Madhya Pradesh Foundation Dayबुरहानपुर। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर सेवासदन महाविद्यालय, बुरहानपुर में आयोजित तीन दिवसीय समारोह का उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा से परिचित कराना रहा।
तीन दिवसीय आयोजन के अंतर्गत निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला, समूह गायन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा स्वच्छता जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। इसके साथ ही महाविद्यालय परिसर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया गया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस.एम. शकील के मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश काले एवं प्रो. रूपाली पालीवाल के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर एनएसएस अधिकारी डॉ. राजेश काले ने मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और विकास यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ था। अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण मध्यप्रदेश को देश का हृदय प्रदेश भी कहा जाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों, महान महापुरुषों के योगदान, प्रमुख पर्यटन स्थलों और विभिन्न क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गौरवशाली विरासत को जानना और उसका सम्मान करना प्रत्येक युवा की जिम्मेदारी है।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश की लोककला, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता का आकर्षक प्रदर्शन किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और प्रतिभा देखने को मिली।
इस अवसर पर सेवासदन शिक्षा समिति की अध्यक्ष श्रीमती तारिका वीरेन्द्रसिंहजी ठाकुर एवं सचिव श्री के.डी. पटेल ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समापन कार्यक्रम में डॉ. सुनील दीक्षित, प्रो. संजय महाजन, एनएसएस, रेड रिबन एवं रेडक्रॉस के स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय समारोह ने विद्यार्थियों में प्रदेश के प्रति गौरव, सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया।




