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AllisWellबुरहानपुर ने रचा इतिहास: ‘ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल’ में पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट; मध्यप्रदेश का 5वां जिला बना

*अब जिंदगी बचाने के लिए महानगरों की ओर नहीं…*
*बुरहानपुर ने रचा पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट का इतिहास*
*ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल ने बदली मध्यभारत की स्वास्थ्य तस्वीर*
*मध्यप्रदेश का 5वां जिला बना बुरहानपुर जहां सफल हुआ किडनी प्रत्यारोपण*

AllisWell निमाड़ की धरती ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐसा इतिहास रचा है, जिसने पूरे मध्यभारत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। बुरहानपुर स्थित [All Is Well Hospital]ने अपना पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर न केवल एक मासूम बच्चे को नया जीवन दिया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि अब अत्याधुनिक और जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहीं।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ बुरहानपुर, मध्यप्रदेश का 5वां ऐसा जिला बन गया है जहां सफल किडनी प्रत्यारोपण किया गया है। इससे पहले केवल इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में ही यह सुविधा उपलब्ध थी। अब निमाड़ और खानदेश क्षेत्र के हजारों मरीजों को जीवन बचाने के लिए महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

यह सफलता केवल एक सर्जरी नहीं, बल्कि दूरदृष्टि, विश्वास, विशेषज्ञता और मानवीय संवेदनाओं की ऐसी कहानी है जिसने एक छोटे शहर को चिकित्सा क्षेत्र के राष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित कर दिया है। उल्लेखनीय है कि ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल ने किडनी ट्रांसप्लांट कार्यक्रम की दिशा में कदम वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अनीता चौकसे के मार्गदर्शन और प्रेरणा से बढ़ाया। उनके विज़न और सतत प्रेरणा ने अस्पताल को इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को शुरू करने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की।

ग्राम केरपानी, तहसील नेपानगर निवासी मजदूर श्री राजेश काटेकर और आशा कार्यकर्ता श्रीमती रजनी काटेकर के पुत्र प्रांजल की जिंदगी कई महीनों से डायलिसिस मशीनों के सहारे चल रही थी। परिवार ने बुरहानपुर से लेकर नागपुर और वर्धा तक इलाज करवाया, लेकिन आर्थिक और मानसिक संघर्ष लगातार बढ़ता गया। ऐसे कठिन समय में ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल उनके लिए उम्मीद की अंतिम किरण बनकर सामने आया।

सितंबर 2025 में प्रांजल का इलाज ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल में प्रारंभ हुआ, जहां इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. द्वियेश लाड़ और डायलिसिस विभाग की टीम ने उसकी स्थिति को गंभीरता से समझते हुए नियमित डायलिसिस शुरू करवाई। उसी दौरान हॉस्पिटल किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम की अनुमति प्राप्त करने की अंतिम प्रक्रिया में था।

जब परिवार को पता चला कि अब बुरहानपुर में ही किडनी ट्रांसप्लांट संभव हो सकेगा, तब उनके मन में आशा जगी, लेकिन ट्रांसप्लांट के संभावित खर्च ने उन्हें फिर निराश कर दिया। इसी दौरान हॉस्पिटल की कार्यकारी निदेशक श्रीमती देवांशी चौकसे ने परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। यही वह क्षण था जब एक परिवार की टूटती उम्मीदों को नया सहारा मिला।

इसके बाद नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. मधुर मणियार, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर श्रीमती प्रीति खैरनार एवं विशेषज्ञ टीम के मार्गदर्शन में लगभग तीन महीनों तक डोनर एवं रिसीपिएंट की विस्तृत जांच, काउंसिलिंग और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। सभी जांचों के बाद यह तय हुआ कि प्रांजल की माता श्रीमती रजनी काटेकर अपनी किडनी दान करेंगी।

सोटो मध्यप्रदेश (SOTTO MP) से अनुमति प्राप्त होने के बाद 15 मई 2026 को सुबह 6 बजे ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल और शैलबी हॉस्पिटल इंदौर की संयुक्त विशेषज्ञ सर्जिकल टीम ने यह जटिल प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक संपन्न किया। शैलबी हॉस्पिटल की टीम का नेतृत्व प्रसिद्ध ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. विनित जैन द्वारा किया गया। लेप्रोस्कोपिक तकनीक से डोनर से किडनी निकालकर प्रांजल में प्रत्यारोपित की गई। ऑपरेशन के बाद डोनर और रिसीपिएंट दोनों स्वस्थ हैं और तेजी से रिकवर कर रहे हैं।

