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BusinessNews:स्टार्टअप समिट 2026, 11-12 जनवरी को भोपाल में

businessNews:उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाले संगठन/व्यक्तियों को किया जायेगा पुरस्कृत

दिखेगा मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 का प्रभाव
नवाचार, निवेश और रोजगार सृजन को मिलेगा नया आयाम
BusinessNewsबुरहानपुर/9 जनवरी, 2026/- मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू की गई मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य में नवाचार, उद्यमिता एवं रोजगार सृजन को गति देने की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी पहल है। यह नीति स्टार्टअप्स की संपूर्ण यात्राकृविचार से लेकर विस्तार तककृमें उन्हें वित्तीय प्रोत्साहन, परिचालन सहयोग तथा आधारभूत संरचना से जुड़े व्यापक लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसका लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख उभरते स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना है।
भोपाल में 11-12 जनवरी 2026 को आयोजित स्टार्टअप समिट के संदर्भ में यह नीति राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती को रेखांकित करती है। नीति के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप्स को मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन तंत्र के माध्यम से 30 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास पूंजी तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से क्च्प्प्ज्-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए निवेश किया जाएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को आवश्यक पूंजी समर्थन मिल सके।
स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता दी जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक क्रेडिट गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
नीति में परिचालन एवं नवाचार सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को 12 माह तक 10,000 रुपये प्रतिमाह इनक्यूबेशन प्रोत्साहन, उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु 15 लाख रुपये तक की पूर्ण प्रतिपूर्ति, तथा पेटेंट सहायता के रूप में राष्ट्रीय पेटेंट हेतु 5 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हेतु 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
अन्य प्रमुख लाभों में लीज रेंटल की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 10,000 रुपये प्रतिमाह, तीन वर्षों तक), ऑनलाइन विज्ञापन व्यय की 3 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति, तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता हेतु वित्तीय सहायता शामिल है।
रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और भविष्योन्मुखी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा हैकृजहां नवाचार को बढ़ावा, वित्त तक सरल पहुंच और स्टार्टअप्स के विस्तार एवं सफलता के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

BuisnessNews : बुरहानपुर की कृषि उपज मंडी में लगने वाला प्राकृतिक हाट बाजार लोगों को आ रहा है पसंद

