BurhanpurJain Samaj बुरहानपुर, मध्य प्रदेश। बुरहानपुर में श्री दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित समवशरण विधान के अंतर्गत पंचम दिवस पर विशाल चक्रवर्ती दिग्विजय यात्रा निकाली गई। श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, राजपुरा से निकली इस भव्य यात्रा में जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। गाजे-बाजे, हाथी-घोड़ों और राजा-महाराजाओं की भव्य बग्घियों के साथ निकली यात्रा ने शहर में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण निर्मित किया।
22 से 29 अक्टूबर तक आयोजित समवशरण विधान का आयोजन परम पूज्य 108 मुनि श्री कुन्थुसागर महाराज के सानिध्य एवं धीरज भैया के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। पंचम दिवस पर मुनि श्री कुन्थुसागर महाराज और क्षुल्लक 105 अटल सागर महाराज के मार्गदर्शन में प्रतिष्ठाचार्य ब्रह्मचारी धीरज जैन एवं शोभित जैन ने धार्मिक विधि-विधान संपन्न कराए। इस अवसर पर चक्रवर्ती जम्बुकुमार जैन पहाड़िया का विधिवत पूजन-पाठ कराया गया।
सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
समाज के प्रमुख कार्यकर्ता महेंद्र जैन एवं प्रमोद जैन बड़जात्या ने बताया कि यात्रा का विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और संगठनों ने स्वागत किया। राजस्थानी समाज, मारवाड़ी युवा मंच, दवाई विक्रेता संघ, रोटरी क्लब सहित अन्य संगठनों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। यात्रा में बुरहानपुर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए जैन बंधुओं और अन्य आमंत्रित गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया।
मुनि श्री कुन्थुसागर महाराज ने दिया धर्म और गुरु महिमा का संदेश
यात्रा के समापन अवसर पर मुनि श्री कुन्थुसागर महाराज ने अपने प्रवचन में आचार्य संत शिरोमणि श्री विद्यासागर महाराज और आचार्य विद्यासागर समयसागर महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने अपने जीवन में दोनों आचार्यों के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।
समवशरण विधान के प्रवचन कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक अर्चना चिटनिस, नगर निगम अध्यक्ष अनीता अमर यादव, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रिंकू टाक और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने मुनिश्री के प्रवचन सुनकर श्रीफल भेंट किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई शोभा
पंचम दिवस की श्रावक सृष्टि का सौभाग्य रमेशनयन जैन सेठी परिवार को प्राप्त हुआ, जबकि संध्याकालीन आरती का सौभाग्य रिखबचंद आलोक कुमार पाटोदी परिवार को मिला। शांतिधारा का पुण्यलाभ मुकेश जैन ठोलिया, शरद संजय जैन हुमड़ और रमेश खूबचंद जैन हुमड़ परिवार को प्राप्त हुआ।
संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में चक्रवर्ती और बाहुबली युद्ध पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने उपस्थित समाजजनों को आकर्षित किया। राहतगढ़ से आए धीरज जैन और शोभित जैन के मार्गदर्शन में समवशरण विधान का आयोजन व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बुरहानपुर में जैन धर्म की परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश दिया गया




