Burhanpur Newsबुरहानपुर।शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर समूचा बुरहानपुर शहर शक्ति की भक्ति में लीन है। जगह-जगह स्थापित मां दुर्गा के पंडालों से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। हालांकि, इस वर्ष शहर में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र ऐतिहासिक फव्वारा चौक पर बना मां दुर्गा का विशाल पंडाल बना हुआ है। इस वर्ष सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या में निर्मित भव्य श्री राम मंदिर की प्रतिकृति (मॉडल) के रूप में विशाल पंडाल तैयार किया गया है, जो कला और भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है।
57 वर्षों की अनूठी परंपरा: 35 किलो चांदी से दिव्य श्रृंगार
फव्वारा चौक स्थित इस समिति का इतिहास बेहद समृद्ध है। यहाँ पिछले 57 वर्षों से लगातार मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1999 में पहली बार मां भगवती का चांदी के आभूषणों से श्रृंगार करने की शुरुआत की गई थी। समय के साथ श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा के चलते आज मां का यह दिव्य श्रृंगार 35 किलोग्राम से अधिक चांदी के आभूषणों तक पहुँच चुका है।
इतना ही नहीं, मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था का प्रमाण यह भी है कि नवरात्रि के नौ दिनों तक रोजाना विशेष रूप से मुंबई से प्राकृतिक पुष्पों का भव्य हार मंगाया जाता है और माता रानी को अर्पित किया जाता है।
विदेशों से भी खिंचे चले आते हैं भक्त, समाजसेवा में भी अग्रणी
समिति का जुड़ाव केवल स्थानीय स्तर तक ही सीमित नहीं है। संस्था से जुड़े कई सदस्य जो वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में बस चुके हैं, वे भी नवरात्रि के दौरान बुरहानपुर आकर मां के चरणों में शीश नवाते हैं। समिति का मानना है कि पूरा शहर ही इस उत्सव का अभिन्न हिस्सा है। पूजा-अर्चना के साथ-साथ यह समिति सामाजिक चेतना, रचनात्मक गतिविधियों और मानव सेवा के कार्यों में भी निरंतर तत्पर रहती है।
श्रद्धालुओं का उत्साह और अटूट विश्वास
राम मंदिर थीम पर बने इस मनमोहक पंडाल और मां के आलौकिक स्वरूप के दर्शन करने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में भक्त पहुँच रहे हैं। दर्शन करने पहुँचे स्थानीय श्रद्धालुओं और महिलाओं का कहना है कि यहाँ आने पर अयोध्या के भव्य मंदिर जैसा ही अलौकिक अनुभव होता है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि फव्वारा चौक वाली माता रानी के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता और यहाँ सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है।




