Burhanpur Soybean Newsबुरहानपुर, मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में सोयाबीन की मंडी में अच्छी कीमतें मिलने के कारण किसानों की भावांतर योजना में पंजीयन कराने में रुचि कम दिखाई दे रही है। अब तक जिले में केवल 19 किसानों ने ही इस योजना के तहत पंजीयन कराया है। राज्य सरकार ने सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5,708 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जबकि शुरुआती दिनों में मंडियों में सोयाबीन के भाव 5,500 रुपये से लेकर 7,500 रुपये प्रति क्विंटल तक बताए जा रहे हैं। बाजार में मिल रहे इन दामों के चलते किसान फिलहाल योजना में पंजीयन को लेकर ज्यादा उत्साहित नजर नहीं आ रहे हैं।
समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिलने पर घटा रुझान
सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना शुरू की है। इस योजना का मकसद बाजार में फसल का भाव घोषित समर्थन मूल्य से कम रहने की स्थिति में किसानों को राहत देना है। कृषि विभाग के अनुसार, यदि योजना के तहत पंजीकृत किसानों की उपज का भुगतान निर्धारित समर्थन मूल्य से कम होता है, तो पात्र किसानों को अंतर की राशि का भुगतान शासन की ओर से किए जाने का प्रस्ताव है।
हालांकि, बुरहानपुर मंडी में सोयाबीन की मांग अच्छी रहने और कुछ किसानों को समर्थन मूल्य से अधिक भाव मिलने के कारण पंजीयन की रफ्तार धीमी बनी हुई है। जिले में अब तक सिर्फ 19 किसानों का पंजीयन होना कृषि विभाग के लिए भी ध्यान देने वाला विषय है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग से भाव बढ़ने की उम्मीद
अनाज व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोयाबीन की मांग बनी हुई है। बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, मंडी में अपनी उपज लेकर पहुंच रहे कुछ किसान अभी भी उन्हें मिल रहे भाव से संतुष्ट नहीं हैं और सोयाबीन के दाम कम होने की बात कह रहे हैं।
इससे स्पष्ट है कि मंडी में सोयाबीन की कीमतों को लेकर किसानों और व्यापारियों के आकलन में अंतर दिखाई दे रहा है। जहां व्यापारी मांग के आधार पर भाव में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं किसान अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की अपेक्षा कर रहे हैं।
किसानों के लिए योजना का महत्व
कृषि विभाग का कहना है कि शासन की मंशा किसानों को उनकी उपज का अधिकतम लाभ दिलाना है। ऐसे में किसानों के लिए भावांतर योजना की पात्रता, पंजीयन प्रक्रिया और भुगतान संबंधी नियमों की जानकारी रखना महत्वपूर्ण है। योजना के लाभ और शर्तों की पुष्टि करने के बाद किसान अपने लिए उपयुक्त विकल्प पर निर्णय ले सकते हैं।
बुरहानपुर में अब आने वाले दिनों में सोयाबीन के बाजार भाव और भावांतर योजना के पंजीयन की स्थिति पर नजर रहेगी। यदि मंडी में कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है, तो किसानों की योजना के प्रति रुचि में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।




