Burhanpur Newsबुरहानपुर (मध्य प्रदेश): आदिशक्ति मां भगवती की उपासना का पावन पर्व नवरात्रि बुरहानपुर जिले में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। समूचा शहर और ग्रामीण अंचल शक्ति की भक्ति में लीन है। इस वर्ष बुरहानपुर शहर के 226 स्थानों और पूरे जिले में लगभग 500 पंडालों में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। पंडालों में मां दुर्गा के पारंपरिक स्वरूपों के साथ-साथ मां काली, मां सरस्वती और अन्य रूपों के दिव्य दर्शन करने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
दत्तात्रय नगर में विराजीं मां दुर्गा के नौ रूपों की इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं
शहर के दत्तात्रय नगर में बाल दत्त सार्वजनिक उत्सव समिति द्वारा स्थापित नवदुर्गा पंडाल इस बार विशेष आकर्षण और जनआस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां समिति द्वारा मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की प्रतिमाएं एक ही स्थान पर स्थापित की गई हैं। सबसे खास बात यह है कि ये सभी प्रतिमाएं पूरी तरह से मिट्टी (Eco-Friendly) से निर्मित हैं, जिसके माध्यम से समिति भक्तों और समाज को पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा संदेश दे रही है।
समिति के सदस्य अनिल महाजन ने बताया कि इन प्रतिमाओं के निर्माण में प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) या हानिकारक रसायनों का बिल्कुल भी उपयोग नहीं किया गया है। प्रकृति और पर्यावरण के संतुलन को ध्यान में रखते हुए केवल शुद्ध मिट्टी से ही मां के नौ रूपों को साकार किया गया है। पंडाल में प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना, महाआरती और रंगारंग गरबा रास का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवा हिस्सा ले रहे हैं।
दर्शन कर अभिभूत हो रहे श्रद्धालु
पंडाल में मां के नौ रूपों के एक साथ दर्शन करने आ रहे श्रद्धालु काफी उत्साहित हैं। स्थानीय श्रद्धालु ओम प्रकाश रायकवार ने बताया कि एक ही स्थान पर मां दुर्गा के सभी नौ दिव्य स्वरूपों के दर्शन करना बहुत ही अलौकिक और गौरवमयी अनुभव है। मिट्टी की प्रतिमाओं की स्थापना से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत हो रही है, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।
बुरहानपुर में हर तरफ मां के जयकारों, जगरातों और गरबा की गूंज है। सुबह से लेकर देर रात तक नवदुर्गा पंडालों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है, जिससे पूरा शहर धर्ममय और उत्सव के रंग में रंगा नजर आ रहा है।




