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UNESCO News : कर्नाटक के होयसला मंदिरों का समूह भी UNESCO की विरासत में शामिल, भारत में कुल 42 हेरिटेज साइट

UNESCO News शांति निकेतन के बाद अब कर्नाटक के होयसला मंदिरों के पवित्र समूहों को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल कर लिया गया। दरअसल, बीते रविवार को ही पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन को यूनेस्को ने विरासत सूची में शामिल किया था। पिछले साल जनवरी में भारत ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची के लिए होयसला के पवित्र मंदिरों के समूहों को नामित किया था। इसी के साथ विश्व विरासत सूची में भारत के विरासत की संख्या बढ़कर 42 हो गई है।

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित है होयसला

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित और बेलूर, हैलेबिड और सोमनाथपुरा के तीन होयसला मंदिर का समूह है। होयसला कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाते होयसल राजवंश की यह राजधानी थी। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची को तय करने की 45वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की जा रही है।

21 देशों की समिति ने लिया फैसला

होयसला के पवित्र मंदिरों के समूह को विश्व धरोहर के रूप में अपनाने का निर्णय 21 देशों की समिति द्वारा लिया गया, जिसमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, इथियोपिया, ग्रीस, भारत, इटली, जापान, माली, मेक्सिको, नाइजीरिया, ओमान, कतर, रूसी संघ, रवांडा, सेंट विंसेंट, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और जाम्बिया शामिल हैं। भारत वर्तमान में अपने चौथे कार्यकाल (2021-25) के लिए समिति का सदस्य है।

पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण

वहीं होयसला के पवित्र समूह में कर्नाटक के बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसला मंदिर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लिए यह और भी गौरव की बात है! होयसल के शानदार पवित्र स्मारकों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। होयसल मंदिरों की शाश्वत सुंदरता और जटिल विवरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण हैं।”

बता दें कि भारत के पास कुल मिलाकर 42 विश्व धरोहर हैं, जिसमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित संपत्ति शामिल है। वर्तमान में विश्व में 42 विश्व धरोहर के साथ भारत का छठा स्थान है।

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UNESCO News शांति निकेतन के बाद अब कर्नाटक के होयसला मंदिरों के पवित्र समूहों को यूनेस्को की विरासत सूची में शामिल कर लिया गया। दरअसल, बीते रविवार को ही पश्चिम बंगाल के शांति निकेतन को यूनेस्को ने विरासत सूची में शामिल किया था। पिछले साल जनवरी में भारत ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची के लिए होयसला के पवित्र मंदिरों के समूहों को नामित किया था। इसी के साथ विश्व विरासत सूची में भारत के विरासत की संख्या बढ़कर 42 हो गई है।

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित है होयसला

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित और बेलूर, हैलेबिड और सोमनाथपुरा के तीन होयसला मंदिर का समूह है। होयसला कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाते होयसल राजवंश की यह राजधानी थी। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची को तय करने की 45वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की जा रही है।

21 देशों की समिति ने लिया फैसला

होयसला के पवित्र मंदिरों के समूह को विश्व धरोहर के रूप में अपनाने का निर्णय 21 देशों की समिति द्वारा लिया गया, जिसमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, इथियोपिया, ग्रीस, भारत, इटली, जापान, माली, मेक्सिको, नाइजीरिया, ओमान, कतर, रूसी संघ, रवांडा, सेंट विंसेंट, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और जाम्बिया शामिल हैं। भारत वर्तमान में अपने चौथे कार्यकाल (2021-25) के लिए समिति का सदस्य है।

पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण

वहीं होयसला के पवित्र समूह में कर्नाटक के बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसला मंदिर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लिए यह और भी गौरव की बात है! होयसल के शानदार पवित्र स्मारकों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। होयसल मंदिरों की शाश्वत सुंदरता और जटिल विवरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण हैं।”

बता दें कि भारत के पास कुल मिलाकर 42 विश्व धरोहर हैं, जिसमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित संपत्ति शामिल है। वर्तमान में विश्व में 42 विश्व धरोहर के साथ भारत का छठा स्थान है।

