Mp Newsबुरहानपुर (मध्य प्रदेश): ऐतिहासिक नगरी बुरहानपुर के श्री परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में महान साहित्यकार एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पद्माभूषण सेठ गोविंद दास जी की पावन स्मृति में भव्य ‘स्मृति समारोह’ का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद एवं संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा आयोजित इस समारोह में कला, साहित्य और समाज सेवा से जुड़े प्रबुद्धजनों का विशाल समागम देखने को मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में जनसमुदाय को सेठ गोविंद दास जी के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। श्रीमती चिटनिस ने कहा कि सेठ जी का जीवन राष्ट्रभक्ति और साहित्य सेवा का अनुपम उदाहरण है। भारतीय संस्कृति की समृद्धि और राष्ट्र के गौरव को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए आज की पीढ़ी को उनके दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता खरगोन के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शंभू सिंह मनहर ने की। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए साहित्यकारों से अपनी रचनाओं के माध्यम से नवाचार करने का आग्रह किया। वहीं, साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश के निदेशक डॉ. विकास दवे ने ऑडियो संदेश के माध्यम से सभा को संबोधित किया। उन्होंने ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर को साहित्यिक जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाने हेतु अकादमी द्वारा निरंतर प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार श्री वीरेंद्र निर्झर ने अपने बीज वक्तव्य में सेठ गोविंद दास के जीवन, उनकी रचनाओं और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुरेंद्र जैन ‘भारती’ द्वारा किया गया, जिन्होंने सेठ जी के जीवन के कई अनछुए पहलुओं को सहजता से पटल पर रखा।
स्मृति समारोह के पूर्व ‘साहित्यिक संस्थाओं का सामाजिक सरोकार’ विषय पर एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। तत्पश्चात आयोजित काव्य गोष्ठी में बुरहानपुर एवं पड़ोसी जिलों से आए ख्यातिलब्ध कवियों और साहित्यकारों सर्वश्री रमेशचंद्र धुआंधार, श्याम ठाकुर, डॉ. सुनील दीक्षित, डॉ. उर्मिला चौकसे, डॉ. अश्विनी महाजन, सुनीता चौकसे, कमरुद्दीन ‘फलक’ एवं खंडवा से पधारे सुनील उपमन्यु ने अपनी उत्कृष्ट काव्य रचनाओं का पाठ कर समां बांध दिया।
संस्कृति विभाग की ओर से कार्यक्रम के समन्वयक श्री राकेश सिंह उपस्थित रहे, जबकि स्थानीय संयोजक श्री हितेष शाह ने सभी अतिथियों और साहित्य प्रेमियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर वैद्य सुभाष माने, बलराज नावानी, संजय सिंह शिंदे सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक, बुद्धिजीवी एवं साहित्य प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




