NEPA लिमिटेड में बायलर लाइटअप के साथ उत्पादन प्रक्रिया का सफल परीक्षण, अफसरों और कर्मचारियों में उत्साह
NEPA Limitedबुरहानपुर जिले के नेपानगर में स्थित एशिया की सबसे बडी अखबारी कागज कारखाना Nepanagar Paper Mill नेपा लिमिटेड में सोमवार को बायलर लाइटअप के साथ मिल संचालन की प्रक्रिया का पुनः सफलतापूर्वक Nepanagar paper mill restart परीक्षण किया गया अरसे बाद मिल में चिमनी से उठता धुंआ और पेपर मशीन से उत्पादन शुरू होता देख अफसर कर्मचारियों के चेहरे पर अलग ही चमक देखने को मिली गौरतलब है दशकों तक करोडो रूपए की विदेशी मुद्रा की बचत करते हुए अखबारी कागज के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में इस मिल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है लंबे अंतराल के बाद मशीनों की आवाज गुंजने से मिल में कार्यरत कर्मचारी और अफसरो में हर्ष और उत्साह का वातावरण देखा गया
सोमवार को केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार डॉ. रेणुका मिश्रा तथा स्वतंत्र निदेशक सीए मिलिंद कनाडे ने नेपा लिमिटेड का दौरा कर उत्पादन प्रक्रिया एवं मिल में नवीनीकृत संयंत्रों के संचालन का निरीक्षण किया। इस दौरान अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नरेश सिंह सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
*सांसद के प्रयासों से कार्यशील पूंजी के लिए मंत्रालय से निरंतर संवाद*
मिल को पुनः पूर्ण रूप से चालू कराने के लिए क्षेत्र के सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल द्वारा केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी से निरंतर संवाद और पत्राचार किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र के माध्यम से मिल के लिए कार्यशील पूंजी पैकेज स्वीकृत कर नवजीवन देने का अनुरोध किया गया है। सांसद के साथ नेपा लिमिटेड ऑफिसर्स स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र केसरी, सचिव संजय पवार तथा अन्य पदाधिकारी भी कई बार मंत्रालय पहुंचकर मिल संचालन के लिए सहयोग की मांग कर चुके हैं। इस विषय में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी तथा केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री रामदास आठवले द्वारा हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।
*2022 में हुआ था नवीनीकृत संयंत्रों का शुभारंभ, 75 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक मिल*
23 अगस्त 2022 को तत्कालीन केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय द्वारा नवीनीकृत संयंत्रों का शुभारंभ किया गया था। लगभग 75 वर्ष के गौरवशाली इतिहास वाली यह मिल एशिया की पहली अखबारी कागज मिल मानी जाती है और वर्ष 1995 में गुलाबी समाचार पत्र कागज प्रस्तुत करने का श्रेय भी इसी मिल को प्राप्त है। यहां न्यूजप्रिंट तथा राइटिंग-प्रिंटिंग पेपर का उत्पादन किया जाता है, जिसमें अपशिष्ट कागज से तैयार लुगदी, पुराने ऑफिस पेपर तथा अन्य रिसाइकल्ड सामग्री का उपयोग किया जाता है। जन संपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने बताया कि नेपा लिमिटेड क्षेत्र का एकमात्र केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम होने के कारण इसके पुनः संचालन से आदिवासी अंचल की अर्थव्यवस्था, रोजगार और स्थानीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है तथा उत्पादन नियमित होने से कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों में नया विश्वास पैदा हुआ है।
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