Ashura news बुरहानपुर ।madhyapradesh के burhanpur में हर साल की तरह इस साल भी शिया मुस्लिम समुदाय shia muslim community ने मातमी जूलूस निकाला, पैगंबर मोहम्मद Muhammad साहब के नाती (नवासे) शहीदे कर्बला Karbala इमाम हुसैन की शहादत की याद में यह मातमी जूलूस निकाला जाता है शहर के इकबाल चौक में जब यह मातमी जूलूस पहुंचा, जूलूस में शामिल युवाओं के मातम के मंजर को देखकर लोग भावुक हो उठे शिया समुदाय shia muslim community के वरिष्ठ पदाधिकारी इफ्तेखार अली जानी का कहना है मोहर्रम की दस तारिख यानी Ashura आशुरे के दिन पूरे विश्व में इमाम हुसैन की याद में मातमी जूलूस निकाला जाता है उन्होंने कहा इमाम हुसैन की शहादत आज भी प्रासंगिक है, क्योंकि इमाम हुसैन को शहीद करने वाला यजीद नामक शख्स दुनिया का सबसे पहला आतंकवादी था, इस मातमी जूलूस को वर्तमान में निकालने का मकसद जुल्म, नाइंसाफी, अत्याचार, आतंकवाद की खिलाफत है वहीं मातम करने वाले युवाओं में शामिल फरहान अली का कहना है हम भी इमाम हुसैन की याद में मातम करते है उनकी कुर्बानी से हमे ताकत मिलती है
मातमी जूलूस में shia muslim community समुदाय के बच्चों से लेकर युवा बुजुर्ग शामिल हुए जूलूस में शहीदे कर्बला की याद में युवाओं ने इस कदर मातम किया कि उनके शरीर से खून निकलना शुरू हो गया , इस जूलूस में काले कपडे पहने हुए पूरूष व युवाओ ने अपने शरीर पर यातनाएं देकर मातम करते नजर आये, यह मातमी जूलूस जहां से भी गुजरा सभी की यह नजारा देखकर नजरें ठहर गई








