Archana Chitnis Burhanpurबुरहानपुर (मध्य प्रदेश)। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बुरहानपुर में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक वैभव और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस (दीदी) ने शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में विराजित माता रानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता रानी से बुरहानपुर सहित प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, जनकल्याण, सुख-शांति और आरोग्यता की कामना की।
दर्शन के पश्चात श्रीमती चिटनिस विभिन्न स्थानों पर आयोजित गरबा एवं डांडिया उत्सवों में शामिल हुईं। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और बच्चों के साथ उन्होंने गरबा-डांडिया कर उत्सव के उल्लास को साझा किया। उनके इस सहभागिता से प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और पर्यावरण चेतना का संदेश
नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और प्रकृति पूजन का पर्व है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से संवाद करते हुए अर्चना चिटनिस ने नवरात्रि पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि “प्रकृति की साधना ही माता रानी की वास्तविक पूजा है।” आज जब पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन (Climate Change) और प्लास्टिक प्रदूषण की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में धार्मिक आयोजनों को पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) बनाना समय की मांग है।
राष्ट्रीय और वैश्विक संदर्भ: सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्ति का संकल्प
भारत सरकार के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और वैश्विक स्तर पर जारी प्लास्टिक-विरोधी अभियानों की दिशा में जोर देते हुए उन्होंने सभी आयोजन समितियों से धार्मिक पंडालों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की। उन्होंने डिस्पोजेबल प्लास्टिक की जगह कपड़े की थैली, पत्ते की पत्तल और रिड्यूसेबल बर्तनों को अपनाने का सुझाव दिया।
श्रीमती चिटनिस ने माताओं-बहनों से आग्रह किया कि वे स्वच्छता को अपने दैनिक स्वभाव और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। जब भी खरीदारी के लिए निकलें, कपड़े की थैली साथ रखें।
गणमान्य नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस भक्तिमय एवं चेतनादायक आयोजन के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, पार्षद संभाजीराव सगरे, आशीष शुक्ला, श्रीमती स्वाती हेमेंद्र महाजन, रुद्रेश्वर एंडोले, किशोर राठौर, भरत रावल, मयूर तिवारी, मुकेश दुम्बवानी, भागीरथ प्रजापति, बंटी मार्शल, कुणाल रावाये सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
यह आयोजन इस बात का सशक्त उदाहरण बना कि किस प्रकार हमारे पारंपरिक त्यौहार स्थानीय संस्कृति के साथ-साथ वैश्विक पर्यावरण संरक्षण के महान उद्देश्यों को भी नई दिशा दे सकते हैं।




