– गुरुगोविंद सिंह उपनगर की छह बस्तियों से निकला आरएसएस का पथ संचलन; विभाग संपर्क प्रमुख ने धर्मांतरण, कथित लव जिहाद, जातिगत भेदभाव और सांस्कृतिक चुनौतियों पर रखे विचार।
RSS Speech Burhanpurबुरहानपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन में रविवार को संगठन की अनुशासित कदमताल के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दे भी प्रमुखता से उठे। गुरुगोविंद सिंह उपनगर की छह बस्तियों से निकले स्वयंसेवकों का शहर के विभिन्न मार्गों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। सिंधी बस्ती स्थित झूलेलाल मैदान पर समापन कार्यक्रम में खंडवा विभाग के विभाग संपर्क प्रमुख संतोष गुप्ता ने धर्मांतरण, जनसंख्या, कथित लव जिहाद, जातिगत भेदभाव और परिवार व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए केवल संगठन नहीं, बल्कि परिवार और समाज का जागरूक तथा एकजुट होना भी जरूरी है।
श्री गुप्ता ने अपने संबोधन में जनसंख्या का मुद्दा उठाते हुए परिवारों से कम से कम तीन संतान रखने की अपील की। उन्होंने ‘हम दो, हमारे दो’ की अवधारणा पर सवाल उठाए और कहा कि भविष्य में इसके सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने बुरहानपुर की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए समाज को इस विषय पर विचार करने की सलाह दी।
धर्मांतरण पर बोले—प्रलोभन देकर लोगों को प्रभावित करने का प्रयास, युवाओं को जागरूक होना होगा
मुख्य वक्ता संतोष गुप्ता ने कहा कि भारत के सामने धर्मांतरण एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भोले-भाले लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है। उनके अनुसार यह चुनौती लंबे समय से बनी हुई है। गुप्ता ने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत को कमजोर करने के प्रयास भी हो रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच युवा पीढ़ी को विशेष रूप से जागरूक रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “आज सूचना के साधन बहुत हैं, लेकिन सूचना देने वाला कितना प्रामाणिक है, यह समझना जरूरी है।” उन्होंने सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि परिवार और समाज अपनी विरासत के प्रति जागरूक रहेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियां उससे जुड़ी रहेंगी।
लव जिहाद का मुद्दा उठाया, बोले—आंखें बंद करने से चुनौतियां समाप्त नहीं होंगी
गुप्ता ने ‘लव जिहाद’ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि समाज को ऐसे विषयों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केवल भाईचारे की बातें करने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। वास्तविक परिस्थितियों को समझना और उनके प्रति जागरूक रहना भी आवश्यक है। उनका कहना था कि सत्य से लंबे समय तक मुंह मोड़कर नहीं रहा जा सकता। समाज को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए संगठित और सजग होना होगा।
मोबाइल में उलझे परिवार, सप्ताह में एक दिन साथ बैठकर चर्चा करने की सलाह
बदलती जीवनशैली और परिवारों में घटते संवाद को लेकर भी गुप्ता ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन और डिजिटल माध्यमों में व्यस्तता इतनी बढ़ गई है कि लोग अपने परिवार के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं।
उन्होंने परिवारों से सप्ताह में कम से कम एक बार साथ बैठकर चर्चा करने की अपील की। कहा कि परिवार के सदस्यों के बीच नियमित संवाद होना चाहिए। बच्चों और युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों तथा सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप को भारतीय पारिवारिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए इसे सामाजिक चिंता का विषय कहा। साथ ही बहनों और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा तथा जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की बात कही।
छह बस्तियों से निकला पथ संचलन, पुष्पवर्षा से स्वागत
इससे पहले रविवार सुबह 9 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गुरुगोविंद सिंह उपनगर की छह बस्तियों से अलग-अलग स्थानों पर पथ संचलन निकाला गया। स्वयंसेवक अनुशासित कदमताल करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।




