IAS Vivek Kumar, बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना’ को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्री विवेक कुमार ने राजस्व अधिकारियों और पटवारियों के साथ योजना की जमीनी प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। बैठक के दौरान कार्यों में गति न दिखने पर कलेक्टर ने सख्त लहजे में अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने और समयसीमा के भीतर निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।
शासन की प्राथमिकता वाली योजना, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री विवेक कुमार ने स्पष्ट किया कि ‘स्वामित्व योजना’ शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति धारकों को उनके मकान और जमीन का मालिकाना हक (अधिकार अभिलेख) प्रदान करना है, ताकि वे बैंक ऋण और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से उठा सकें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि इस योजना के क्रियान्वयन को एक अभियान के रूप में लिया जाए। सभी संबंधित अधिकारी और पटवारी एक सुव्यवस्थित और ठोस कार्य-योजना बनाकर काम करें ताकि शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किए जा सकें।
पटवारियों से वन-टू-वन चर्चा, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक के दौरान कलेक्टर ने केवल औपचारिक समीक्षा नहीं की, बल्कि प्रत्येक हलके के पटवारियों से ‘वन-टू-वन’ (एक-एक कर) सीधी बातचीत की और उनके द्वारा अब तक किए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति जानी। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में ढिलाई या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग करने के दिए आदेश
कलेक्टर ने उपस्थित एसडीएम बुरहानपुर, एसडीएम नेपानगर और अन्य वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि खुद मैदान (फील्ड) में उतरकर पटवारियों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी लगातार प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करें और आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का मौके पर ही समाधान निकालें।
बैठक में एसडीएम बुरहानपुर, एसडीएम नेपानगर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों के राजस्व अधिकारी, तहसीलदार और पटवारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




