Burhanpur Bank Scamबुरहानपुर (मध्यप्रदेश): मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले से बैंकिंग प्रणाली और वित्तीय सुरक्षा पर सवाल उठाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के फोपनार गांव स्थित मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखा में दो दर्जन से अधिक किसानों के खातों से कथित तौर पर 70 से 80 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित किसानों का आरोप है कि बैंक प्रबंधक और स्टाफ की मिलीभगत से उनके बचत खातों (Savings Accounts) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों से फर्जी तरीके से पैसे आहरित किए गए हैं।
बैंक प्रबंधन के रवैये से नाराज होकर पहुंचे एसपी दफ्तर
मिली जानकारी के अनुसार, धोखाधड़ी का शिकार हुए किसानों ने सबसे पहले इस विषय की शिकायत संबंधित बैंक प्रबंधन से की थी। उस समय बैंक अधिकारियों ने मामले को दबाने और बदनामी से बचने के लिए किसानों को निष्पक्ष जांच व पैसे वापस मिलने का भरोसा दिया था। हालांकि, समय बीतने के बाद भी जब बैंक द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और जांच केवल खानापूर्ति तक सीमित रही, तो किसानों का धैर्य जवाब दे गया।
परेशान और आक्रोशित पीड़ित किसान एकजुट होकर बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे। किसानों ने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई और मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उनके मेहनत की गाढ़ी कमाई तुरंत वापस दिलाई जाए और इस धोखाधड़ी में शामिल बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने दिए त्वरित जांच के आदेश
एसपी कार्यालय में मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रदीप शेंडे ने पीड़ित किसानों की गंभीर फरियाद को ध्यानपूर्वक सुना। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस पूरे प्रकरण की विस्तृत और निष्पक्ष जांच पुलिस थाना शाहपुर के थाना प्रभारी (TI) को सौंप दी है। साथ ही पुलिस प्रशासन की ओर से अविलंब जांच रिपोर्ट (Investigation Report) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। एएसपी प्रदीप शेंडे ने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वित्तीय संस्थाओं में इस प्रकार के गबन और फर्जीवाड़े की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के बैंकिंग तंत्र पर से विश्वास को डिगाती हैं।




