Education Newsबुरहानपुर।आज के तीव्र गति से बदलते और प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल उच्च शैक्षणिक योग्यता ही सफलता की गारंटी नहीं है। वर्तमान समय में व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता, संचार कौशल और आत्मविश्वास ही युवाओं को करियर के उच्च शिखरों पर पहुँचाने का काम करते हैं। इसी सोच और दूरदर्शिता के साथ बुरहानपुर स्थित सेवासदन शिक्षा महाविद्यालय की प्लेसमेंट सेल विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
हाल ही में महाविद्यालय परिसर में एक प्रतिष्ठित कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर पोदार लर्न स्कूल, रावेर को शैक्षणिक पदों पर चयन प्रक्रिया के लिए आमंत्रित किया गया था। इस प्लेसमेंट ड्राइव में महाविद्यालय के लगभग 60 उत्साही और योग्य विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कड़े साक्षात्कार के बाद हुआ 5 मेधावी छात्रों का चयन
चयन प्रक्रिया के दौरान संस्थान और पोदार लर्न स्कूल के विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों की शैक्षणिक योग्यता, शिक्षण शैली (Pedagogy Skill), विषय ज्ञान और साक्षात्कार कौशल का बारीकी से आकलन किया गया। कड़े और पारदर्शी साक्षात्कार दौर के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 05 विद्यार्थियों का अंतिम रूप से चयन किया गया। यह उपलब्धि न केवल चयनित विद्यार्थियों के जीवन में एक नया मोड़ लाएगी, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।
समिति और प्राध्यापकों ने दी शुभकामनाएँ
विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता और संस्थान के इस रोजगार-उन्मुख प्रयास पर सेवासदन शिक्षा समिति की अध्यक्षा श्रीमती तारिका वीरेंद्रसिंह ठाकुर एवं सचिव के.डी. पटेल ने चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित नागरिक तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने हेतु सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।”
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जगदीश आसखड़के ने प्लेसमेंट सेल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप युवाओं को रोजगार योग्य (Employable) बनाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस गरिमामय अवसर पर प्रो. नेहा चौधरी, डॉ. वैशाली जायसवाल, डॉ. शिवकुमार सेजकर, डॉ. निलिमा मौर्य, डॉ. अनीश पटेल, डॉ. राजेश काले, डॉ. सुशील माहेश्वरी, प्रो. चेतन खैरनार, प्रो. प्रीति मिश्रा एवं श्री दत्तात्रय गुरुजी विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी ने चयनित छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों के बीच, ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सीधे कैंपस से ही प्रतिष्ठित संस्थानों में शिक्षण के अवसर मिलना एक अत्यंत सकारात्मक संदेश देता है।




