Burhanpur News Todayबुरहानपुर, 24 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में न्यायालयों में बढ़ते प्रकरणों को कम करने और छोटे-मोटे विवादों का आपसी सहमति से समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक होटल मन हॉलिडे रिसॉर्ट, बुरहानपुर में आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती विधि सक्सेना के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय श्री तनवीर अहमद खान ने की। इस अवसर पर एम.सी.पी.सी. के सीनियर ट्रेनर श्री शाहिद मोहम्मद विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ की गई।
प्री-लिटिगेशन स्तर पर विवादों का समाधान प्राथमिकता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विधि सक्सेना ने कहा कि न्यायालयों में बढ़ते मामलों की संख्या को कम करने के लिए प्री-लिटिगेशन स्तर पर मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का निराकरण करना आवश्यक है। इसके लिए विभिन्न समाजों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सामुदायिक मध्यस्थता का प्रशिक्षण दिया जाना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित सामुदायिक मध्यस्थ समाज में होने वाले छोटे-मोटे विवादों को आपसी बातचीत, समझ और सहमति के माध्यम से सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे विवादों को न्यायालय तक पहुंचने से पहले ही सुलझाने के अवसर बढ़ेंगे और पक्षकारों के बीच आपसी संबंध बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है।
विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों को मिलेगा प्रशिक्षण
सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों को तैयार करना है, जो अपने समुदाय में विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रभावी भूमिका निभा सकें। मध्यस्थता की प्रक्रिया में संवाद, निष्पक्षता, आपसी समझ और सहमति को विशेष महत्व दिया जाता है।
इस तरह की पहल वैकल्पिक विवाद समाधान व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में उपयोगी मानी जाती है। खासतौर पर ऐसे विवादों में, जिनका समाधान आपसी सहमति से संभव है, सामुदायिक मध्यस्थता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रथम जिला न्यायाधीश श्री इन्दु कान्त तिवारी, जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री निलेश कुमार जिरेती, समस्त न्यायाधीशगण, जिला विधिक सहायता अधिकारी सुश्री अनुपमा मुजाल्दे तथा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री एस.एन. वाघ उपस्थित रहे।
इसके अलावा एसडीएम श्रीमती पल्लवी पौराणिक, सीएसपी श्री विनोदसिंह कुशवाह, नगर निगम की उपायुक्त स्वर्णिका वर्मा, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, जिला न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी और प्रशिक्षणार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
तीन दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सामुदायिक स्तर पर विवाद समाधान की समझ विकसित करने और मध्यस्थता व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे समाज में संवाद और सहमति के आधार पर विवादों के निपटारे को बढ़ावा देने की उम्मीद है।




