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Unesco :यूनेस्को की धरोहर हुआ मुगलो का बनाया खूनी भंडारा

Unesco बुरहानपुर (ईशल न्यूज एजेंसी IIN)यूनेस्को पेरिस स्थित भारत के स्थाई प्रतिनिधि मंडल ने युनेस्कों की ( World Heritage) विश्व धरोहरों की सूची में अस्थाई रूप से मप्र की छह धऱोहरों को शामिल किया है जिसमें मप्र के बुरहानपुर (Burhanpur) जिले में स्थित एक मात्र जीवित विश्वस्तर की भूमिगत जलसंरचना खुनी भंडारे का नाम भी शामिल है इस सूची में शामिल करने के लिए नगर निगम जिला प्रशासन ने 2010 से प्रयास शुरू किए थे यूनेस्कों का दल 2013 में इस धरोहर को देखने पहुंचा था अब कही जाकर(Khuni BHandara) खुनी भंडारा का नाम यूनेस्कों की अस्थाई सूची में शामिल हुआ है इसकी जानकारी मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी टिविट कर दी है
मप्र के बुरहानपुर जिले में स्थित भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की विश्व धरोहर की अस्थाई सूची में शामिल हो गया है फिलहाल इस धरोहर की देखरेख का जिम्मा स्थानीय नगर निगम व्दारा किया जा रहा है नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया 2010 में इस भूमिगत जल संरचना को यूनेस्कों की विश्व धऱोहर की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे 2013 में यूनेस्कों का दल इस संरचना को देखने पहुंचा था उनके व्दारा जो जो कमिया बताई गई थी उसे पूरा किया गया उसके बाद अब कही जाकर खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की अस्थाई विश्वधरोहर की सूची में शामिल हो गया है अब जिला प्रशासन नगर निगम प्रशासन और मप्र शासन निकट भविष्य में आने वाले देशी विदेशी सैलानियों व शोधकर्ताओं के यहां भ्रमण के लिए पहुचने की संभावनाओं को देखते हुए यहां सुविधाए जुटाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है

पढिए किसानों ने क्या लगाया टेक्समो पाईप्स कंपनी पर आरोप

इतिहास के जानकारों के अनुसार बुरहानपुर स्थित मुगलकाल में बनी भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होना हम सभी के लिए एक खुशी की बात है इतिहास के जानकार होशांग हवलदार ने बताया यह भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा मुगल शासक जहांगीर के शासन काल में उनके सिपाहसालर सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना ने निर्मित कराया इसे निर्मित कराने का मकसद ताप्ती नदी के स्थित मुगलों के शाही महल में रहने वाले राज परिवार जो ताप्ती नदी से पीने का पानी पीता था शत्रु कोई ताप्ती नदी के पानी में जहर ना मिला दे लिहाजा इस जल संरचना का निर्माण किया गया उस समय उसका नाम नहर ए खैर ए जारिया रखा गया 1615 में निर्मित खुनी भंडारा में प्रवाहित होने वाला पानी आज भी प्रवाहित हो रहा है इस पानी की शुध्दता मिनरल वाटर से भी उत्तम शुध्द है उन्होने बताया जमीन से 80 फीट नीचे गली नुमा यह संरचना की लंबाई करीब 4 किलोमीटर है 105 कुंडिया बनाई गई है इन कुंडिया से जाने वाली हवा 80 फीट नीचे बहने वाले पानी को प्रवाहित कर पंप का काम करता है अबजबकि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के बाद देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ शोधकर्ता भी अब इसे देखने और अपनी शोध करने के लिए बडी संख्या में पहुंचेगे
बुरहानपुर की बीजेपी की विधायक अर्चना चिटनीस ने यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में बुरहानपुर के ऐतिहासिक खुनी भंडार के शामिल होने पर इसे बडी उपलब्धि बताई उन्होने कहा 2006 में इसकी कल्पना की गई 2010 में इसके लिए प्रयास शुरू किए गए 2013 में यूनेस्कों की टीम निरीक्षण करने आई तो उन्होने बताया खुनी भंडारा को यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल करने के लिए यहां एप्रोच रोड नहीं है इस कमी को दूर करने के लिए हमने शासन से विशेष फंड स्वीकृत कर पहुंच मार्ग बनवाया साथ ही रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण जो पूर्णता की ओर है कराया अब स्थाई सूची में खुनी भंडारा का नाम शामिल हो और आने वाले संभावित देशी विेदेशी सैलानियों शोधार्थियों के लिए सुविधाए जुटाई जाए इस पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है

