Food Newsबुरहानपुर बुरहानपुर शहर मप्र में ऐतिहासिक इमारतों और मुगलकालीन धरोहरों के लिए देश प्रदेश में प्रसिध्द है लेकिन अब बुरहानपुर की पहचान यहां बनने वाले खानपान से भी होने लगी है इनमें से एक है बुरहानपुर की मावा जलेबी मावा जलेबी नामक मिठाई ने शहर को न सिर्फ मप्र में बल्कि पूरे देश में एक नई पहचान दी है बुरहानपुर की मावा जलेबी अब पूरे देश में प्रसिध्द हो रही है और इसका स्वाद बुरहानपुर आऩे वाले हर देशी विदेशी सैलानी के दिल में बस जाता है
बुरहानपुर की मावा जलेबी मिठाई अपने लजीज स्वाद के लिए प्रसिध्द है इसकी खासियत यह है कि इसे मावा (खोया) और शकर से बनाया जाता है जो इसे साधारण जलेबी से अलग और ज्यादा स्वादिष्ट बनाता है इस मिठाई को शुध्द घी में तलने के बाद इसे चाशनी में डाला जाता है जिससे इसका हर टूकडा रसदार और मुलायम हो जाता है
मावा जलेबी का इतिहास मुगलकालीन इतिहास से जुडा है और मुगलों के समय से ही यहां रसोईयो ने इसे तैयार करना शुरू कर दिया था हालांकि बदलते समय के साथ साथ अब यह मिठाई बुरहानपुर के अलावा दूसरे शहरों में भी तैयार की जा रही है लेकिन विक्रेता इसे बुरहानपुर की मशहुर मावा जलेबी के नाम से ही विक्रय कर रहे है
आज बुरहानपुर की प्रसिध्द मावा जलेबी देश के कई शहरो में मशहुर हो चुकी है महाराष्ट्र के पूणे, दिल्ली मुंबई, हैद्राबाद जैसे महानगरो में बुरहानपुर की मशहुर मावा जलेबी की दुकानों का विस्तार हुआ है मावा जलेबी को तैयार करने की पारंपरिक विधि और इसका अनोखा स्वाद इसे अन्य जलेबियों से अलग और विशेष बनाता है
बुरहानपुर की मावा जलेबी को देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ स्थानीय बुरहानपुर के नागरिक भी खूब पसंद करते है बुरहानपुर के बाजारों में मावा जलेबी की दुकानों पर लोगो की रोजाना भीड देखी जा सकती है आलम यह है कि लोगो की जलेबी के प्रति बढती मांग के चलते शहर में मावा जलेबी की दुकानो का विस्तार हो रहा है मावा जलेबी के कारोबार ने छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक रूप से समृध्द किया है और यह मिठाई बुरहानपुर के पर्यटन उद्योग का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है
बुरहानपुर की प्रसिध्द मावा जलेबी अब केवल इस शहर की मिठास नही बल्कि यह शहर की पहचान भी बनती जा रही है देश भर में बुरहानपुर की मावा जलेबी की बढती लोकप्रियता के साथ बुरहानपुर शहर का नाम भी लोगो की जुबान पर गुंज रहा है अगर आप बुरहानपुर आए और यहा बनने वाली मावा जलेबी नहीं खाई तो समझो आप का बुरहानपुर आना अधूरा रहेगा लेकिन जो भी बुरहानपुर आता है वह जरूर मावा जलेबी का स्वाद चखता है और यह स्वाद उनके लिए यादगार साबित होता है




