Burhanpur Newsबुरहानपुर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडियों से बिना मंडी शुल्क (Mandi Tax) चुकाए अनाजों की दूसरे राज्यों में अवैध तस्करी रोकने के लिए बुरहानपुर मंडी प्रशासन अब पूरी तरह से सतर्क हो चुका है। मध्य प्रदेश की सीमाओं से सटे बुरहानपुर के रास्ते महाराष्ट्र में बिना टैक्स दिए उपज पहुंचाने वाले गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए मंडी प्रशासन के उड़न दस्ते (Flying Squad) ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है।
इसी कड़ी में शुक्रवार को बुरहानपुर कृषि उपज मंडी के उड़न दस्ते ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना मंडी शुल्क चुकाए मक्का ले जा रहे दो भारी ट्रकों को दबोच लिया। यह कार्रवाई शिकारपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दर्यापुर रोड पर की गई।
हरदा से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था मक्का
मिली जानकारी के अनुसार, बुरहानपुर मंडी प्रशासन के उड़न दस्ते को सूचना मिली थी कि मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से बिना टैक्स चुकाए अनाज से भरी गाड़ियां महाराष्ट्र की ओर भेजी जा रही हैं। संदेह के आधार पर जब दर्यापुर रोड पर मक्के से भरे दो ट्रकों को रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की गई, तो पता चला कि यह मक्का हरदा मंडी से लोड किया गया था और इसे महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था। गहन जांच में दोनों वाहनों के पास मंडी टैक्स भुगतान की रसीद या वैध कागजात नहीं पाए गए।
मंडी शुल्क का 5 गुना जुर्माना भरने का नोटिस जारी
टैक्स चोरी पकड़े जाने के बाद बुरहानपुर मंडी प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मक्का भरे ट्रकों को जब्त कर लिया है। मंडी नियमों के तहत दोनों वाहनों के मालिकों को नियमानुसार 5 गुना मंडी टैक्स चुकाने का कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।
कृषि उपज मंडी बुरहानपुर के उड़न दस्ता प्रभारी श्रीकांत गंगराड़े ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित व्यापारी या वाहन मालिक पूरा मंडी टैक्स और उस पर लगाया गया 5 गुना जुर्माना जमा नहीं कर देते, तब तक जब्त किए गए दोनों वाहनों को छोड़ा नहीं जाएगा।
24 घंटे जारी है सघन जांच अभियान
बुरहानपुर, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित होने के कारण कर चोरी करने वाले गिरोहों के लिए एक प्रमुख मार्ग बन जाता है। इस पर रोक लगाने के लिए मंडी उड़न दस्ता 24 घंटे सक्रिय रहकर सोयाबीन, मक्का और गेहूं जैसे अनाजों से भरे वाहनों की गहन चेकिंग कर रहा है। मंडी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि टैक्स चोरी कर अनाज का अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।