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Unesco बुरहानपुर (ईशल न्यूज एजेंसी IIN)यूनेस्को पेरिस स्थित भारत के स्थाई प्रतिनिधि मंडल ने युनेस्कों की ( World Heritage) विश्व धरोहरों की सूची में अस्थाई रूप से मप्र की छह धऱोहरों को शामिल किया है जिसमें मप्र के बुरहानपुर (Burhanpur) जिले में स्थित एक मात्र जीवित विश्वस्तर की भूमिगत जलसंरचना खुनी भंडारे का नाम भी शामिल है इस सूची में शामिल करने के लिए नगर निगम जिला प्रशासन ने 2010 से प्रयास शुरू किए थे यूनेस्कों का दल 2013 में इस धरोहर को देखने पहुंचा था अब कही जाकर(Khuni BHandara) खुनी भंडारा का नाम यूनेस्कों की अस्थाई सूची में शामिल हुआ है इसकी जानकारी मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी टिविट कर दी है
मप्र के बुरहानपुर जिले में स्थित भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की विश्व धरोहर की अस्थाई सूची में शामिल हो गया है फिलहाल इस धरोहर की देखरेख का जिम्मा स्थानीय नगर निगम व्दारा किया जा रहा है नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया 2010 में इस भूमिगत जल संरचना को यूनेस्कों की विश्व धऱोहर की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे 2013 में यूनेस्कों का दल इस संरचना को देखने पहुंचा था उनके व्दारा जो जो कमिया बताई गई थी उसे पूरा किया गया उसके बाद अब कही जाकर खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की अस्थाई विश्वधरोहर की सूची में शामिल हो गया है अब जिला प्रशासन नगर निगम प्रशासन और मप्र शासन निकट भविष्य में आने वाले देशी विदेशी सैलानियों व शोधकर्ताओं के यहां भ्रमण के लिए पहुचने की संभावनाओं को देखते हुए यहां सुविधाए जुटाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है

पढिए किसानों ने क्या लगाया टेक्समो पाईप्स कंपनी पर आरोप

इतिहास के जानकारों के अनुसार बुरहानपुर स्थित मुगलकाल में बनी भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होना हम सभी के लिए एक खुशी की बात है इतिहास के जानकार होशांग हवलदार ने बताया यह भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा मुगल शासक जहांगीर के शासन काल में उनके सिपाहसालर सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना ने निर्मित कराया इसे निर्मित कराने का मकसद ताप्ती नदी के स्थित मुगलों के शाही महल में रहने वाले राज परिवार जो ताप्ती नदी से पीने का पानी पीता था शत्रु कोई ताप्ती नदी के पानी में जहर ना मिला दे लिहाजा इस जल संरचना का निर्माण किया गया उस समय उसका नाम नहर ए खैर ए जारिया रखा गया 1615 में निर्मित खुनी भंडारा में प्रवाहित होने वाला पानी आज भी प्रवाहित हो रहा है इस पानी की शुध्दता मिनरल वाटर से भी उत्तम शुध्द है उन्होने बताया जमीन से 80 फीट नीचे गली नुमा यह संरचना की लंबाई करीब 4 किलोमीटर है 105 कुंडिया बनाई गई है इन कुंडिया से जाने वाली हवा 80 फीट नीचे बहने वाले पानी को प्रवाहित कर पंप का काम करता है अबजबकि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के बाद देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ शोधकर्ता भी अब इसे देखने और अपनी शोध करने के लिए बडी संख्या में पहुंचेगे
बुरहानपुर की बीजेपी की विधायक अर्चना चिटनीस ने यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में बुरहानपुर के ऐतिहासिक खुनी भंडार के शामिल होने पर इसे बडी उपलब्धि बताई उन्होने कहा 2006 में इसकी कल्पना की गई 2010 में इसके लिए प्रयास शुरू किए गए 2013 में यूनेस्कों की टीम निरीक्षण करने आई तो उन्होने बताया खुनी भंडारा को यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल करने के लिए यहां एप्रोच रोड नहीं है इस कमी को दूर करने के लिए हमने शासन से विशेष फंड स्वीकृत कर पहुंच मार्ग बनवाया साथ ही रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण जो पूर्णता की ओर है कराया अब स्थाई सूची में खुनी भंडारा का नाम शामिल हो और आने वाले संभावित देशी विेदेशी सैलानियों शोधार्थियों के लिए सुविधाए जुटाई जाए इस पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है