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12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित है होयसला

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित और बेलूर, हैलेबिड और सोमनाथपुरा के तीन होयसला मंदिर का समूह है। होयसला कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाते होयसल राजवंश की यह राजधानी थी। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची को तय करने की 45वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की जा रही है।

21 देशों की समिति ने लिया फैसला

होयसला के पवित्र मंदिरों के समूह को विश्व धरोहर के रूप में अपनाने का निर्णय 21 देशों की समिति द्वारा लिया गया, जिसमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, इथियोपिया, ग्रीस, भारत, इटली, जापान, माली, मेक्सिको, नाइजीरिया, ओमान, कतर, रूसी संघ, रवांडा, सेंट विंसेंट, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और जाम्बिया शामिल हैं। भारत वर्तमान में अपने चौथे कार्यकाल (2021-25) के लिए समिति का सदस्य है।

पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण

वहीं होयसला के पवित्र समूह में कर्नाटक के बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसला मंदिर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लिए यह और भी गौरव की बात है! होयसल के शानदार पवित्र स्मारकों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। होयसल मंदिरों की शाश्वत सुंदरता और जटिल विवरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण हैं।”

बता दें कि भारत के पास कुल मिलाकर 42 विश्व धरोहर हैं, जिसमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित संपत्ति शामिल है। वर्तमान में विश्व में 42 विश्व धरोहर के साथ भारत का छठा स्थान है।

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12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित है होयसला

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित और बेलूर, हैलेबिड और सोमनाथपुरा के तीन होयसला मंदिर का समूह है। होयसला कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाते होयसल राजवंश की यह राजधानी थी। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची को तय करने की 45वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की जा रही है।

21 देशों की समिति ने लिया फैसला

होयसला के पवित्र मंदिरों के समूह को विश्व धरोहर के रूप में अपनाने का निर्णय 21 देशों की समिति द्वारा लिया गया, जिसमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, इथियोपिया, ग्रीस, भारत, इटली, जापान, माली, मेक्सिको, नाइजीरिया, ओमान, कतर, रूसी संघ, रवांडा, सेंट विंसेंट, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और जाम्बिया शामिल हैं। भारत वर्तमान में अपने चौथे कार्यकाल (2021-25) के लिए समिति का सदस्य है।

पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण

वहीं होयसला के पवित्र समूह में कर्नाटक के बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसला मंदिर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लिए यह और भी गौरव की बात है! होयसल के शानदार पवित्र स्मारकों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। होयसल मंदिरों की शाश्वत सुंदरता और जटिल विवरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण हैं।”

बता दें कि भारत के पास कुल मिलाकर 42 विश्व धरोहर हैं, जिसमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित संपत्ति शामिल है। वर्तमान में विश्व में 42 विश्व धरोहर के साथ भारत का छठा स्थान है।

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12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित है होयसला

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित और बेलूर, हैलेबिड और सोमनाथपुरा के तीन होयसला मंदिर का समूह है। होयसला कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाते होयसल राजवंश की यह राजधानी थी। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची को तय करने की 45वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की जा रही है।

21 देशों की समिति ने लिया फैसला

होयसला के पवित्र मंदिरों के समूह को विश्व धरोहर के रूप में अपनाने का निर्णय 21 देशों की समिति द्वारा लिया गया, जिसमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, इथियोपिया, ग्रीस, भारत, इटली, जापान, माली, मेक्सिको, नाइजीरिया, ओमान, कतर, रूसी संघ, रवांडा, सेंट विंसेंट, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और जाम्बिया शामिल हैं। भारत वर्तमान में अपने चौथे कार्यकाल (2021-25) के लिए समिति का सदस्य है।

पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण

वहीं होयसला के पवित्र समूह में कर्नाटक के बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसला मंदिर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लिए यह और भी गौरव की बात है! होयसल के शानदार पवित्र स्मारकों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। होयसल मंदिरों की शाश्वत सुंदरता और जटिल विवरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण हैं।”