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दिखेगा मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 का प्रभाव
नवाचार, निवेश और रोजगार सृजन को मिलेगा नया आयाम
BusinessNewsबुरहानपुर/9 जनवरी, 2026/- मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू की गई मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य में नवाचार, उद्यमिता एवं रोजगार सृजन को गति देने की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी पहल है। यह नीति स्टार्टअप्स की संपूर्ण यात्राकृविचार से लेकर विस्तार तककृमें उन्हें वित्तीय प्रोत्साहन, परिचालन सहयोग तथा आधारभूत संरचना से जुड़े व्यापक लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसका लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख उभरते स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना है।
भोपाल में 11-12 जनवरी 2026 को आयोजित स्टार्टअप समिट के संदर्भ में यह नीति राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती को रेखांकित करती है। नीति के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप्स को मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन तंत्र के माध्यम से 30 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास पूंजी तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से क्च्प्प्ज्-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए निवेश किया जाएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को आवश्यक पूंजी समर्थन मिल सके।
स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता दी जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक क्रेडिट गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
नीति में परिचालन एवं नवाचार सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को 12 माह तक 10,000 रुपये प्रतिमाह इनक्यूबेशन प्रोत्साहन, उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु 15 लाख रुपये तक की पूर्ण प्रतिपूर्ति, तथा पेटेंट सहायता के रूप में राष्ट्रीय पेटेंट हेतु 5 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हेतु 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
अन्य प्रमुख लाभों में लीज रेंटल की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 10,000 रुपये प्रतिमाह, तीन वर्षों तक), ऑनलाइन विज्ञापन व्यय की 3 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति, तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता हेतु वित्तीय सहायता शामिल है।
रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और भविष्योन्मुखी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा हैकृजहां नवाचार को बढ़ावा, वित्त तक सरल पहुंच और स्टार्टअप्स के विस्तार एवं सफलता के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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भोपाल में 11-12 जनवरी 2026 को आयोजित स्टार्टअप समिट के संदर्भ में यह नीति राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती को रेखांकित करती है। नीति के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप्स को मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन तंत्र के माध्यम से 30 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास पूंजी तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से क्च्प्प्ज्-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए निवेश किया जाएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को आवश्यक पूंजी समर्थन मिल सके।
स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता दी जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक क्रेडिट गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
नीति में परिचालन एवं नवाचार सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को 12 माह तक 10,000 रुपये प्रतिमाह इनक्यूबेशन प्रोत्साहन, उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु 15 लाख रुपये तक की पूर्ण प्रतिपूर्ति, तथा पेटेंट सहायता के रूप में राष्ट्रीय पेटेंट हेतु 5 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हेतु 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
अन्य प्रमुख लाभों में लीज रेंटल की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 10,000 रुपये प्रतिमाह, तीन वर्षों तक), ऑनलाइन विज्ञापन व्यय की 3 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति, तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता हेतु वित्तीय सहायता शामिल है।
रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और भविष्योन्मुखी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा हैकृजहां नवाचार को बढ़ावा, वित्त तक सरल पहुंच और स्टार्टअप्स के विस्तार एवं सफलता के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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भोपाल में 11-12 जनवरी 2026 को आयोजित स्टार्टअप समिट के संदर्भ में यह नीति राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती को रेखांकित करती है। नीति के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप्स को मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन तंत्र के माध्यम से 30 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास पूंजी तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से क्च्प्प्ज्-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए निवेश किया जाएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को आवश्यक पूंजी समर्थन मिल सके।
स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता दी जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक क्रेडिट गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
नीति में परिचालन एवं नवाचार सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को 12 माह तक 10,000 रुपये प्रतिमाह इनक्यूबेशन प्रोत्साहन, उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु 15 लाख रुपये तक की पूर्ण प्रतिपूर्ति, तथा पेटेंट सहायता के रूप में राष्ट्रीय पेटेंट हेतु 5 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हेतु 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
अन्य प्रमुख लाभों में लीज रेंटल की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 10,000 रुपये प्रतिमाह, तीन वर्षों तक), ऑनलाइन विज्ञापन व्यय की 3 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति, तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता हेतु वित्तीय सहायता शामिल है।
रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और भविष्योन्मुखी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा हैकृजहां नवाचार को बढ़ावा, वित्त तक सरल पहुंच और स्टार्टअप्स के विस्तार एवं सफलता के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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भोपाल में 11-12 जनवरी 2026 को आयोजित स्टार्टअप समिट के संदर्भ में यह नीति राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती को रेखांकित करती है। नीति के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप्स को मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन तंत्र के माध्यम से 30 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास पूंजी तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से क्च्प्प्ज्-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए निवेश किया जाएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को आवश्यक पूंजी समर्थन मिल सके।
स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता दी जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक क्रेडिट गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
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रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
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नीति में परिचालन एवं नवाचार सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को 12 माह तक 10,000 रुपये प्रतिमाह इनक्यूबेशन प्रोत्साहन, उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु 15 लाख रुपये तक की पूर्ण प्रतिपूर्ति, तथा पेटेंट सहायता के रूप में राष्ट्रीय पेटेंट हेतु 5 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हेतु 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
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रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और भविष्योन्मुखी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा हैकृजहां नवाचार को बढ़ावा, वित्त तक सरल पहुंच और स्टार्टअप्स के विस्तार एवं सफलता के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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भोपाल में 11-12 जनवरी 2026 को आयोजित स्टार्टअप समिट के संदर्भ में यह नीति राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती को रेखांकित करती है। नीति के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप्स को मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन तंत्र के माध्यम से 30 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास पूंजी तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से क्च्प्प्ज्-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए निवेश किया जाएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को आवश्यक पूंजी समर्थन मिल सके।
स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता दी जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक क्रेडिट गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
नीति में परिचालन एवं नवाचार सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को 12 माह तक 10,000 रुपये प्रतिमाह इनक्यूबेशन प्रोत्साहन, उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु 15 लाख रुपये तक की पूर्ण प्रतिपूर्ति, तथा पेटेंट सहायता के रूप में राष्ट्रीय पेटेंट हेतु 5 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हेतु 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
अन्य प्रमुख लाभों में लीज रेंटल की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 10,000 रुपये प्रतिमाह, तीन वर्षों तक), ऑनलाइन विज्ञापन व्यय की 3 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति, तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता हेतु वित्तीय सहायता शामिल है।
रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और भविष्योन्मुखी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा हैकृजहां नवाचार को बढ़ावा, वित्त तक सरल पहुंच और स्टार्टअप्स के विस्तार एवं सफलता के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

