माध्यम में प्रश्न पत्र का सही अनुवाद के बाद भी बुनकर गरीब की बेटियो किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
Good News बुरहानपुर। देशभर में 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षाओं में 65 लाख स्टूडेंट फेल Students Fail  हुए है, मप्र दूसरा सबसे बडा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा स्टूडेंट बोर्ड परीक्षाओं में फेल हुए है, इस बीच बुरहानपुर की अब्दुल कादिर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में किताबों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती में देरी और लोकसभा चुनाव के चलते समय से पहले सालाना परीक्षा होने के बावजूद यहां पढने वाली बुनकर गरीब परिवारों की बेटियों ने उत्कृष्ट परिणाम दिया है। गौरतलब है इस उर्दू स्कूल की पहचान पहले बोर्ड परीक्षाओं में खऱाब परिणाम के लिए हुआ करती थी लेकिन स्कूल की नई प्राचार्या नफीसा अंसारी की अगुवाई में शिक्षकों ने टीम वर्क और बोर्ड कक्षाओं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए एक मिशन मोड में काम किया जिसमें शिक्षक शत प्रतिशत सफल रहे शिक्षकों का भी मानना है छात्राओं ने जो समस्याए बताई सरकार उन्हे हल कर दे तो इस स्कूल की छात्राए निश्चित ही प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान लाएगी

यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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– अतिथि शिक्षको की नियुक्ति में देरी, किताबों की कमी, उर्दू माध्यम में प्रश्न पत्र का सही अनुवाद के बाद भी बुनकर गरीब की बेटियो किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
Good News बुरहानपुर। देशभर में 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षाओं में 65 लाख स्टूडेंट फेल Students Fail  हुए है, मप्र दूसरा सबसे बडा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा स्टूडेंट बोर्ड परीक्षाओं में फेल हुए है, इस बीच बुरहानपुर की अब्दुल कादिर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में किताबों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती में देरी और लोकसभा चुनाव के चलते समय से पहले सालाना परीक्षा होने के बावजूद यहां पढने वाली बुनकर गरीब परिवारों की बेटियों ने उत्कृष्ट परिणाम दिया है। गौरतलब है इस उर्दू स्कूल की पहचान पहले बोर्ड परीक्षाओं में खऱाब परिणाम के लिए हुआ करती थी लेकिन स्कूल की नई प्राचार्या नफीसा अंसारी की अगुवाई में शिक्षकों ने टीम वर्क और बोर्ड कक्षाओं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए एक मिशन मोड में काम किया जिसमें शिक्षक शत प्रतिशत सफल रहे शिक्षकों का भी मानना है छात्राओं ने जो समस्याए बताई सरकार उन्हे हल कर दे तो इस स्कूल की छात्राए निश्चित ही प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान लाएगी

यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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Good News बुरहानपुर। देशभर में 10वी और 12वी बोर्ड परीक्षाओं में 65 लाख स्टूडेंट फेल Students Fail  हुए है, मप्र दूसरा सबसे बडा राज्य है, जहां पर सबसे ज्यादा स्टूडेंट बोर्ड परीक्षाओं में फेल हुए है, इस बीच बुरहानपुर की अब्दुल कादिर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल में किताबों की कमी, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती में देरी और लोकसभा चुनाव के चलते समय से पहले सालाना परीक्षा होने के बावजूद यहां पढने वाली बुनकर गरीब परिवारों की बेटियों ने उत्कृष्ट परिणाम दिया है। गौरतलब है इस उर्दू स्कूल की पहचान पहले बोर्ड परीक्षाओं में खऱाब परिणाम के लिए हुआ करती थी लेकिन स्कूल की नई प्राचार्या नफीसा अंसारी की अगुवाई में शिक्षकों ने टीम वर्क और बोर्ड कक्षाओं का उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए एक मिशन मोड में काम किया जिसमें शिक्षक शत प्रतिशत सफल रहे शिक्षकों का भी मानना है छात्राओं ने जो समस्याए बताई सरकार उन्हे हल कर दे तो इस स्कूल की छात्राए निश्चित ही प्रदेश की प्रावीण्य सूची में अपना स्थान लाएगी

यह रहा स्कूल का परीक्षा परिणाम

बुरहानपुर की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेंडरी स्कूल का इस साल 10वी बोर्ड का रिजल्ट 52 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम 84 प्रतिशत रहा

क्या कहती है छात्राएँ

स्कूल की 10वी बोर्ड परीक्षा में 87 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा अक्शा अंजूम कहती है जल्द सालाना परीक्षा होने से उन्हें पढाई का समय कम मिला उर्दू माध्यम का प्रश्न पत्र गुगल ट्रांस्लेट से दिया गया जिससे प्रश्न पत्र की टर्मानालॉजी बदल गई जिससे हमे काफी परेशानी हुई अगर सालाना परीक्षा कुछ दिनों बाद होती और उर्दू माध्यम से प्रश्न पत्रो का अनुवाद विशेषज्ञ शिक्षकों से कराया जाता तो हम और अच्छे अंको से पास होती
10वी बोर्ड में 75 प्रतिशत अंको से पास हुई छात्रा आयशा अंजूम की भी कुछ ऐसी ही शिकायत है उन्होंने दावा किया अगर सरकार हमारी यह समस्या हल कर देंगी तो हम 12वीं बोर्ड में और बेहतर परिणाम देंगे 10वी बोर्ड में इन समस्याओ के चलते पिछड गई छात्रा मुनज्जा अंजूम कहती है मैं 10वी में 67 प्रतिशत अंको से पास हुई कुछ ऐसा ही मलाल छात्रा अल्फिया वारसी का रहा जिन्हें कक्षा दसवी बोर्ड 79 प्रतिशत अंक हासिल हुए छात्रा सुमेरा अंजूम जो कि 10वी बोर्ड में 88 प्रतिशत अंक से पास हुई जोया तबस्सुम जो कि 69 प्रतिशत अंक लाकर पास हुई सभी कि यह ही शिकायत है

गत वर्षो की तुलना में बोर्ड परीक्षा परिणाम से पालक खूश

जिले की अब्दुल कादर सिद्दीकी शासकीय उर्दू कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल की बोर्ड कक्षाओं का परिणाम पिछले सालों की तुलना में काफी सुधार हुआ है पालक इसके लिए स्कूल की प्राचार्या नफीस अंसारी शिक्षकों के टीम वर्क और छात्राओं के बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों और इच्छाशक्ति को दे रहे है पालकों ने सरकार से मांग की है शिक्षकों की कमी को जल्द से जल्द दूर किया जाए
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले मोहम्मद उजेर का कहना है देशभर में 10वी और 12वीं बोर्ड में 65 लाख स्टूडेंट फेल हुए है मप्र इस में दूसरे नंबर हैै इसको लेकर उनका कहना है सरकारी शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्यों के ड्यूटी से मुक्त किया जाना चाहिए त्रैमासिक व छह माही परीक्षाओं में कमजोर छात्रों की पहचान कर उनको मजबूत करने के लिए एक्सट्रा रेमेडियल क्लासेंस लगाई जानी चाहिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ती हर साल देरी से होती है सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नए शिक्षा सत्र के शुरू होने के पहले ही कर दी जाए

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