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Burhanpurमध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत झांझर क्षेत्र में आज वन विभाग, पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा एक संयुक्त अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों के एक हिंसक समूह ने सरकारी टीम पर पथराव कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
क्या था पूरा मामला?
अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही से पूर्व विभाग द्वारा सभी संबंधितों को विधिवत बेदखली नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया। आज जब वन, पुलिस और राजस्व का संयुक्त दल कार्रवाई के लिए मौके पर पहुँचा, तो अतिक्रमणकारियों ने हिंसक विरोध शुरू कर दिया। दल पर पथराव किया गया, जिसमें कार्रवाई में जुटी तीन जेसीबी मशीनों के कांच तोड़ दिए गए। इस दौरान एक जेसीबी चालक के सिर में गंभीर चोट आई, जिसे तुरंत एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुँचाया गया। उपचार के बाद अब चालक खतरे से बाहर है। घटना में एक राजस्व निरीक्षक और एक पटवारी को भी चोटें आई हैं।
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दृढ़ संकल्प के साथ जारी रही कार्रवाई
पथराव और विरोध के बावजूद, प्रशासनिक और वन विभाग की टीम ने संयम और दृढ़ता का परिचय देते हुए अपनी कार्रवाई जारी रखी। भारी बल की तैनाती के बीच, अतिक्रमणकारियों द्वारा अवैध रूप से बनाई गई 49 अस्थायी झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया। वन विभाग की टीम ने लगभग 190 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया और भविष्य में पुन: अतिक्रमण रोकने के लिए ट्रेंच (खाई) खोदने का काम पूरा किया।
500 कर्मियों की तैनाती
इस बड़े अभियान में बुरहानपुर डीएफओ श्री विद्याभूषण सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अंतर सिंह कनेश, भारतीय वन सेवा प्रशिक्षु श्री अजय गुप्ता, एसडीएम श्री भागीरथ वाखला, एसडीओ (वन) बुरहानपुर श्री अजय सागर, एसडीओ (वन) नेपानगर श्री विक्रम सुल्या और एसजीओ (प्रोबेशनर) शिवम गौतम के नेतृत्व में लगभग 500 अधिकारियों व कर्मचारियों का दल मौजूद था। सुरक्षा व्यवस्था और कार्रवाई के लिए बुरहानपुर के अलावा खंडवा, बड़वाह और खरगोन से भी बल बुलाया गया था।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अब वन अपराध दर्ज कर विधि सम्मत सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग का कहना है कि वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान आगे भी इसी गति से जारी रहेगा।






