Burhanpur Police Dial 112बुरहानपुर (मध्य प्रदेश)। सुरक्षा और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मध्य प्रदेश की बुरहानपुर पुलिस ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता साबित की है। थाना कोतवाली क्षेत्र में खेलते-खेलते घर का रास्ता भटकी 02 वर्षीय मासूम बच्ची को ‘डायल-112’ के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटों में सकुशल उसके परिजनों से मिला दिया।
यह घटना 15 अक्टूबर 2026 की सुबह की है, जब भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम ‘डायल-112’ को सूचना प्राप्त हुई कि मेट्रो हॉस्पिटल के पास एक दो साल की नन्हीं बच्ची अकेली घूम रही है और रास्ता भटक गई है।
सूचना मिलते ही तत्काल ग्राउंड एक्शन
कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही कोतवाली थाना क्षेत्र में तैनात एफ.आर.व्ही. (First Response Vehicle) वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। डायल-112 के सजग स्टाफ आरक्षक नीरज ठाकुर एवं पायलट दीपक चौधरी ने तुरंत घटनास्थल पर पहुँचकर बच्ची को सुरक्षित अपनी देखरेख में लिया।
मासूम उम्र कम होने के कारण अपने घर या परिजनों के बारे में कुछ भी बताने में असमर्थ थी। जवानों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आस-पास के दुकानदारों और रहवासियों से काफी पूछताछ की, लेकिन प्राथमिक स्तर पर परिजनों का कोई सुराग नहीं मिल सका।
थाने की सतर्कता और परिजनों से मिलाप
जवानों ने स्थिति को देखते हुए तुरंत संबंधित कोतवाली थाने में संपर्क किया। थाने से जानकारी मिली कि एक परिवार अपनी 2 वर्षीय गुमशुदा बच्ची की रिपोर्ट दर्ज कराने आया हुआ है। डायल-112 की टीम तुरंत बच्ची को लेकर थाने पहुँची।
थाने में बच्ची ने अपने माता-पिता को देखते ही पहचान लिया। पुलिस अधिकारियों द्वारा आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत मासूम को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। अपनी कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत पाकर परिजनों की आँखें छलक आईं और उन्होंने बुरहानपुर पुलिस व डायल-112 टीम का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया।
राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ: आधुनिक आपातकालीन सेवाएँ और बाल सुरक्षा
विश्व स्तर पर आपातकालीन त्वरित प्रतिक्रिया प्रणालियाँ (जैसे अमेरिका में 911 और यूरोप में 112) नागरिक सुरक्षा की रीढ़ मानी जाती हैं। भारत में भी ‘एक देश, एक आपातकालीन नंबर’ के तहत डायल-112 सेवा ने कानून-व्यवस्था और बाल सुरक्षा (Child Safety) के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक और त्वरित रिस्पॉन्स टाइम के बल पर इस तरह की संवेदनशील घटनाओं का त्वरित समाधान करना यह दर्शाता है कि आधुनिक पुलिसिंग न केवल अपराध नियंत्रण में, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को सहेजने और सामाजिक विश्वास कायम करने में भी बेहद कारगर साबित हो रही है।




