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IAS Vivek Kumarबुरहानपुर: पहली जनसुनवाई में कलेक्टर विवेक कुमार ने जीता लोगों का दिल, दिव्यांग फरियादी को दिया अपना मोबाइल नंबर

IAS Vivek Kumarबुरहानपुर, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में नवागत कलेक्टर विवेक कुमार ने अपनी पहली जनसुनवाई में संवेदनशीलता, सादगी और जनसेवा की मिसाल पेश की। आमतौर पर प्रशासनिक अधिकारियों की व्यस्त दिनचर्या और औपचारिक कार्यशैली के बीच कलेक्टर का यह सहज व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। खास तौर पर एक दिव्यांग युवक को अपनी समस्या के समाधान के लिए व्यक्तिगत मोबाइल नंबर देना और एक बुजुर्ग महिला को सम्मानपूर्वक बैठाकर उसकी परेशानी सुनना लोगों के दिलों को छू गया।

आम आदमी की तरह कार्यालय पहुंचे कलेक्टर

बुरहानपुर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को साप्ताहिक जनसुनवाई चल रही थी। अधिकारी अपने-अपने स्तर पर आवेदकों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान नवागत कलेक्टर विवेक कुमार आम आदमी की तरह कार्यालय पहुंचे और सबसे पहले अपनी फरियाद लेकर आए एक दिव्यांग युवक से मुलाकात की।

कलेक्टर ने युवक की समस्या को गंभीरता से सुना और उसके समाधान का आश्वासन दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने एक कागज पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर युवक को दिया। साथ ही कहा कि यदि उसकी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो वह उन्हें फोन करके जानकारी दे सकता है।

कलेक्टर की इस पहल ने दिव्यांग आवेदक को न केवल भरोसा दिया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है।

बुजुर्ग महिला को सम्मानपूर्वक बैठाकर सुनी फरियाद

दिव्यांग युवक की समस्या सुनने के बाद कलेक्टर विवेक कुमार जनसुनवाई में पहुंचे और वहां मौजूद अन्य आवेदकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान एक बुजुर्ग महिला भी अपनी शिकायत लेकर पहुंची। कलेक्टर ने महिला को सम्मानपूर्वक अपने समकक्ष कुर्सी पर बैठाया और उसकी परेशानी ध्यान से सुनी।

उन्होंने महिला को भी समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। अधिकारियों का यह मानवीय व्यवहार उन लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है, जो लंबे समय से अपनी शिकायतों के निराकरण के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

जनसुनवाई से लोगों को फिर जगी उम्मीद

जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। लेकिन जब आवेदकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, तो व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा कमजोर होने लगता है।

ऐसे में कलेक्टर विवेक कुमार की संवेदनशील पहल ने लोगों के बीच प्रशासन से नई उम्मीद जगाई है। हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण से तय होगी।

दिव्यांग शिकायतकर्ता जुबैर अहमद का बयान

इस मामले में दिव्यांग शिकायतकर्ता जुबैर अहमद का बाइट भी महत्वपूर्ण है, जिसमें वे कलेक्टर से हुई मुलाकात और अपनी समस्या को लेकर मिले आश्वासन के बारे में जानकारी दे सकते हैं।

बुरहानपुर में कलेक्टर विवेक कुमार की पहली जनसुनवाई ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक पद की असली ताकत केवल अधिकारों में नहीं, बल्कि आम नागरिक की बात सुनने, उसे सम्मान देने और उसकी समस्या के समाधान के प्रति जवाबदेही निभाने में है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि जनसुनवाई में मिले आश्वासन जमीनी स्तर पर कितनी जल्दी पूरे होते हैं।

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