Jain Samaj Newsबुरहानपुर। श्री दिगंबर जैन समाज बुरहानपुर द्वारा आयोजित आठ दिवसीय समवशरण विधान के तीसरे दिन धार्मिक उत्साह और भक्तिभाव के साथ परम पूज्य 108 मुनिश्री कुंथुसागर महाराज का अवतरण दिवस मनाया गया। 22 से 29 अक्टूबर तक आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन, अभिषेक, शांतिधारा और आरती में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। आयोजन मुनिश्री कुंथुसागर महाराज के सानिध्य एवं धीरज भय्या के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
क्षमा को बताया श्रावक का सबसे बड़ा आभूषण
समवशरण विधान के तीसरे दिन प्रवचन देते हुए मुनिश्री कुंथुसागर महाराज ने जैन धर्म में जन्म, पूजन और क्षमा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैन कुल में जन्म लेना पुण्य कर्मों के उदय का परिणाम है। वर्तमान जीवन में पूजन का विशेष महत्व है और धार्मिक साधना व्यक्ति को आत्मकल्याण की दिशा में प्रेरित करती है।
मुनिश्री ने बिना संघर्ष किए शत्रु को पराजित करने के विषय को समझाते हुए कहा कि क्षमा सबसे बड़ी शक्ति है। जैन समाज में श्रावक का सबसे बड़ा आभूषण क्षमा है। क्षमा मांगने और क्षमा करने से बड़े से बड़े शत्रु तथा समस्याओं का समाधान संभव हो सकता है। उनके प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अहिंसा, विनम्रता और सद्भाव का संदेश दिया।
अभिषेक, शांतिधारा और पूजन-अर्चन संपन्न
समवशरण विधान के अंतर्गत विधि-विधान से भगवान का पूजन-अर्चन, अभिषेक और शांतिधारा की गई। तीसरे दिन शांतिधारा करने का सौभाग्य राजेश पटवारी, अशोक ठोलिया एवं लोकेश ठोलिया परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिश्री कुंथुसागर महाराज के अवतरण दिवस पर समाजजनों ने भक्तिभाव से उनका पूजन किया और आरती कर मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।
महाराज श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य संतोष कुमार काला, फोपनार परिवार को मिला। वहीं, श्रावक सृष्टि का सौभाग्य प्रकाशचंद, कमल कुमार एवं विमल कुमार ठोलिया परिवार को प्राप्त हुआ।
प्रतिदिन हो रहे धार्मिक आयोजन
समाज के प्रमुख कार्यकर्ता महेंद्र जैन एवं प्रमोद जैन बडज्यात्या ने बताया कि आचार्य गुरुवर 108 विद्यासागर महाराज के परम शिष्य मुनिश्री कुंथुसागर महाराज के सानिध्य में विश्वशांति की भावना से समवशरण विधान आयोजित किया जा रहा है। इसमें प्रतिदिन अभिषेक, शांतिधारा, जाप, पूजन-अर्चन और सायंकाल भगवान एवं मुनिश्री की आरती की जा रही है।
द्वितीय दिवस की आरती का सौभाग्य चन्द्रकांत एवं गौरव कुमार लुहाड़िया परिवार को, जबकि तृतीय दिवस की आरती का सौभाग्य निर्मल कुमार एवं हितेश कुमार पाटनी परिवार को प्राप्त हुआ। चतुर्थ दिवस की श्रावक सृष्टि का सौभाग्य प्रमोद कुमार एवं जयेश कुमार बडज्यात्या परिवार को मिला।
महापौर माधुरी पटेल ने लिया प्रवचन का लाभ
ग्रीन पार्क स्थित पटेल नगर की भूमि पर आयोजित विधान में बुरहानपुर की महापौर माधुरी पटेल एवं पूर्व महापौर अतुल पटेल भी पहुंचे। उन्होंने मुनिश्री के प्रवचन सुने, श्रीफल अर्पित किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक आयोजन में समाजजनों की सहभागिता से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
समवशरण विधान का आयोजन 29 अक्टूबर तक जारी रहेगा। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, क्षमा, अहिंसा और विश्वशांति का संदेश दिया जा रहा है।




