Tuesday, January 27, 2026
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Gayatri Pariwar News : गायत्री परिवार के स्वास्थ्य आंदोलन के तहत प्राकृतिक रंगों की होली का आयोजन

Holi Celebration :ब्लु वेव्स वॉटर पार्क में मस्ती की पिचकारी का आयोजन 25 मार्च सोमवार को

Gayatri Pariwar Newsबुरहानपुर(बिजनेस न्यूज) होली के उत्साह उमंग में हर कोई भागीदार बनना चाहता है लेकिन रंगो में लगातर बढते केमिकल के उपयोग के चलते अधिकतक लोगों ने रंगो के इस त्यौहार होली से दूरी बना ली है ऐसे ही लोगो और सभी लोगो के लिए इस उत्साह उमंग और रंगो के त्यौहार को रोमांचकारी बनाने के लिए गायत्री परिवार के स्वास्थ्य आंदोलन कार्यक्रम के तहत 25 मार्च सोमवार को लालबाग रोड स्थित श्री कृष्ण मंगल परिसर में प्राकृतिक रंगों की होली का आयोजन किया गया है

Rangotsav 2024 : शहर के बीचोबीच श्रीकृष्ण मंगल परिसर में रंग उत्सव 2024 का आयोजन 25 मार्च सोमवार को
गायत्री परिवार के मनोज तिवारी ने बताया केमिकल और गुलाल के डर से क्या आपने इस उमंग और उत्साह भरे पर्व को खेलना बंद दिया है।तो आइये, बिना डरे सामाजिक एवं पारिवारिक वातावरण में अपने परिवार एवं मित्रों के साथ प्राकृतिक रंगों की होली खेलने का आनंद लीजिये। आगे उन्होने कहा
*होली के रंगों से अब न डरो*
*प्राकृतिक रंगों से होली खेलो* 25 मार्च सोमवार को श्रीकृष्ण मंगल परिसर में सबह 8 बजे से 10 बजे तक प्राकृतिक रंगो की होली का आयोजन किया गया है इसमें प्रति व्यक्ति 50 रूपए के हिसाब से प्रवेश पास रखा गया है
मनोज तिवारी ने आगे बताया होली के बदलते स्वरूप के कारण इस पर्व का पौराणिक महत्व विलुप्त होता जा रहा है। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण एवं उनके सखा आयुर्वेदिक, प्राकृतिक सुगंधित पदार्थो से बने उबटन से होली खेलते थे।
इस परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए गायत्री परिवार
*👉🏻हल्दी* से पिला रंग
*👉🏻चुकंदर* से लाल रंग
*👉🏻मुलतानी मिट्टी* हल्का पीला रंग
*👉🏻टेसू के फूल* से नारंगी रंग
*👉🏻अष्टगंध* भगवा रंग
*👉🏻नीम रस* हरा रंग
*👉🏻गोपी चंदन* से सफेद रंग
में कपूर काचरी, अम्बा हल्दी, मोसंबी, संतरे और निम्बू के छिलकों का पॉवडर, गुलाबजल मिलाकर ताजे एवं सुगन्धित रंग बनाकर
त्वचा की सुंदरता को निखारने वाले पदार्थो से बने रंगों से होली खेलते है।
जो त्वचा के ऊपर जमे मेल और शुष्क त्वचा को निखारकर उसे मुलायम और सुगंधित बनाती है।
इस अद्वितीय पर्व को शहर के सभ्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में परिवार सहित आकर पारिवारिक वातावरण में मनाते है।
*जिन्होंने वर्षो से होली खेलना छोड़ दिया था उन्होंने फिर से होली खेल स्वास्थ्य लाभ तो पाया ही साथ ही उमंग एवं उत्साह से भरे इस पर्व के महत्व को हृदय से अनुभव किया।
प्राकृतिक रंगो की होली के आयोजक अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिव्दार है
इस आयोजन के लिए सीमित स्थान है इस आयोजन में आने वाले नागरिकों से अनुरोध के वह अपने साथ किसी तरह का रंग ना लेकर आए यहीं पर प्राकृतिक रंगो की व्यवस्था की गई है इच्छुक नागरिक कूपन के लिए गायत्री परिवार के मनोज तिवारी के मोबाईल नंबर 9479600130 पर संपर्क कर सके है

