Dawoodi Bohra Samaj Newsबुरहानपुर (मध्य प्रदेश): दुनियाभर में भूख और कुपोषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों की मदद करने के उद्देश्य से मनाए जाने वाले ‘विश्व खाद्य दिवस’ (World Food Day) के अवसर पर दाऊदी बोहरा समाज ने एक मिसाल पेश की है। आध्यात्मिक गुरु डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के विशेष निर्देशों और प्रेरणा के तहत बुरहानपुर में दाऊदी बोहरा समाज द्वारा एक व्यापक मानव सेवा अभियान चलाया गया, जिसके तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में जरूरतमंदों को भोजन और खाद्यान्न सामग्री वितरित की गई।
छात्रों और समाज के जिम्मेदारों ने संभाली कमान
इस सेवा कार्य की शुरुआत शहर आमिल हैदर भाई साहब जमाली और उप आमिल यूसुफ भाई साहब जमाली की पावन सदारत में की गई। इस नेक अभियान में फैजुल मवाईद बुरहानीया (FMB), कादरिया स्कूल के प्रिंसिपल शेख अम्मार भाई, शेख कयूम भाई सरूरी, शेख जफर हुसैन खान बहादुर, शेख अब्दुल हसन भट्टी वाला, और शेख शोएब भाई जमाली ने सक्रिय भूमिका निभाई। खास बात यह रही कि कादरिया स्कूल के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने हाथों से खाद्य सामग्री के पैकेट तैयार कर जरूरतमंदों तक पहुंचाए।
सब्जी पुलाव, छाछ और तीन क्विंटल सूखे अनाज का वितरण
अभियान के दौरान शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर मानवता की सेवा का अनूठा रूप देखने को मिला:
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भोजन वितरण: कोतवाली थाना क्षेत्र के सामने जरूरतमंदों के बीच गरमा-गरम सब्जी पुलाव के 340 पैकेट बांटे गए। इसके साथ ही भीषण गर्मी या जरूरत को देखते हुए छाछ और पानी की बोतलें भी वितरित की गईं।
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अनाज वितरण: मंडी बाजार और एचपी गैस एजेंसी के पास भी बड़े पैमाने पर भोजन के पैकेट बांटे गए।
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सूखा राशन: कादरिया बुरहानी स्कूल और FMB बुरहानपुर के संयुक्त माध्यम से लगभग तीन क्विंटल सूखा अनाज जरूरतमंद परिवारों को दिया गया। इस सामग्री में चावल, गेहूं, दालें, शक्कर, चायपत्ती और आटा जैसी रोजाना उपयोग की जरूरी वस्तुएं शामिल थीं।
मानवता और आपसी सहयोग का संदेश
दाऊदी बोहरा समाज के पीआरओ कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की हमेशा यही सीख रही है कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचनी चाहिए। विश्व खाद्य दिवस पर आयोजित इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल भोजन या राशन बांटना नहीं, बल्कि समाज में जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता, आपसी भाईचारे और इंसानियत की भावना को सुदृढ़ करना है।
समाज की इस सार्थक और प्रेरणादायक पहल की पूरे बुरहानपुर शहर में सराहना हो रही है, जो यह साबित करती है कि किसी भूखे की भूख मिटाना मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।