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मप्र के बुरहानपुर जिले में स्थित भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की विश्व धरोहर की अस्थाई सूची में शामिल हो गया है फिलहाल इस धरोहर की देखरेख का जिम्मा स्थानीय नगर निगम व्दारा किया जा रहा है नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया 2010 में इस भूमिगत जल संरचना को यूनेस्कों की विश्व धऱोहर की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे 2013 में यूनेस्कों का दल इस संरचना को देखने पहुंचा था उनके व्दारा जो जो कमिया बताई गई थी उसे पूरा किया गया उसके बाद अब कही जाकर खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की अस्थाई विश्वधरोहर की सूची में शामिल हो गया है अब जिला प्रशासन नगर निगम प्रशासन और मप्र शासन निकट भविष्य में आने वाले देशी विदेशी सैलानियों व शोधकर्ताओं के यहां भ्रमण के लिए पहुचने की संभावनाओं को देखते हुए यहां सुविधाए जुटाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है

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इतिहास के जानकारों के अनुसार बुरहानपुर स्थित मुगलकाल में बनी भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होना हम सभी के लिए एक खुशी की बात है इतिहास के जानकार होशांग हवलदार ने बताया यह भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा मुगल शासक जहांगीर के शासन काल में उनके सिपाहसालर सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना ने निर्मित कराया इसे निर्मित कराने का मकसद ताप्ती नदी के स्थित मुगलों के शाही महल में रहने वाले राज परिवार जो ताप्ती नदी से पीने का पानी पीता था शत्रु कोई ताप्ती नदी के पानी में जहर ना मिला दे लिहाजा इस जल संरचना का निर्माण किया गया उस समय उसका नाम नहर ए खैर ए जारिया रखा गया 1615 में निर्मित खुनी भंडारा में प्रवाहित होने वाला पानी आज भी प्रवाहित हो रहा है इस पानी की शुध्दता मिनरल वाटर से भी उत्तम शुध्द है उन्होने बताया जमीन से 80 फीट नीचे गली नुमा यह संरचना की लंबाई करीब 4 किलोमीटर है 105 कुंडिया बनाई गई है इन कुंडिया से जाने वाली हवा 80 फीट नीचे बहने वाले पानी को प्रवाहित कर पंप का काम करता है अबजबकि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के बाद देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ शोधकर्ता भी अब इसे देखने और अपनी शोध करने के लिए बडी संख्या में पहुंचेगे
बुरहानपुर की बीजेपी की विधायक अर्चना चिटनीस ने यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में बुरहानपुर के ऐतिहासिक खुनी भंडार के शामिल होने पर इसे बडी उपलब्धि बताई उन्होने कहा 2006 में इसकी कल्पना की गई 2010 में इसके लिए प्रयास शुरू किए गए 2013 में यूनेस्कों की टीम निरीक्षण करने आई तो उन्होने बताया खुनी भंडारा को यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल करने के लिए यहां एप्रोच रोड नहीं है इस कमी को दूर करने के लिए हमने शासन से विशेष फंड स्वीकृत कर पहुंच मार्ग बनवाया साथ ही रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण जो पूर्णता की ओर है कराया अब स्थाई सूची में खुनी भंडारा का नाम शामिल हो और आने वाले संभावित देशी विेदेशी सैलानियों शोधार्थियों के लिए सुविधाए जुटाई जाए इस पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है