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Gayatri Pariwar Newsबुरहानपुर(बिजनेस न्यूज) होली के उत्साह उमंग में हर कोई भागीदार बनना चाहता है लेकिन रंगो में लगातर बढते केमिकल के उपयोग के चलते अधिकतक लोगों ने रंगो के इस त्यौहार होली से दूरी बना ली है ऐसे ही लोगो और सभी लोगो के लिए इस उत्साह उमंग और रंगो के त्यौहार को रोमांचकारी बनाने के लिए गायत्री परिवार के स्वास्थ्य आंदोलन कार्यक्रम के तहत 25 मार्च सोमवार को लालबाग रोड स्थित श्री कृष्ण मंगल परिसर में प्राकृतिक रंगों की होली का आयोजन किया गया है

Rangotsav 2024 : शहर के बीचोबीच श्रीकृष्ण मंगल परिसर में रंग उत्सव 2024 का आयोजन 25 मार्च सोमवार को
गायत्री परिवार के मनोज तिवारी ने बताया केमिकल और गुलाल के डर से क्या आपने इस उमंग और उत्साह भरे पर्व को खेलना बंद दिया है।तो आइये, बिना डरे सामाजिक एवं पारिवारिक वातावरण में अपने परिवार एवं मित्रों के साथ प्राकृतिक रंगों की होली खेलने का आनंद लीजिये। आगे उन्होने कहा
*होली के रंगों से अब न डरो*
*प्राकृतिक रंगों से होली खेलो* 25 मार्च सोमवार को श्रीकृष्ण मंगल परिसर में सबह 8 बजे से 10 बजे तक प्राकृतिक रंगो की होली का आयोजन किया गया है इसमें प्रति व्यक्ति 50 रूपए के हिसाब से प्रवेश पास रखा गया है
मनोज तिवारी ने आगे बताया होली के बदलते स्वरूप के कारण इस पर्व का पौराणिक महत्व विलुप्त होता जा रहा है। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण एवं उनके सखा आयुर्वेदिक, प्राकृतिक सुगंधित पदार्थो से बने उबटन से होली खेलते थे।
इस परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए गायत्री परिवार
*👉🏻हल्दी* से पिला रंग
*👉🏻चुकंदर* से लाल रंग
*👉🏻मुलतानी मिट्टी* हल्का पीला रंग
*👉🏻टेसू के फूल* से नारंगी रंग
*👉🏻अष्टगंध* भगवा रंग
*👉🏻नीम रस* हरा रंग
*👉🏻गोपी चंदन* से सफेद रंग
में कपूर काचरी, अम्बा हल्दी, मोसंबी, संतरे और निम्बू के छिलकों का पॉवडर, गुलाबजल मिलाकर ताजे एवं सुगन्धित रंग बनाकर
त्वचा की सुंदरता को निखारने वाले पदार्थो से बने रंगों से होली खेलते है।
जो त्वचा के ऊपर जमे मेल और शुष्क त्वचा को निखारकर उसे मुलायम और सुगंधित बनाती है।
इस अद्वितीय पर्व को शहर के सभ्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में परिवार सहित आकर पारिवारिक वातावरण में मनाते है।
*जिन्होंने वर्षो से होली खेलना छोड़ दिया था उन्होंने फिर से होली खेल स्वास्थ्य लाभ तो पाया ही साथ ही उमंग एवं उत्साह से भरे इस पर्व के महत्व को हृदय से अनुभव किया।
प्राकृतिक रंगो की होली के आयोजक अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिव्दार है
इस आयोजन के लिए सीमित स्थान है इस आयोजन में आने वाले नागरिकों से अनुरोध के वह अपने साथ किसी तरह का रंग ना लेकर आए यहीं पर प्राकृतिक रंगो की व्यवस्था की गई है इच्छुक नागरिक कूपन के लिए गायत्री परिवार के मनोज तिवारी के मोबाईल नंबर 9479600130 पर संपर्क कर सके है