बता दें कि भारत के पास कुल मिलाकर 42 विश्व धरोहर हैं, जिसमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित संपत्ति शामिल है। वर्तमान में विश्व में 42 विश्व धरोहर के साथ भारत का छठा स्थान है।

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12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित है होयसला

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित और बेलूर, हैलेबिड और सोमनाथपुरा के तीन होयसला मंदिर का समूह है। होयसला कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाते होयसल राजवंश की यह राजधानी थी। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची को तय करने की 45वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की जा रही है।

21 देशों की समिति ने लिया फैसला

होयसला के पवित्र मंदिरों के समूह को विश्व धरोहर के रूप में अपनाने का निर्णय 21 देशों की समिति द्वारा लिया गया, जिसमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, इथियोपिया, ग्रीस, भारत, इटली, जापान, माली, मेक्सिको, नाइजीरिया, ओमान, कतर, रूसी संघ, रवांडा, सेंट विंसेंट, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और जाम्बिया शामिल हैं। भारत वर्तमान में अपने चौथे कार्यकाल (2021-25) के लिए समिति का सदस्य है।

पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण

वहीं होयसला के पवित्र समूह में कर्नाटक के बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसला मंदिर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लिए यह और भी गौरव की बात है! होयसल के शानदार पवित्र स्मारकों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। होयसल मंदिरों की शाश्वत सुंदरता और जटिल विवरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण हैं।”

बता दें कि भारत के पास कुल मिलाकर 42 विश्व धरोहर हैं, जिसमें 34 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित संपत्ति शामिल है। वर्तमान में विश्व में 42 विश्व धरोहर के साथ भारत का छठा स्थान है।

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12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित है होयसला

12वीं -13वीं शताब्दी में निर्मित और बेलूर, हैलेबिड और सोमनाथपुरा के तीन होयसला मंदिर का समूह है। होयसला कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाते होयसल राजवंश की यह राजधानी थी। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची को तय करने की 45वीं विश्व धरोहर समिति की बैठक रियाद, सऊदी अरब में आयोजित की जा रही है।

21 देशों की समिति ने लिया फैसला

होयसला के पवित्र मंदिरों के समूह को विश्व धरोहर के रूप में अपनाने का निर्णय 21 देशों की समिति द्वारा लिया गया, जिसमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, इथियोपिया, ग्रीस, भारत, इटली, जापान, माली, मेक्सिको, नाइजीरिया, ओमान, कतर, रूसी संघ, रवांडा, सेंट विंसेंट, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और जाम्बिया शामिल हैं। भारत वर्तमान में अपने चौथे कार्यकाल (2021-25) के लिए समिति का सदस्य है।

पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण

वहीं होयसला के पवित्र समूह में कर्नाटक के बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसला मंदिर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लिए यह और भी गौरव की बात है! होयसल के शानदार पवित्र स्मारकों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। होयसल मंदिरों की शाश्वत सुंदरता और जटिल विवरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण हैं।”

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होयसला के पवित्र मंदिरों के समूह को विश्व धरोहर के रूप में अपनाने का निर्णय 21 देशों की समिति द्वारा लिया गया, जिसमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, बुल्गारिया, मिस्र, इथियोपिया, ग्रीस, भारत, इटली, जापान, माली, मेक्सिको, नाइजीरिया, ओमान, कतर, रूसी संघ, रवांडा, सेंट विंसेंट, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड और जाम्बिया शामिल हैं। भारत वर्तमान में अपने चौथे कार्यकाल (2021-25) के लिए समिति का सदस्य है।

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वहीं होयसला के पवित्र समूह में कर्नाटक के बेलूर, हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसला मंदिर शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया है। पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लिए यह और भी गौरव की बात है! होयसल के शानदार पवित्र स्मारकों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। होयसल मंदिरों की शाश्वत सुंदरता और जटिल विवरण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और हमारे पूर्वजों की असाधारण शिल्प कौशल का प्रमाण हैं।”

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