Burhanpur Waste Managementबुरहानपुर। स्वच्छ भारत मिशन और राष्ट्रीय पर्यावरण नीति के अनुरूप बुरहानपुर को प्लास्टिक मुक्त और सुंदर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नगर पालिक निगम बुरहानपुर द्वारा परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026’ पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल और उपस्थित अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण में फीडबैक फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट (गुड़गांव) के मास्टर ट्रेनर प्रदीप श्रीवास्तव, मुन्ना भट और आकाश यादव ने जन-प्रतिनिधियों व मैदानी अमले को प्रशिक्षित किया।
कचरा अब समस्या नहीं, बनेगा संसाधन
कार्यशाला के स्वागत उद्बोधन में पूर्व महापौर श्री अतुल पटेल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए कचरे को समस्या के स्थान पर संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने शहर में बायोगैस प्लांट स्थापित करने की संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा, “जब हम स्वयं कचरा पृथक्करण और इसके वैज्ञानिक प्रबंधन को सीखेंगे, तभी आम नागरिकों को सही तरीके से जागरूक कर पाएंगे।”
स्रोत पर पृथक्करण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के राष्ट्रीय और वैश्विक मानकों की जानकारी दी। इसमें मुख्य रूप से शामिल थे:
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स्रोत पर कचरा पृथक्करण: गीले, सूखे और हानिकारक कचरे को घर से ही अलग करना।
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वैज्ञानिक प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण (Recycling): कचरे का सही उपयोग और रीसाइक्लिंग।
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प्लास्टिक कचरा नियंत्रण: सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करना।
जनभागीदारी ही स्वच्छता की कुंजी: महापौर
महापौर श्रीमती माधुरी अतुल पटेल ने बुरहानपुर के पार्षदों और सफाई मित्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता को जब तक जनआंदोलन नहीं बनाया जाएगा, तब तक स्थायी बदलाव संभव नहीं है। वार्ड स्तर पर पार्षदों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने बुरहानपुर को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर पार्षद संभाजी सगरे, इस्माइल अंसारी, नितेश दलाल, सहायक आयुक्त सुश्री स्वर्णिका वर्मा, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोरे सहित नगर निगम का मैदानी अमला और सेक्टर अधिकारी उपस्थित रहे।
बुरहानपुर का यह प्रयास न केवल राज्य स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्वच्छता मानकों में भी शहर को अग्रणी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।




