IPS Ashutosh Bagri Burhanpurबुरहानपुर। ऐतिहासिक और पर्यटन नगरी बुरहानपुर में शारदीय नवरात्र के अवसर पर धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है। अष्टमी के पावन अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने अपनी पत्नी के साथ फव्वारा चौक स्थित श्री सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति, नवदुर्गा चौक के पंडाल में पहुंचकर मां जगदम्बे की महाआरती की। इस दौरान उन्होंने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। समिति की ओर से पुलिस अधीक्षक का स्वागत करते हुए उन्हें मां जगदम्बे का छायाचित्र स्मृति चिह्न के रूप में भेंट किया गया।
57 वर्षों से मां जगदम्बे की सेवा में जुटी समिति
श्री सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति, नवदुर्गा चौक फव्वारा चौक पिछले 57 वर्षों से लगातार मां जगदम्बे की सेवा और नवरात्र उत्सव के आयोजन में सक्रिय है। अष्टमी के अवसर पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने सहपत्नीक पंडाल में पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने आचार्य हेमल शास्त्री से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
समिति पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को आयोजन की परंपरा और व्यवस्थाओं से अवगत कराया। लंबे समय से आयोजित हो रहे इस धार्मिक उत्सव में श्रद्धालुओं की भागीदारी और आयोजन की व्यवस्थाएं विशेष महत्व रखती हैं।
CCTV व्यवस्था देखकर प्रभावित हुए पुलिस अधीक्षक
मां जगदम्बे की महाआरती के बाद पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने पंडाल की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। समिति द्वारा सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और निगरानी व्यवस्था की उन्होंने सराहना की।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पंडाल की व्यवस्था देखकर वह काफी अभिभूत हैं। समिति ने जिस तरह सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुरक्षा और निगरानी की चाक-चौबंद व्यवस्था की है, वह अत्यंत सराहनीय है। धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थित आयोजन के लिए ऐसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने समिति के कार्यालय का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को देखा।
समिति ने स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान श्री सार्वजनिक नवदुर्गा उत्सव समिति की ओर से पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी को मां जगदम्बे का छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। अष्टमी के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में भक्ति, परंपरा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलू देखने को मिले।
समिति की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले 57 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह उत्सव क्षेत्र की धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाएं धार्मिक आयोजनों में सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदारी का संदेश भी देती हैं।
बुरहानपुर में धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और बेहतर प्रबंधन जैसे प्रयास उत्सव को व्यवस्थित बनाने में सहायक साबित हो सकते हैं।