BuisnessNews : बुरहानपुर की कृषि उपज मंडी में लगने वाला प्राकृतिक हाट बाजार लोगों को आ रहा है पसंद

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दिखेगा मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 का प्रभाव
नवाचार, निवेश और रोजगार सृजन को मिलेगा नया आयाम
BusinessNewsबुरहानपुर/9 जनवरी, 2026/- मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू की गई मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य में नवाचार, उद्यमिता एवं रोजगार सृजन को गति देने की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी पहल है। यह नीति स्टार्टअप्स की संपूर्ण यात्राकृविचार से लेकर विस्तार तककृमें उन्हें वित्तीय प्रोत्साहन, परिचालन सहयोग तथा आधारभूत संरचना से जुड़े व्यापक लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसका लक्ष्य मध्यप्रदेश को देश के प्रमुख उभरते स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना है।
भोपाल में 11-12 जनवरी 2026 को आयोजित स्टार्टअप समिट के संदर्भ में यह नीति राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम की मजबूती को रेखांकित करती है। नीति के अंतर्गत पात्र स्टार्टअप्स को मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन तंत्र के माध्यम से 30 लाख रुपये तक का सीड फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

विकास पूंजी तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से क्च्प्प्ज्-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए निवेश किया जाएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को आवश्यक पूंजी समर्थन मिल सके।
स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता दी जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक क्रेडिट गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
नीति में परिचालन एवं नवाचार सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को 12 माह तक 10,000 रुपये प्रतिमाह इनक्यूबेशन प्रोत्साहन, उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु 15 लाख रुपये तक की पूर्ण प्रतिपूर्ति, तथा पेटेंट सहायता के रूप में राष्ट्रीय पेटेंट हेतु 5 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हेतु 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
अन्य प्रमुख लाभों में लीज रेंटल की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 10,000 रुपये प्रतिमाह, तीन वर्षों तक), ऑनलाइन विज्ञापन व्यय की 3 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति, तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता हेतु वित्तीय सहायता शामिल है।
रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और भविष्योन्मुखी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा हैकृजहां नवाचार को बढ़ावा, वित्त तक सरल पहुंच और स्टार्टअप्स के विस्तार एवं सफलता के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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विकास पूंजी तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन द्वारा 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप वेंचर कैपिटल फंड स्थापित किया गया है। इस फंड के माध्यम से क्च्प्प्ज्-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में वैकल्पिक निवेश कोष (AIF) के जरिए निवेश किया जाएगा, जिससे नवाचार आधारित उद्यमों को आवश्यक पूंजी समर्थन मिल सके।
स्टार्टअप्स को निवेश अथवा ऋण सहायता के रूप में 15 प्रतिशत तक (अधिकतम 15 लाख रुपये) की सहायता दी जाएगी, जबकि महिला-स्वामित्व वाले स्टार्टअप्स के लिए यह सहायता 18 प्रतिशत तक (अधिकतम 18 लाख रुपये) निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत स्टार्टअप्स को पांच वर्षों तक क्रेडिट गारंटी शुल्क की प्रतिपूर्ति तथा बैंक ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा।
नीति में परिचालन एवं नवाचार सहयोग पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत स्टार्टअप्स को 12 माह तक 10,000 रुपये प्रतिमाह इनक्यूबेशन प्रोत्साहन, उत्पाद एवं प्रोटोटाइप विकास हेतु 15 लाख रुपये तक की पूर्ण प्रतिपूर्ति, तथा पेटेंट सहायता के रूप में राष्ट्रीय पेटेंट हेतु 5 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट हेतु 20 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
अन्य प्रमुख लाभों में लीज रेंटल की 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 10,000 रुपये प्रतिमाह, तीन वर्षों तक), ऑनलाइन विज्ञापन व्यय की 3 लाख रुपये तक प्रतिपूर्ति, तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागिता हेतु वित्तीय सहायता शामिल है।
रोजगार-प्रधान विनिर्माण स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए नीति में विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है। इसमें प्रशिक्षण लागत की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, तथा तीन वर्षों तक विद्युत शुल्क में छूट एवं टैरिफ प्रतिपूर्ति शामिल है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ-साथ सतत रोजगार अवसरों का सृजन सुनिश्चित हो सके।
मध्यप्रदेश स्टार्टअप नीति 2025 राज्य सरकार की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत एक सशक्त, समावेशी और भविष्योन्मुखी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण किया जा रहा हैकृजहां नवाचार को बढ़ावा, वित्त तक सरल पहुंच और स्टार्टअप्स के विस्तार एवं सफलता के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।

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