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मप्र के बुरहानपुर जिले में स्थित भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की विश्व धरोहर की अस्थाई सूची में शामिल हो गया है फिलहाल इस धरोहर की देखरेख का जिम्मा स्थानीय नगर निगम व्दारा किया जा रहा है नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया 2010 में इस भूमिगत जल संरचना को यूनेस्कों की विश्व धऱोहर की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे 2013 में यूनेस्कों का दल इस संरचना को देखने पहुंचा था उनके व्दारा जो जो कमिया बताई गई थी उसे पूरा किया गया उसके बाद अब कही जाकर खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की अस्थाई विश्वधरोहर की सूची में शामिल हो गया है अब जिला प्रशासन नगर निगम प्रशासन और मप्र शासन निकट भविष्य में आने वाले देशी विदेशी सैलानियों व शोधकर्ताओं के यहां भ्रमण के लिए पहुचने की संभावनाओं को देखते हुए यहां सुविधाए जुटाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है

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इतिहास के जानकारों के अनुसार बुरहानपुर स्थित मुगलकाल में बनी भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होना हम सभी के लिए एक खुशी की बात है इतिहास के जानकार होशांग हवलदार ने बताया यह भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा मुगल शासक जहांगीर के शासन काल में उनके सिपाहसालर सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना ने निर्मित कराया इसे निर्मित कराने का मकसद ताप्ती नदी के स्थित मुगलों के शाही महल में रहने वाले राज परिवार जो ताप्ती नदी से पीने का पानी पीता था शत्रु कोई ताप्ती नदी के पानी में जहर ना मिला दे लिहाजा इस जल संरचना का निर्माण किया गया उस समय उसका नाम नहर ए खैर ए जारिया रखा गया 1615 में निर्मित खुनी भंडारा में प्रवाहित होने वाला पानी आज भी प्रवाहित हो रहा है इस पानी की शुध्दता मिनरल वाटर से भी उत्तम शुध्द है उन्होने बताया जमीन से 80 फीट नीचे गली नुमा यह संरचना की लंबाई करीब 4 किलोमीटर है 105 कुंडिया बनाई गई है इन कुंडिया से जाने वाली हवा 80 फीट नीचे बहने वाले पानी को प्रवाहित कर पंप का काम करता है अबजबकि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के बाद देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ शोधकर्ता भी अब इसे देखने और अपनी शोध करने के लिए बडी संख्या में पहुंचेगे
बुरहानपुर की बीजेपी की विधायक अर्चना चिटनीस ने यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में बुरहानपुर के ऐतिहासिक खुनी भंडार के शामिल होने पर इसे बडी उपलब्धि बताई उन्होने कहा 2006 में इसकी कल्पना की गई 2010 में इसके लिए प्रयास शुरू किए गए 2013 में यूनेस्कों की टीम निरीक्षण करने आई तो उन्होने बताया खुनी भंडारा को यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल करने के लिए यहां एप्रोच रोड नहीं है इस कमी को दूर करने के लिए हमने शासन से विशेष फंड स्वीकृत कर पहुंच मार्ग बनवाया साथ ही रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण जो पूर्णता की ओर है कराया अब स्थाई सूची में खुनी भंडारा का नाम शामिल हो और आने वाले संभावित देशी विेदेशी सैलानियों शोधार्थियों के लिए सुविधाए जुटाई जाए इस पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है

