burhanpurmandiबुरहानपुर (एग्रीकल्चर रिपोर्टर) बुरहानपुर कृषि उपज मंडी रेणुका रोड स्थित अनाज प्रांगण में 20 मैट्रीक टन क्षमता का तौल कांटा करीब 2 साल से बंद पडा है पिछले साल भी खरीफ सीजन मे अपनी उपज मंडी लेकर आने वाले किसानों को अपनी उपज तौलने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पडा एक साल पहले मंडी प्रशासन ने इस बंद पडे तौल कांटे को शुरू करने का आश्वासन दिया था मामला सांसद ज्ञानेश्वर पाटील तक भी पहुंचा था लेकिन मंडी प्रशासन किसानो के लिए किए अपने वादे को अबतक पूरा नहीं कर सका
किसानों को फिर होगी असुविधा
अक्टूबर महीना शुरू हो गया है ऐसे में किसान अपनी खरीफ सीजन की उपज को बेचने के लिए मंडी पहुंचे जिसमें सोयाबीन सबसे अधिक है मप्र सरकार ने सोयाबीन पर भावांतर योजना भी लागू कर दी है ऐसे में मंडी में अधिक संख्या में किसान अपनी सोयाबीन की फसल लेकर पहुंचेगे लेकिन गेट के पास 20 मेट्रीक टन तौल कांटा बंद होने से एक बार फिर अन्नादाता किसानों को परेशानी का सामना करना पडेगा किसानों को अपनी उपज को तौलने के लिए कुछ कपास मंडी प्रांगण में स्थित तौल कांटा जाने के लिए मजबूर होना पडेगा
तौल कांटा में शुल्क लेने में होती है गडबडी
कपास मंडी प्रांगण में स्थित तौल कांटा में जब किसान अपनी उपज तौल कराने पहुंचते है तो अकसर किसान यहां से निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क वसूलने की शिकायत करते है इस तरफ भी मंडी प्रशासन कोई ध्यान नहीं देता
आउट सोर्स के व्दारा किया जा सकता है तौल कांटा शुरू
किसानों ने मांग कि है मंडी प्रशासन अगर चाहे तो 20 मैट्रिक टन तौल कांटे को आउट सोर्स करके किसी एजेंसी को ठेके पर भी देकर तौल कांटा शुरू किया जा सकता है लेकिन किसानों की यह मांग नक्कार खाने में तुती की तरह साबित होगी मंडी के कतिपय कर्मचारी नहीं चाहते है कि यह तौल कांटा शुरू हो क्योंकि ऐसा होने से किसानों को सुविधा तो होगी लेकिन उनकी सुविधा में खलल पैदा हो जाएगा
madhyapradesh की burhanpur मंडी में बंद कृषक भोजनालय से किसान परेशान