इस ऐतिहासिक सर्जरी में यूरोसर्जन डॉ. प्रशांत खैरनार, डॉ. पृथ्वीराज गोमसाले, नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. प्रांजल काशिव, डॉ. मधुर मणियार, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. हितेषी बैस तथा डॉ. विनित जैन के नेतृत्व में शैलबी हॉस्पिटल इंदौर की विशेषज्ञ टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल एक मेडिकल सफलता नहीं, बल्कि पूरे निमाड़ क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव का संकेत है। जिस क्षेत्र के मरीज कभी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों पर निर्भर थे, वहीं अब विश्वस्तरीय ट्रांसप्लांट सेवाएं उपलब्ध होना स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल पूर्व में भी निमाड़ क्षेत्र में कई उन्नत चिकित्सा सेवाओं की शुरुआत करने वाला पहला संस्थान बन चुका है। एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी, ओपन हार्ट सर्जरी, वाल्व रिप्लेसमेंट, ब्रेन सर्जरी, कैंसर सर्जरी और कीमोथेरेपी जैसी सेवाओं के बाद अब सफल किडनी ट्रांसप्लांट ने अस्पताल को मध्य भारत के उभरते हुए सुपर स्पेशलिटी एवं ट्रांसप्लांट सेंटर के रूप में स्थापित कर दिया है।

एक मासूम बच्चे की मुस्कान के साथ बुरहानपुर ने यह साबित कर दिया है कि अब चिकित्सा के बड़े चमत्कार केवल महानगरों की पहचान नहीं, बल्कि छोटे शहरों की नई ताकत बनते जा रहे हैं

*आनंद प्रकाश चौकसे, फाउंडर एवं चेयरमैन*

केवल 7 वर्षों के सफर में ऑल इज़ वेल मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल बुरहानपुर जैसे छोटे शहर में सफल किडनी ट्रांसप्लांट तक पहुंच चुका है। आने वाले 6 महीनों में हम लीवर ट्रांसप्लांट की सेवाएं भी शुरू करने जा रहे हैं और अगले एक वर्ष के भीतर लंग्स एवं हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए भी हमारी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। हम चाहते हैं कि विश्वस्तर पर जो भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, वे सब हमारे लोगों को अपने ही शहर में उपलब्ध हों। हमारा लक्ष्य ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल को केवल मध्यभारत ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक ‘विश्वस्तरीय स्वास्थय केंद्र’ के रूप में स्थापित करना है, जहां इलाज केवल तकनीक से नहीं, बल्कि विश्वास, संवेदनाओं और सेवा भाव से किया जाए। हम मानते हैं कि बड़े सपने केवल महानगरों की पहचान नहीं होते। यदि संकल्प मजबूत हो, तो छोटे शहर भी चिकित्सा क्षेत्र में बड़े इतिहास रच सकते हैं।

*कबीर चौकसे, मैनेजिंग डायरेक्टर*

ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल के संस्थापक आनंद सर एवं मंजू मैम के विज़न के साथ इस उद्देश्य से स्थापित किया गया कि बुरहानपुर एवं आसपास के 200 किलोमीटर क्षेत्र के लोगों को उन्नत और बेहतर स्वास्थय सेवाएँ अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकें। आज किडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल चिकित्सा सेवा की सफल शुरुआत इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह उपलब्धि केवल चिकित्सा क्षेत्र में सफलता नहीं, बल्कि उन हजारों मरीजों और परिवारों के लिए नई उम्मीद है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल भविष्य में भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, समर्पित सेवाओं और जनकल्याण की भावना के साथ समाज को बेहतर स्वास्थय सेवाएँ प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रहेगा ।

*डॉ. अमोल हेडाव, मेडिकल डारेक्टर*

बुरहानपुर जैसे छोटे शहर में सफल किडनी ट्रांसप्लांट करना चिकित्सा दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था, क्योंकि इसके लिए उच्चस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित विशेषज्ञ टीम, संक्रमण नियंत्रण और अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर सपोर्ट की आवश्यकता होती है। हमें गर्व है कि ऑल इज़ वेल हॉस्पिटल ने इन सभी चुनौतियों को पार करते हुए इस जटिल प्रत्यारोपण को सफलतापूर्वक संपन्न कर पूरे निमाड़ क्षेत्र के लिए नई उम्मीद जगाई है।

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