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Gayatri Pariwar Newsबुरहानपुर(बिजनेस न्यूज) होली के उत्साह उमंग में हर कोई भागीदार बनना चाहता है लेकिन रंगो में लगातर बढते केमिकल के उपयोग के चलते अधिकतक लोगों ने रंगो के इस त्यौहार होली से दूरी बना ली है ऐसे ही लोगो और सभी लोगो के लिए इस उत्साह उमंग और रंगो के त्यौहार को रोमांचकारी बनाने के लिए गायत्री परिवार के स्वास्थ्य आंदोलन कार्यक्रम के तहत 25 मार्च सोमवार को लालबाग रोड स्थित श्री कृष्ण मंगल परिसर में प्राकृतिक रंगों की होली का आयोजन किया गया है

Rangotsav 2024 : शहर के बीचोबीच श्रीकृष्ण मंगल परिसर में रंग उत्सव 2024 का आयोजन 25 मार्च सोमवार को
गायत्री परिवार के मनोज तिवारी ने बताया केमिकल और गुलाल के डर से क्या आपने इस उमंग और उत्साह भरे पर्व को खेलना बंद दिया है।तो आइये, बिना डरे सामाजिक एवं पारिवारिक वातावरण में अपने परिवार एवं मित्रों के साथ प्राकृतिक रंगों की होली खेलने का आनंद लीजिये। आगे उन्होने कहा
*होली के रंगों से अब न डरो*
*प्राकृतिक रंगों से होली खेलो* 25 मार्च सोमवार को श्रीकृष्ण मंगल परिसर में सबह 8 बजे से 10 बजे तक प्राकृतिक रंगो की होली का आयोजन किया गया है इसमें प्रति व्यक्ति 50 रूपए के हिसाब से प्रवेश पास रखा गया है
मनोज तिवारी ने आगे बताया होली के बदलते स्वरूप के कारण इस पर्व का पौराणिक महत्व विलुप्त होता जा रहा है। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण एवं उनके सखा आयुर्वेदिक, प्राकृतिक सुगंधित पदार्थो से बने उबटन से होली खेलते थे।
इस परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए गायत्री परिवार
*👉🏻हल्दी* से पिला रंग
*👉🏻चुकंदर* से लाल रंग
*👉🏻मुलतानी मिट्टी* हल्का पीला रंग
*👉🏻टेसू के फूल* से नारंगी रंग
*👉🏻अष्टगंध* भगवा रंग
*👉🏻नीम रस* हरा रंग
*👉🏻गोपी चंदन* से सफेद रंग
में कपूर काचरी, अम्बा हल्दी, मोसंबी, संतरे और निम्बू के छिलकों का पॉवडर, गुलाबजल मिलाकर ताजे एवं सुगन्धित रंग बनाकर
त्वचा की सुंदरता को निखारने वाले पदार्थो से बने रंगों से होली खेलते है।
जो त्वचा के ऊपर जमे मेल और शुष्क त्वचा को निखारकर उसे मुलायम और सुगंधित बनाती है।
इस अद्वितीय पर्व को शहर के सभ्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में परिवार सहित आकर पारिवारिक वातावरण में मनाते है।
*जिन्होंने वर्षो से होली खेलना छोड़ दिया था उन्होंने फिर से होली खेल स्वास्थ्य लाभ तो पाया ही साथ ही उमंग एवं उत्साह से भरे इस पर्व के महत्व को हृदय से अनुभव किया।
प्राकृतिक रंगो की होली के आयोजक अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिव्दार है
इस आयोजन के लिए सीमित स्थान है इस आयोजन में आने वाले नागरिकों से अनुरोध के वह अपने साथ किसी तरह का रंग ना लेकर आए यहीं पर प्राकृतिक रंगो की व्यवस्था की गई है इच्छुक नागरिक कूपन के लिए गायत्री परिवार के मनोज तिवारी के मोबाईल नंबर 9479600130 पर संपर्क कर सके है

