Friday, May 15, 2026
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Burhanpur News :बुरहानपुर की बेटी ने देश में बुरहानपुर और मप्र का नाम किया रोशन

– रैकी हीलिंग में हासिल की पीएचडी की डिग्री
– इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फिमेल केटेगरी में बना चुकी रिकॉर्ड

Burhanpur Newsबुरहानपुर केंद्र व राज्य सरकार के बेटी पढाओ, बेटी बचाव बेटी बढाओ आंदोलन का लगातार समाज पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है सरकार के इस आंदोलन से अब बेटियों के पालक अपनी बेटियों को उन क्षेत्रों में भी अपना करियर बनाने के लिए फ्री हैंड कर रहे है जिन पर अबतक केवल पुरूषों का ही आधिपत्य था
इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

Spiritual Clinic मप्र के बुरहानपुर में है एक अनूठा स्पिरिचुअल क्लिनीक रेडिएंट हीलिंग हब जहां एक छत के नीचे सात आध्यात्मिक विधाओ से मप्र की सब से कम उम्र की लाईफ ट्रेनर सिध्दि बरोले से मिलता है समस्याओं का समाधान

सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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– इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फिमेल केटेगरी में बना चुकी रिकॉर्ड

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इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

Spiritual Clinic मप्र के बुरहानपुर में है एक अनूठा स्पिरिचुअल क्लिनीक रेडिएंट हीलिंग हब जहां एक छत के नीचे सात आध्यात्मिक विधाओ से मप्र की सब से कम उम्र की लाईफ ट्रेनर सिध्दि बरोले से मिलता है समस्याओं का समाधान

सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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Burhanpur Newsबुरहानपुर केंद्र व राज्य सरकार के बेटी पढाओ, बेटी बचाव बेटी बढाओ आंदोलन का लगातार समाज पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है सरकार के इस आंदोलन से अब बेटियों के पालक अपनी बेटियों को उन क्षेत्रों में भी अपना करियर बनाने के लिए फ्री हैंड कर रहे है जिन पर अबतक केवल पुरूषों का ही आधिपत्य था
इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

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सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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Burhanpur Newsबुरहानपुर केंद्र व राज्य सरकार के बेटी पढाओ, बेटी बचाव बेटी बढाओ आंदोलन का लगातार समाज पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है सरकार के इस आंदोलन से अब बेटियों के पालक अपनी बेटियों को उन क्षेत्रों में भी अपना करियर बनाने के लिए फ्री हैंड कर रहे है जिन पर अबतक केवल पुरूषों का ही आधिपत्य था
इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

Spiritual Clinic मप्र के बुरहानपुर में है एक अनूठा स्पिरिचुअल क्लिनीक रेडिएंट हीलिंग हब जहां एक छत के नीचे सात आध्यात्मिक विधाओ से मप्र की सब से कम उम्र की लाईफ ट्रेनर सिध्दि बरोले से मिलता है समस्याओं का समाधान

सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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Burhanpur Newsबुरहानपुर केंद्र व राज्य सरकार के बेटी पढाओ, बेटी बचाव बेटी बढाओ आंदोलन का लगातार समाज पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है सरकार के इस आंदोलन से अब बेटियों के पालक अपनी बेटियों को उन क्षेत्रों में भी अपना करियर बनाने के लिए फ्री हैंड कर रहे है जिन पर अबतक केवल पुरूषों का ही आधिपत्य था
इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

Spiritual Clinic मप्र के बुरहानपुर में है एक अनूठा स्पिरिचुअल क्लिनीक रेडिएंट हीलिंग हब जहां एक छत के नीचे सात आध्यात्मिक विधाओ से मप्र की सब से कम उम्र की लाईफ ट्रेनर सिध्दि बरोले से मिलता है समस्याओं का समाधान

सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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– रैकी हीलिंग में हासिल की पीएचडी की डिग्री
– इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फिमेल केटेगरी में बना चुकी रिकॉर्ड

Burhanpur Newsबुरहानपुर केंद्र व राज्य सरकार के बेटी पढाओ, बेटी बचाव बेटी बढाओ आंदोलन का लगातार समाज पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है सरकार के इस आंदोलन से अब बेटियों के पालक अपनी बेटियों को उन क्षेत्रों में भी अपना करियर बनाने के लिए फ्री हैंड कर रहे है जिन पर अबतक केवल पुरूषों का ही आधिपत्य था
इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

Spiritual Clinic मप्र के बुरहानपुर में है एक अनूठा स्पिरिचुअल क्लिनीक रेडिएंट हीलिंग हब जहां एक छत के नीचे सात आध्यात्मिक विधाओ से मप्र की सब से कम उम्र की लाईफ ट्रेनर सिध्दि बरोले से मिलता है समस्याओं का समाधान

सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

Spiritual Clinic मप्र के बुरहानपुर में है एक अनूठा स्पिरिचुअल क्लिनीक रेडिएंट हीलिंग हब जहां एक छत के नीचे सात आध्यात्मिक विधाओ से मप्र की सब से कम उम्र की लाईफ ट्रेनर सिध्दि बरोले से मिलता है समस्याओं का समाधान

सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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Burhanpur News :बुरहानपुर की बेटी ने देश में बुरहानपुर और मप्र का नाम किया रोशन

– रैकी हीलिंग में हासिल की पीएचडी की डिग्री
– इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फिमेल केटेगरी में बना चुकी रिकॉर्ड

Burhanpur Newsबुरहानपुर केंद्र व राज्य सरकार के बेटी पढाओ, बेटी बचाव बेटी बढाओ आंदोलन का लगातार समाज पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है सरकार के इस आंदोलन से अब बेटियों के पालक अपनी बेटियों को उन क्षेत्रों में भी अपना करियर बनाने के लिए फ्री हैंड कर रहे है जिन पर अबतक केवल पुरूषों का ही आधिपत्य था
इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

Spiritual Clinic मप्र के बुरहानपुर में है एक अनूठा स्पिरिचुअल क्लिनीक रेडिएंट हीलिंग हब जहां एक छत के नीचे सात आध्यात्मिक विधाओ से मप्र की सब से कम उम्र की लाईफ ट्रेनर सिध्दि बरोले से मिलता है समस्याओं का समाधान

सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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इसी की एक ताजी बानगी मप्र के छोटे जिले बुरहानपुर में भी साफ दिखाई दे रही है बुरहानपुर में रहने वाली सिध्दि बरोले नामक बेटी जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बुरहानपुर से फिर उच्च शिक्षा इंदौर और मुंबई में करने के बाद मल्टी नेशनल कंपनियों या सिविल सर्विस में अपना करियर बनाने के बजाए लाईफ कोच के रूप में अपना करियर चुना 23 वर्षीय सिध्दि बरोले को इसकी प्रेरणा अपने परिवार से मिला उनके परिवार का माहौल आध्यात्मिक होने से उनकी प्रेरणा मिली
अपनी बीबीए और एमबीए की उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद सिध्दि बरोले रैकी ग्रैंज मास्टर थैरेपी की शिक्षा हासिल की इसके साथ ही उनकी रूचि इस क्षेत्र में बढी सिध्दि बरोले ने रैकी ग्रेंड मास्टर के अलावा 6 और विधाए जैसे लामा फेमा मास्टर, एंजल हीलिंग मास्टर, क्रिस्टल थैरिपिस्ट, न्यूमैरोलॉजिस्ट, सेवन चक्रास हीलिंग, टैरो कार्ड रीडर एक्सपर्ट के साथ साथ वास्तु सलाहकार की भी शिक्षा हासिल की

Spiritual Clinic मप्र के बुरहानपुर में है एक अनूठा स्पिरिचुअल क्लिनीक रेडिएंट हीलिंग हब जहां एक छत के नीचे सात आध्यात्मिक विधाओ से मप्र की सब से कम उम्र की लाईफ ट्रेनर सिध्दि बरोले से मिलता है समस्याओं का समाधान

सिध्दि बरोले मप्र की पहली सबसे कम उम्र की इतनी विधाओं को एक साथ जानने वाली एक्सपर्ट बन गई है हाल ही में इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड में यंगेस्ट टेरो कार्ड रीडर फीमेल कैटेगिरी खिताब हासिल किया है
सिध्दि बरोले ने हासिल की रैकी हीलिंग में पाई पीएचडी की उपाधि
बुरहानपुर की बेटी सिध्दि बरोले ने देश में मप्र का मान बढाया है सिध्दि बरोले ने रैकी हीलिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की है राजस्थान के उदयपुर में नीति आयोग भारत सरकार से पंजीबध्द तथा लामा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी फ्लोरिडा यूएसए से सम्बध्द श्री महर्षि कॉलेज ऑफ वैदिक एस्ट्रोलॉजी व्दारा समारोहपूर्वक पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया गया है
सिध्दि बरोले ने बताया उन्होने रैकी ग्रेंड मास्टर और लामा फेरा विधा में तुलनात्मक अध्ययन विषय पर उन्होने पीएचडी की है 300 पेज की उन्होने थीसेस प्रस्तुत की जिसका उन्होने यह निष्कर्ष निकाला दोनों विधा का तरीका अलग अलग है लेकिन उदेश्य केवल एक है समस्या का जड से हल करना

सिध्दि बरोले ने युवाओ दिया संदेश वर्तमान पर करें फोकस

रैकी ग्रेड मास्टर विधा में पीएचडी हासिल करने वाली लाईफ कोच सिध्दि बरोले ने युवाओं को संदेश दिया वह अपने वर्तमान पर फोकस करें अगर भूत और भविष्य पर अधिक फोकस करेंगे तो ओव्हर थिंकिंग से उन्हें समस्या होगी वर्तमान अच्छा होगा तो खूद ब खूद भविष्य अच्छा होगा

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