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मप्र के बुरहानपुर जिले में स्थित भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की विश्व धरोहर की अस्थाई सूची में शामिल हो गया है फिलहाल इस धरोहर की देखरेख का जिम्मा स्थानीय नगर निगम व्दारा किया जा रहा है नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया 2010 में इस भूमिगत जल संरचना को यूनेस्कों की विश्व धऱोहर की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे 2013 में यूनेस्कों का दल इस संरचना को देखने पहुंचा था उनके व्दारा जो जो कमिया बताई गई थी उसे पूरा किया गया उसके बाद अब कही जाकर खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की अस्थाई विश्वधरोहर की सूची में शामिल हो गया है अब जिला प्रशासन नगर निगम प्रशासन और मप्र शासन निकट भविष्य में आने वाले देशी विदेशी सैलानियों व शोधकर्ताओं के यहां भ्रमण के लिए पहुचने की संभावनाओं को देखते हुए यहां सुविधाए जुटाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है

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इतिहास के जानकारों के अनुसार बुरहानपुर स्थित मुगलकाल में बनी भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होना हम सभी के लिए एक खुशी की बात है इतिहास के जानकार होशांग हवलदार ने बताया यह भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा मुगल शासक जहांगीर के शासन काल में उनके सिपाहसालर सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना ने निर्मित कराया इसे निर्मित कराने का मकसद ताप्ती नदी के स्थित मुगलों के शाही महल में रहने वाले राज परिवार जो ताप्ती नदी से पीने का पानी पीता था शत्रु कोई ताप्ती नदी के पानी में जहर ना मिला दे लिहाजा इस जल संरचना का निर्माण किया गया उस समय उसका नाम नहर ए खैर ए जारिया रखा गया 1615 में निर्मित खुनी भंडारा में प्रवाहित होने वाला पानी आज भी प्रवाहित हो रहा है इस पानी की शुध्दता मिनरल वाटर से भी उत्तम शुध्द है उन्होने बताया जमीन से 80 फीट नीचे गली नुमा यह संरचना की लंबाई करीब 4 किलोमीटर है 105 कुंडिया बनाई गई है इन कुंडिया से जाने वाली हवा 80 फीट नीचे बहने वाले पानी को प्रवाहित कर पंप का काम करता है अबजबकि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के बाद देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ शोधकर्ता भी अब इसे देखने और अपनी शोध करने के लिए बडी संख्या में पहुंचेगे
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इतिहास के जानकारों के अनुसार बुरहानपुर स्थित मुगलकाल में बनी भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होना हम सभी के लिए एक खुशी की बात है इतिहास के जानकार होशांग हवलदार ने बताया यह भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा मुगल शासक जहांगीर के शासन काल में उनके सिपाहसालर सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना ने निर्मित कराया इसे निर्मित कराने का मकसद ताप्ती नदी के स्थित मुगलों के शाही महल में रहने वाले राज परिवार जो ताप्ती नदी से पीने का पानी पीता था शत्रु कोई ताप्ती नदी के पानी में जहर ना मिला दे लिहाजा इस जल संरचना का निर्माण किया गया उस समय उसका नाम नहर ए खैर ए जारिया रखा गया 1615 में निर्मित खुनी भंडारा में प्रवाहित होने वाला पानी आज भी प्रवाहित हो रहा है इस पानी की शुध्दता मिनरल वाटर से भी उत्तम शुध्द है उन्होने बताया जमीन से 80 फीट नीचे गली नुमा यह संरचना की लंबाई करीब 4 किलोमीटर है 105 कुंडिया बनाई गई है इन कुंडिया से जाने वाली हवा 80 फीट नीचे बहने वाले पानी को प्रवाहित कर पंप का काम करता है अबजबकि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के बाद देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ शोधकर्ता भी अब इसे देखने और अपनी शोध करने के लिए बडी संख्या में पहुंचेगे
बुरहानपुर की बीजेपी की विधायक अर्चना चिटनीस ने यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में बुरहानपुर के ऐतिहासिक खुनी भंडार के शामिल होने पर इसे बडी उपलब्धि बताई उन्होने कहा 2006 में इसकी कल्पना की गई 2010 में इसके लिए प्रयास शुरू किए गए 2013 में यूनेस्कों की टीम निरीक्षण करने आई तो उन्होने बताया खुनी भंडारा को यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल करने के लिए यहां एप्रोच रोड नहीं है इस कमी को दूर करने के लिए हमने शासन से विशेष फंड स्वीकृत कर पहुंच मार्ग बनवाया साथ ही रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण जो पूर्णता की ओर है कराया अब स्थाई सूची में खुनी भंडारा का नाम शामिल हो और आने वाले संभावित देशी विेदेशी सैलानियों शोधार्थियों के लिए सुविधाए जुटाई जाए इस पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है