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Gayatri Pariwar Newsबुरहानपुर(बिजनेस न्यूज) होली के उत्साह उमंग में हर कोई भागीदार बनना चाहता है लेकिन रंगो में लगातर बढते केमिकल के उपयोग के चलते अधिकतक लोगों ने रंगो के इस त्यौहार होली से दूरी बना ली है ऐसे ही लोगो और सभी लोगो के लिए इस उत्साह उमंग और रंगो के त्यौहार को रोमांचकारी बनाने के लिए गायत्री परिवार के स्वास्थ्य आंदोलन कार्यक्रम के तहत 25 मार्च सोमवार को लालबाग रोड स्थित श्री कृष्ण मंगल परिसर में प्राकृतिक रंगों की होली का आयोजन किया गया है

Rangotsav 2024 : शहर के बीचोबीच श्रीकृष्ण मंगल परिसर में रंग उत्सव 2024 का आयोजन 25 मार्च सोमवार को
गायत्री परिवार के मनोज तिवारी ने बताया केमिकल और गुलाल के डर से क्या आपने इस उमंग और उत्साह भरे पर्व को खेलना बंद दिया है।तो आइये, बिना डरे सामाजिक एवं पारिवारिक वातावरण में अपने परिवार एवं मित्रों के साथ प्राकृतिक रंगों की होली खेलने का आनंद लीजिये। आगे उन्होने कहा
*होली के रंगों से अब न डरो*
*प्राकृतिक रंगों से होली खेलो* 25 मार्च सोमवार को श्रीकृष्ण मंगल परिसर में सबह 8 बजे से 10 बजे तक प्राकृतिक रंगो की होली का आयोजन किया गया है इसमें प्रति व्यक्ति 50 रूपए के हिसाब से प्रवेश पास रखा गया है
मनोज तिवारी ने आगे बताया होली के बदलते स्वरूप के कारण इस पर्व का पौराणिक महत्व विलुप्त होता जा रहा है। जिसमें भगवान श्रीकृष्ण एवं उनके सखा आयुर्वेदिक, प्राकृतिक सुगंधित पदार्थो से बने उबटन से होली खेलते थे।
इस परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए गायत्री परिवार
*👉🏻हल्दी* से पिला रंग
*👉🏻चुकंदर* से लाल रंग
*👉🏻मुलतानी मिट्टी* हल्का पीला रंग
*👉🏻टेसू के फूल* से नारंगी रंग
*👉🏻अष्टगंध* भगवा रंग
*👉🏻नीम रस* हरा रंग
*👉🏻गोपी चंदन* से सफेद रंग
में कपूर काचरी, अम्बा हल्दी, मोसंबी, संतरे और निम्बू के छिलकों का पॉवडर, गुलाबजल मिलाकर ताजे एवं सुगन्धित रंग बनाकर
त्वचा की सुंदरता को निखारने वाले पदार्थो से बने रंगों से होली खेलते है।
जो त्वचा के ऊपर जमे मेल और शुष्क त्वचा को निखारकर उसे मुलायम और सुगंधित बनाती है।
इस अद्वितीय पर्व को शहर के सभ्य एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में परिवार सहित आकर पारिवारिक वातावरण में मनाते है।
*जिन्होंने वर्षो से होली खेलना छोड़ दिया था उन्होंने फिर से होली खेल स्वास्थ्य लाभ तो पाया ही साथ ही उमंग एवं उत्साह से भरे इस पर्व के महत्व को हृदय से अनुभव किया।
प्राकृतिक रंगो की होली के आयोजक अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिव्दार है
इस आयोजन के लिए सीमित स्थान है इस आयोजन में आने वाले नागरिकों से अनुरोध के वह अपने साथ किसी तरह का रंग ना लेकर आए यहीं पर प्राकृतिक रंगो की व्यवस्था की गई है इच्छुक नागरिक कूपन के लिए गायत्री परिवार के मनोज तिवारी के मोबाईल नंबर 9479600130 पर संपर्क कर सके है

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