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Ramdannewsबुरहानपुर (बिजनेस रिपोर्टर) बुरहानपुर में मुस्लिम धर्मावलंबियों के पवित्र माह रमजान में रोजा रखने के लिए रात्री के तिसरे पहर में किए जाने वाले भोज जिसे सहरी कहा जाता है में बडे आकार की डबल रोटी (ब्रेड) का सेवन करने की अनूठी परंपरा है कुछ लोगो के अनुसार यह परंपरा मुगलकाल से शुरू हुई है जबकि कुछ लोगो का मानना है यह यूनान से आइ परंपरा है लेकिन बुरहानपुर में यह परंपरा वर्षो पूरानी है पवित्र माह रमजान में शाम होते ही लोगो की बेकरी की दुकानों पर इस बडे आकार की डबल रोटी जिसे स्थानीय भाषा में नान कहा जाता है खऱीदने के लिए लोगो की भीड लग जाती है
पवित्र माह रमजान में रोजदारों के लिए सेहरी भोज में जो बडे आकार की डबल रोटी स्थानीय कोहिनूर बेकरी के संचालक शब्बीर हुसैन विशेष रूप से तैयार करते है इसे बनाने के लिए मैदा शकर ड्रायफ्रुट्स दूध के मिश्रण का उपयोग किया जाता है इसके बाद इसे बेक करके बाजार में बेचा जाता है बाजार में बडे आकार की डबल रोटी 10 रूपए से लेकर 50 रूपए प्रति नग उपलब्ध होती है जिसका वजन 250 ग्राम से लेकर 500 ग्राम तक होता है बेकरी संचालकों के अनुसार यह बडे आकार की डबल रोटी केवल पवित्र माह रमजान में ही तैयार की जाती है आम दिनों में इसे नही बनाया जाता रोजा रखने वाले लोगो की सेवा के लिए इस पर अधिक मुनाफा भी नहीं लिया जाता बडे आकार की डबल रोटी के दाम ऐसे होते है कि एक आम आदमी भी इसे आसानी से खरीद लेता है
पवित्र माह रमजान में रोजाना औसतन 10 हजार नग डबल रोटी की खपत


बुरहानपुर में बडे आकार की डबल रोटी केवल पवित्र माह रमजान में ही बनाई जाती है रोजा रखने के लिए की जाने वाले सेहरी भोज में लोगो की पहली पसंद बडे आकार की डबल रोटी है शाम होते ही बाजार में बेकरियों पर बडे आकार की डबल रोटी सज जाती है जानकारी के अनुसार शहर में लगभग दो दर्जन से अधिक बेकरी पर रोजाना औसतन 10 हजार नग बडे आकार की डबल रोटी की बिक्री होती है
दूसरे शहरो में भी है बुरहानपुर के बडे आकार की डबल रोटी की मांग
पवित्र माह रमजान में केवल बुरहानपुर में ही बडे आकार की डबल रोटी की परंपरा सेहरी भोज में सेवन करने की है लेकिन बुरहानपुर में तैयार होने वाले इस बडे आकार की डबल रोटी की मांग पडोसी राज्य महाराष्ट्र के जलगांव, औरंगाबाद, अमरावती बुलढाणा जिले में भी है इसके अलावा खंडवा खऱगोन और इंदौर तक भी इस बडे आकार की डबल रोटी की सप्लाई होती है
पौष्टिक और सुविधाजनक होती है बडे आकार की डबल रोटी
दरअसल बडे आकार की डबल रोटी सस्ती और काफी पौष्टिक होती है दिनभऱ भूखा प्यासा रहकर रोजा रखने वाले लोग जब सेहरी में बडे आकार की डबल रोटी का सेवन करते है तो उन्हें दिनभर भूख प्यास नहीं लगती सस्ता होने से यह हर आम आदमी की पहुंच में होता है रात के समय महिलाओं को रोटी बेलने की झंझट नहीं होती है रात के समय बडे आकार की डबल रोटी रेडी टू ईट का काम करता है लिहाजा यह ही कारण है कि पवित्र माह रमजान में इस काफी डिमांड होती है