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Unesco :यूनेस्को की धरोहर हुआ मुगलो का बनाया खूनी भंडारा

Unesco बुरहानपुर (ईशल न्यूज एजेंसी IIN)यूनेस्को पेरिस स्थित भारत के स्थाई प्रतिनिधि मंडल ने युनेस्कों की ( World Heritage) विश्व धरोहरों की सूची में अस्थाई रूप से मप्र की छह धऱोहरों को शामिल किया है जिसमें मप्र के बुरहानपुर (Burhanpur) जिले में स्थित एक मात्र जीवित विश्वस्तर की भूमिगत जलसंरचना खुनी भंडारे का नाम भी शामिल है इस सूची में शामिल करने के लिए नगर निगम जिला प्रशासन ने 2010 से प्रयास शुरू किए थे यूनेस्कों का दल 2013 में इस धरोहर को देखने पहुंचा था अब कही जाकर(Khuni BHandara) खुनी भंडारा का नाम यूनेस्कों की अस्थाई सूची में शामिल हुआ है इसकी जानकारी मप्र के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी टिविट कर दी है
मप्र के बुरहानपुर जिले में स्थित भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की विश्व धरोहर की अस्थाई सूची में शामिल हो गया है फिलहाल इस धरोहर की देखरेख का जिम्मा स्थानीय नगर निगम व्दारा किया जा रहा है नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया 2010 में इस भूमिगत जल संरचना को यूनेस्कों की विश्व धऱोहर की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे 2013 में यूनेस्कों का दल इस संरचना को देखने पहुंचा था उनके व्दारा जो जो कमिया बताई गई थी उसे पूरा किया गया उसके बाद अब कही जाकर खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की अस्थाई विश्वधरोहर की सूची में शामिल हो गया है अब जिला प्रशासन नगर निगम प्रशासन और मप्र शासन निकट भविष्य में आने वाले देशी विदेशी सैलानियों व शोधकर्ताओं के यहां भ्रमण के लिए पहुचने की संभावनाओं को देखते हुए यहां सुविधाए जुटाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है

पढिए किसानों ने क्या लगाया टेक्समो पाईप्स कंपनी पर आरोप

इतिहास के जानकारों के अनुसार बुरहानपुर स्थित मुगलकाल में बनी भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होना हम सभी के लिए एक खुशी की बात है इतिहास के जानकार होशांग हवलदार ने बताया यह भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा मुगल शासक जहांगीर के शासन काल में उनके सिपाहसालर सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना ने निर्मित कराया इसे निर्मित कराने का मकसद ताप्ती नदी के स्थित मुगलों के शाही महल में रहने वाले राज परिवार जो ताप्ती नदी से पीने का पानी पीता था शत्रु कोई ताप्ती नदी के पानी में जहर ना मिला दे लिहाजा इस जल संरचना का निर्माण किया गया उस समय उसका नाम नहर ए खैर ए जारिया रखा गया 1615 में निर्मित खुनी भंडारा में प्रवाहित होने वाला पानी आज भी प्रवाहित हो रहा है इस पानी की शुध्दता मिनरल वाटर से भी उत्तम शुध्द है उन्होने बताया जमीन से 80 फीट नीचे गली नुमा यह संरचना की लंबाई करीब 4 किलोमीटर है 105 कुंडिया बनाई गई है इन कुंडिया से जाने वाली हवा 80 फीट नीचे बहने वाले पानी को प्रवाहित कर पंप का काम करता है अबजबकि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के बाद देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ शोधकर्ता भी अब इसे देखने और अपनी शोध करने के लिए बडी संख्या में पहुंचेगे
बुरहानपुर की बीजेपी की विधायक अर्चना चिटनीस ने यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में बुरहानपुर के ऐतिहासिक खुनी भंडार के शामिल होने पर इसे बडी उपलब्धि बताई उन्होने कहा 2006 में इसकी कल्पना की गई 2010 में इसके लिए प्रयास शुरू किए गए 2013 में यूनेस्कों की टीम निरीक्षण करने आई तो उन्होने बताया खुनी भंडारा को यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल करने के लिए यहां एप्रोच रोड नहीं है इस कमी को दूर करने के लिए हमने शासन से विशेष फंड स्वीकृत कर पहुंच मार्ग बनवाया साथ ही रेलवे ओव्हर ब्रिज का निर्माण जो पूर्णता की ओर है कराया अब स्थाई सूची में खुनी भंडारा का नाम शामिल हो और आने वाले संभावित देशी विेदेशी सैलानियों शोधार्थियों के लिए सुविधाए जुटाई जाए इस पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है

