Burhanpur Newsबुरहानपुर। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत जनजातीय क्षेत्रों के विकास और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसके अंतर्गत जनजातीय वर्ग के मत्स्य पालकों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
योजना का उद्देश्य और राष्ट्रीय-राज्य स्तर पर प्रभाव
राष्ट्रीय स्तर पर जनजातीय समुदायों के समग्र विकास (फोकस्ड डेवलपमेंट) के लिए शुरू किए गए ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण और वंचिता क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है। मध्य प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में बुरहानपुर जिला प्रशासन भी जनजातीय वर्ग के नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से मत्स्य पालन को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
इच्छुक एवं पात्र जनजातीय वर्ग के मत्स्य पालक निर्धारित समयावधि के भीतर अपने आवेदन निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं:
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पहचान प्रमाण पत्र / आधार कार्ड (सुरक्षित प्रपत्र)
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जाति प्रमाण पत्र (जनजातीय वर्ग की पुष्टि हेतु)
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निवास प्रमाण पत्र
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बैंक खाता विवरण (डीबीटी लाभ के लिए) एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज।
कहाँ और कैसे करें संपर्क?
मत्स्य पालन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि सभी पात्र हितग्राही निर्धारित समयावधि के दौरान कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योद्योग, जिला बुरहानपुर में कार्यालयीन समय में अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि (26 अक्टूबर) के पश्चात प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने बुरहानपुर जिले के सभी पात्र जनजातीय मत्स्य पालकों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन कर केंद्र और राज्य सरकार की इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए सीधे जिला मत्स्योद्योग कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।