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मप्र के बुरहानपुर जिले में स्थित भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की विश्व धरोहर की अस्थाई सूची में शामिल हो गया है फिलहाल इस धरोहर की देखरेख का जिम्मा स्थानीय नगर निगम व्दारा किया जा रहा है नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने बताया 2010 में इस भूमिगत जल संरचना को यूनेस्कों की विश्व धऱोहर की सूची में शामिल कराने के लिए प्रयास शुरू किए गए थे 2013 में यूनेस्कों का दल इस संरचना को देखने पहुंचा था उनके व्दारा जो जो कमिया बताई गई थी उसे पूरा किया गया उसके बाद अब कही जाकर खुनी भंडारे का नाम यूनेस्कों की अस्थाई विश्वधरोहर की सूची में शामिल हो गया है अब जिला प्रशासन नगर निगम प्रशासन और मप्र शासन निकट भविष्य में आने वाले देशी विदेशी सैलानियों व शोधकर्ताओं के यहां भ्रमण के लिए पहुचने की संभावनाओं को देखते हुए यहां सुविधाए जुटाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर रहा है

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इतिहास के जानकारों के अनुसार बुरहानपुर स्थित मुगलकाल में बनी भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा का नाम यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होना हम सभी के लिए एक खुशी की बात है इतिहास के जानकार होशांग हवलदार ने बताया यह भूमिगत जल संरचना खुनी भंडारा मुगल शासक जहांगीर के शासन काल में उनके सिपाहसालर सूबेदार रहे अब्दुल रहीम खानखाना ने निर्मित कराया इसे निर्मित कराने का मकसद ताप्ती नदी के स्थित मुगलों के शाही महल में रहने वाले राज परिवार जो ताप्ती नदी से पीने का पानी पीता था शत्रु कोई ताप्ती नदी के पानी में जहर ना मिला दे लिहाजा इस जल संरचना का निर्माण किया गया उस समय उसका नाम नहर ए खैर ए जारिया रखा गया 1615 में निर्मित खुनी भंडारा में प्रवाहित होने वाला पानी आज भी प्रवाहित हो रहा है इस पानी की शुध्दता मिनरल वाटर से भी उत्तम शुध्द है उन्होने बताया जमीन से 80 फीट नीचे गली नुमा यह संरचना की लंबाई करीब 4 किलोमीटर है 105 कुंडिया बनाई गई है इन कुंडिया से जाने वाली हवा 80 फीट नीचे बहने वाले पानी को प्रवाहित कर पंप का काम करता है अबजबकि यूनेस्को की विश्व धरोहर की सूची में शामिल होने के बाद देशी विदेशी सैलानियों के साथ साथ शोधकर्ता भी अब इसे देखने और अपनी शोध करने के लिए बडी संख्या में पहुंचेगे
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